भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट Gwalior द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सेवा और सशक्तिकरण कार्यक्रम
Gwalior: भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, ग्वालियर ने हाल ही में एक प्रेरक सेवा और सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम संगठन की मूल भावना सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों के जीवन में सहयोग और सम्मान की भावना को बढ़ावा देना था।
सेवा का प्रारंभ: फल वितरण कार्यक्रम
कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष श्रीमती ऊर्मिला नहार के मार्गदर्शन में किया गया। अंधाश्रम में दिव्यांगजनों के लिए फल वितरण किया गया, जिससे उन्हें न केवल पोषण मिला बल्कि यह समाज में करुणा और सहयोग का प्रतीक भी बना।
संगठन की सक्रिय सदस्य श्रीमती सुनीता खत्री ने अपने स्वर्गीय ससुर की पुण्यस्मृति में फल वितरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके इस कदम ने सेवा और सामाजिक प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। यह पहल यह दिखाती है कि संगठन केवल सेवा ही नहीं करता, बल्कि समाज में मानवीय मूल्यों को भी बढ़ावा देता है।
दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण पर चर्चा
Gwalior सेवा कार्य के पश्चात एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और भविष्य की सामाजिक योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक में उपस्थित वरिष्ठ पदाधिकारी थे:
- प्रदेश अध्यक्ष: श्रीमती मधु शर्मा
- संभाग अध्यक्ष: श्रीमती सरला गुप्ता
- जिला सचिव: श्री स्वराज गुप्ता
- नगर अध्यक्ष: श्रीमती प्रवेश गुर्जर
- जिला कोषाध्यक्ष: श्रीमती सुकृति गुर्जर
- सदस्य: श्रीमती नमिता जैन
बैठक में दिव्यांगजनों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक समावेशन के लिए नई पहल पर विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित सदस्यों ने संकल्प लिया कि संगठन की गतिविधियाँ निरंतर चलेंगी, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान और सहयोग मिले।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने कहा,
“सेवा ही संगठन की आत्मा है। दिव्यांगजनों के प्रति सम्मान, सहयोग और संवेदनशीलता हमारा नैतिक कर्तव्य है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं और हमें मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मैं नागदा इकाई को इस सराहनीय कार्य के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ।”
उनके इस संदेश ने कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों और नागरिकों को प्रेरित किया कि वे समाज में ऐसे कार्यों को निरंतर जारी रखें।
सदस्य संदेश: समाज के लिए प्रतिबद्धता
कार्यक्रम में संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता, और जीवनलाल जैन (चायवाले) ने भी साझा किया:
“संगठन का उद्देश्य केवल सेवा नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान और सहयोग प्रदान करना है। हम संकल्प लेते हैं कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और समाज कल्याण के कार्य निरंतर जारी रहेंगे।”
यह संदेश स्पष्ट करता है कि संगठन केवल अल्पकालिक पहल तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक बदलाव और मानवता के मार्ग पर निरंतर कार्यरत रहेगा।
कार्यक्रम का सामाजिक प्रभाव
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दिव्यांगजनों के साथ संवाद किया, उनकी आवश्यकताओं को समझा और उन्हें सहयोग का संदेश दिया। यह पहल यह दर्शाती है कि समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
बैठक में आने वाले समय में आयोजित होने वाले सामाजिक कार्यक्रमों, शिक्षा और स्वास्थ्य परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब समाज के जिम्मेदार लोग और संगठन मिलकर काम करते हैं, तो किसी भी वर्ग की समस्याओं को सुलझाना संभव है।
समापन और संकल्प
कार्यक्रम का समापन सेवा, सहयोग और समाज कल्याण के दृढ़ संकल्प के साथ किया गया। उपस्थित सभी सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि आने वाले दिनों में भी ऐसे प्रेरक और सकारात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, Gwalior का यह कार्यक्रम यह स्पष्ट करता है कि सेवा केवल देने का कार्य नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा माध्यम है जिससे समाज में मानवता, करुणा और सहयोग की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
दिव्यांगजनों के लिए आयोजित यह पहल न केवल उनकी भलाई के लिए थी, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को यह संदेश देती है कि सहयोग और संवेदनशीलता समाज का आधार हैं।
निष्कर्ष:
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, Gwalior का यह सेवा और सशक्तिकरण कार्यक्रम दिव्यांगजनों के सम्मान और समाज कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ। कार्यक्रम ने मानवता, करुणा और समाज में सहयोग की भावना को जीवंत किया और यह दिखाया कि संगठन की असली पहचान उसकी सेवा भावना में निहित है।
