आठ साल बाद 300 बिस्तरीय जिला अस्पताल का शुभारंभ, लेकिन अधूरी सुविधाओं के साथ शुरू होगी सेवा
17 जुलाई को होगा औपचारिक उद्घाटन
Indore : आठ वर्षों से निर्माणाधीन 300 बिस्तरीय जिला अस्पताल का 17 जुलाई को औपचारिक रूप से शुभारंभ होने जा रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। लंबे समय से इस अस्पताल का इंतजार कर रहे मरीजों और क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि अस्पताल शुरू होने के बाद उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
हालांकि, शुभारंभ से पहले ही अस्पताल की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है और फिलहाल केवल प्रसूति (मेटरनिटी) वार्ड की शुरुआत की जाएगी। अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाओं के लिए मरीजों को अभी भी दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा।
सिर्फ प्रसूति वार्ड से होगी शुरुआत
जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई से शुरू होने वाले जिला अस्पताल में फिलहाल केवल मेटरनिटी वार्ड संचालित किया जाएगा। हृदय रोग, मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग और अन्य गंभीर बीमारियों से संबंधित मरीजों को अभी यहां पूर्ण उपचार सुविधा नहीं मिल पाएगी।
अस्पताल भवन का निर्माण अंतिम चरण में बताया जा रहा है, लेकिन कई जरूरी चिकित्सा उपकरण अभी तक उपलब्ध नहीं हुए हैं। उपकरणों की खरीदी और स्थापना की प्रक्रिया में अभी कई महीने लगने की संभावना है। ऐसे में अस्पताल का पूरी क्षमता के साथ संचालन शुरू होने में अभी समय लग सकता है।
तीन मुख्यमंत्री बदले, फिर भी पूरा नहीं हुआ काम
इस अस्पताल के निर्माण के दौरान प्रदेश में तीन मुख्यमंत्री बदल चुके हैं। इसके अलावा इंदौर जिले में करीब दस कलेक्टर भी अपनी जिम्मेदारी संभालकर जा चुके हैं। हर कार्यकाल में अस्पताल को जल्द शुरू करने के दावे किए गए और कई बार समय-सीमा भी तय की गई, लेकिन अब तक यह परियोजना पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सकी।
अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल की सेवाएं चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी। हालांकि, अन्य विभाग कब तक शुरू होंगे, इसकी स्पष्ट समय सीमा अभी सामने नहीं आई है।
मरीजों को लंबे समय से हो रही परेशानी
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अस्पताल शुरू होने में देरी का सबसे अधिक नुकसान आम मरीजों को उठाना पड़ रहा है। पश्चिम क्षेत्र के कई इलाकों के लोग छोटे और बड़े इलाज के लिए निजी अस्पतालों या दूर स्थित सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं।
नूरानी नगर, चंदन नगर, सिरपुर, बांक, द्वारकापुरी सहित कई बस्तियों के लोग इस जिला अस्पताल पर निर्भर हैं। इसके अलावा आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण भी इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं।
निजी अस्पताल तैयार, सरकारी अस्पताल अब भी अधूरा
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि पिछले आठ वर्षों में इंदौर शहर में कई निजी अस्पताल बनकर तैयार हो गए और उनका संचालन भी शुरू हो गया, लेकिन सरकारी जिला अस्पताल अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया।
लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पतालों को संचालन की अनुमति दी जाती है, लेकिन अपने ही सरकारी अस्पताल को पूरी क्षमता के साथ शुरू करने में लगातार देरी हो रही है।
मरीजों और स्थानीय नागरिकों द्वारा कई बार इस मामले में शिकायतें भी की गईं, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दिया।
पुरानी जर्जर बिल्डिंग में चल रहा था अस्पताल
जानकारी के अनुसार, करीब आठ वर्ष पहले धार रोड स्थित यह अस्पताल दुग्ध संघ की पुरानी और जर्जर बिल्डिंग में संचालित किया जा रहा था। करीब 20 वर्षों से नई अस्पताल बिल्डिंग बनाने की मांग और प्रस्ताव चल रहे थे।
कभी 300 बिस्तर तो कभी 100 बिस्तर वाले अस्पताल को लेकर योजनाएं बदलती रहीं। लंबे विचार-विमर्श के बाद आखिरकार 300 बिस्तरीय जिला अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया।
अधूरी सुविधाओं के बीच उद्घाटन पर उठे सवाल
लंबे इंतजार के बाद अस्पताल का उद्घाटन होने जा रहा है, लेकिन अधूरी सुविधाओं के साथ शुरुआत होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल तभी पूरी तरह उपयोगी होगा, जब सभी विभाग, डॉक्टर, उपकरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों।
क्षेत्रवासियों की मांग है कि अस्पताल को जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ शुरू किया जाए ताकि मरीजों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
प्रशासन का दावा, जल्द शुरू होंगी अन्य सेवाएं
अधिकारियों के अनुसार अस्पताल में सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में प्रसूति सेवाएं शुरू की जा रही हैं, इसके बाद अन्य विभागों को भी शुरू करने की योजना है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अस्पताल में मरीजों को अधिक से अधिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
लोगों को अब भी पूर्ण अस्पताल का इंतजार
300 बिस्तरीय जिला अस्पताल का उद्घाटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन लोगों की उम्मीदें इससे कहीं अधिक हैं। आठ साल के लंबे इंतजार के बाद अब जनता चाहती है कि अस्पताल केवल उद्घाटन तक सीमित न रहे, बल्कि जल्द ही पूरी सुविधाओं के साथ मरीजों के लिए उपलब्ध हो।
अस्पताल पूरी क्षमता से कब शुरू होगा, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन फिलहाल मरीजों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
