Indore में 500 पेटी अवैध शराब बरामद की गई है। आबकारी विभाग ने देव नगर क्षेत्र में कार्रवाई कर करीब 45 लाख रुपये की शराब से भरा आयशर वाहन पकड़ा। तस्करी नेटवर्क की जांच जारी है।
indore में 500 पेटी अवैध शराब बरामद, आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन
Indore में 500 पेटी अवैध शराब बरामद होने का बड़ा मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच इंदौर आबकारी विभाग ने दो दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में एक संदिग्ध वाहन से करीब 500 पेटी शराब बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 45 लाख रुपये बताई जा रही है।
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर इंदौर आबकारी विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई। इतनी बड़ी मात्रा में शराब की खेप मिलने के बाद विभाग अब इसके स्रोत, गंतव्य और अवैध परिवहन से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रहा है।
मामले में अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े तार सामने आने की संभावना भी जताई जा रही है। आबकारी विभाग की विस्तृत जांच जारी है।
देव नगर क्षेत्र में खड़ा था संदिग्ध वाहन
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर इंदौर आबकारी विभाग की टीम अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान देव नगर क्षेत्र में पंचमुखी हनुमान मंदिर से आरटीओ की ओर जाने वाले मार्ग पर बाईं तरफ एक संदिग्ध वाहन खड़ा दिखाई दिया।आबकारी टीम को वाहन की गतिविधि संदिग्ध लगी। संदेह के आधार पर टीम ने वाहन को रोककर उसकी तलाशी लेने का निर्णय लिया। तलाशी के दौरान वाहन में बड़ी मात्रा में शराब मिलने की बात सामने आई।
MP 09 GH 2370 आयशर वाहन से मिली शराब
आबकारी विभाग के अनुसार संदिग्ध वाहन एम बूस्टर प्लस आयशर क्रमांक MP 09 GH 2370 की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से PARIIS ROSE PREMIUM WHISKEY के 180 ML धारिता वाले पाव की लगभग 500 पेटियां बरामद की गईं।एक ही वाहन से इतनी बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने के बाद आबकारी विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है।अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि शराब की इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
45 लाख रुपये की बताई जा रही शराब की कीमत
Indore में 500 पेटी अवैध शराब बरामद होने की इस कार्रवाई में जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है।बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने के कारण यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आबकारी विभाग अब शराब के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों सहित अन्य तथ्यों की जांच कर रहा है।जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब की यह खेप किस स्थान से भेजी गई थी, इसे किसे पहुंचाया जाना था और इसके परिवहन के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
दो दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई
Indore में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। बताया जा रहा है कि यह दो दिन के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई है।लगातार हो रही कार्रवाई से साफ है कि अवैध शराब के परिवहन और बिक्री पर विभाग की नजर बनी हुई है। संदिग्ध वाहनों और गतिविधियों की जांच के दौरान यह बड़ी खेप आबकारी टीम के हाथ लगी।इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल बढ़ सकती है।
शराब के स्रोत और गंतव्य की तलाश
आबकारी विभाग की जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अब शराब के स्रोत और गंतव्य का पता लगाना है।
विभाग यह जांच कर रहा है कि करीब 500 पेटी शराब कहां से वाहन में लोड की गई थी। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस शराब को आखिर किस स्थान तक पहुंचाया जाना था।
वाहन के आवागमन, शराब की खेप और इससे जुड़े संभावित व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
क्या अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं तार?
भारी मात्रा में शराब की खेप मिलने के बाद मामले में अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क के पर्दाफाश होने की संभावना जताई जा रही है।हालांकि, नेटवर्क से जुड़े लोगों और शराब के पूरे रूट को लेकर अंतिम स्थिति विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।आबकारी विभाग इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या शराब की खेप किसी संगठित नेटवर्क के माध्यम से भेजी जा रही थी। यदि जांच में ऐसे तथ्य सामने आते हैं तो इस मामले में आगे और भी बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।इसी क्रम में इंदौर में भी अवैध शराब के परिवहन और कारोबार पर आबकारी विभाग कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में करीब 500 पेटी शराब की बरामदगी को बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
आबकारी विभाग की टीम मामले से जुड़े हर पहलू की जांच में जुटी हुई है।
वाहन की भूमिका भी जांच के दायरे में
जिस एम बूस्टर प्लस आयशर क्रमांक MP 09 GH 2370 से शराब बरामद हुई है, उससे जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है, वाहन का उपयोग इस खेप के परिवहन के लिए कैसे किया गया और इसके पीछे किन व्यक्तियों की भूमिका रही—इन सभी बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ सकती है।इसके साथ ही शराब की सप्लाई चेन तक पहुंचना भी विभाग के लिए महत्वपूर्ण होगा।
बड़ी खेप मिलने के बाद कई सवाल
इंदौर में 500 पेटी अवैध शराब की बरामदगी के बाद कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े हो रहे हैं। इतनी बड़ी मात्रा में शराब आखिर कहां से लाई गई? इसे इंदौर में ही सप्लाई किया जाना था या किसी दूसरे क्षेत्र में भेजा जा रहा था? इसके परिवहन से कितने लोग जुड़े हैं? क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है?इन सभी सवालों के जवाब आबकारी विभाग की जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।फिलहाल विभाग शराब के स्रोत, गंतव्य एवं इस अवैध परिवहन में शामिल व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत जांच कर रहा है।
इंदौर आबकारी विभाग की कार्रवाई जारी
इंदौर में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई जारी है। दो दिन के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई में करीब 500 पेटी शराब बरामद होने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इंदौर में 500 पेटी अवैध शराब बरामद होने का यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है।आने वाले समय में जांच के आधार पर शराब की खेप से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क को लेकर नई जानकारी सामने आ सकती है।फिलहाल आबकारी विभाग द्वारा शराब के स्रोत, गंतव्य और इस अवैध परिवहन में शामिल व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। मामले में विभाग की कार्रवाई जारी है।

