विकसित भारत 2047 तक महाशक्ति के रूप में उभरेगा भारत: शिक्षक लोखंडे
शिक्षा संजीवनी कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री वितरित, करियर मार्गदर्शन के साथ संस्कारों का दिया संदेश
तिवरखेड़। जिला कलेक्टर द्वारा संचालित शिक्षा संजीवनी कार्यक्रम से प्रेरणा लेकर गेहूंबारसा हाई स्कूल में पदस्थ अतिथि शिक्षक रघुनाथ लोखंडे ने एकीकृत माध्यमिक शाला तिवरखेड़ के छात्र-छात्राओं को अध्ययन संबंधी आवश्यक सामग्री वितरित की। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना रहा।
शिक्षक रघुनाथ लोखंडे ने बताया कि कलेक्टर की शिक्षा संजीवनी पहल से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने एकीकृत माध्यमिक शाला के एक सैकड़ा से अधिक विद्यार्थियों को गणितीय सूत्रों की पुस्तक, रफ कॉपी, स्केल, पेंसिल सहित अन्य आवश्यक अध्ययन सामग्री प्रदान की। सामग्री प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक बताया।
विद्यार्थियों को दिया करियर मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक लोखंडे ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें पढ़ाई के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन और मेहनत के माध्यम से विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार भविष्य में करियर के विभिन्न अवसरों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया।
उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ अच्छे संस्कारों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। बच्चों को प्रतिदिन अपने माता-पिता के चरण स्पर्श करने, बड़ों का आदर करने तथा गुरुजनों का सम्मान करने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार और संस्कारी नागरिक बनाना भी है।

विकसित भारत के लक्ष्य की दी जानकारी
शिक्षक रघुनाथ लोखंडे ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा, कौशल, मेहनत, नवाचार और जिम्मेदार नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अध्ययन पर विशेष ध्यान देने और भविष्य में देश के विकास में योगदान देने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के भारत की नींव हैं। यदि विद्यार्थी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर अपने कौशल का विकास करें और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें, तो देश को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
विद्यालय परिवार ने जताया आभार
विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री मिलने के बाद विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। गणितीय सूत्रों की पुस्तक, रफ कॉपी, स्केल, पेंसिल सहित अन्य आवश्यक सामग्री पाकर विद्यार्थियों ने शिक्षक रघुनाथ लोखंडे का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराना शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय प्रयास है। इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ने के साथ उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। प्रधान पाठक कमलेश पवार ने विद्यार्थियों के हित में किए गए सहयोग के लिए शिक्षक रघुनाथ लोखंडे का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में डॉक्टर कुंभारे, प्रधान पाठक कमलेश पवार, शिक्षक रमेश खांडवे, द्वारका चरपे, सुरेश सिंह आहाके, सुदामा पोटफोडे सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
