देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में आई अचानक अव्यवस्था ने देशभर में हवाई यात्रा प्रभावित कर दी है। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम सहित कई एयरपोर्टों पर फ्लाइट रद्द और देरी की वजह से हजारों यात्री घंटों फंसे रहे। देर रात दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की।
इंडिगो में स्टाफ शॉर्टेज और तकनीकी परेशानी
इंडिगो में कर्मचारियों की कमी और तकनीकी प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं के कारण उड़ानें प्रभावित हुईं। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स या तो रद्द हुईं या लेट हो गईं। एयरपोर्ट टर्मिनलों पर भारी भीड़ रही और कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानियों का जिक्र किया।
दिल्ली एयरपोर्ट ने जारी की एडवाइजरी
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI) ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि फ्लाइट से पहले स्थिति की जांच अवश्य करें। एयरपोर्ट ने अपनी वेबसाइट और एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी।

मुंबई और अन्य एयरपोर्ट पर हालात
- मुंबई एयरपोर्ट: आज सुबह 9 बजे तक 109 फ्लाइट्स रद्द हुईं। यात्रियों को सीटिंग व्यवस्था करने में मुश्किलें आईं और कई लोग फर्श पर बैठकर इंतजार करते दिखे।
- दिल्ली: 86 फ्लाइट्स रद्द, जिसमें 37 डिपार्चर और 49 अराइवल शामिल हैं।
- बेंगलुरु: 63 डिपार्चर और 61 अराइवल फ्लाइट्स रद्द।
- हैदराबाद: 69 फ्लाइट्स कैंसल, जिसमें 43 डिपार्चर और 26 अराइवल हैं।
- चेन्नई: 29 फ्लाइट्स रद्द, एयरलाइन ने यात्रियों को टर्मिनल में प्रवेश न देने की हिदायत दी।
- पुणे और अहमदाबाद: कई फ्लाइट्स रद्द और ऑपरेशन प्रभावित।
- यात्री परेशान और सोशल मीडिया पर नाराजगी
- इंदौर, जयपुर, कोच्चि और अन्य शहरों में यात्रियों ने लंबा इंतजार किया। कई यात्रियों का कहना है कि इंडिगो ऐप और काउंटर की जानकारी अलग-अलग थी।
स्टाफ इश्यू और ऑपरेशनल कारण
कर्मचारियों की अनुपस्थिति और टीम के बीच समन्वय की कमी के कारण कई फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। एयरलाइन ने कहा कि ऑपरेशन धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
सोनू सूद की अपील
अभिनेता सोनू सूद ने कहा कि यात्रियों को इंडिगो स्टाफ के साथ धैर्य और सहयोग से पेश आना चाहिए, क्योंकि वे भी इस संकट का सामना कर रहे हैं।
रेलवे ने यात्रियों की मदद की
फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण रेलवे ने 37 प्रीमियम ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच लगाए। 4 स्पेशल ट्रेनें भी चलाई गईं, ताकि प्रभावित यात्री ट्रेन से यात्रा कर सकें।
