INDIA ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च — दैनिक स्वराज वाणी
बाराखंभा से मंडी हाउस की ओर बढ़ा विपक्षी नेताओं का काफिला, राहुल गांधी बोले—‘यह शिवजी की बारात है, इसमें कोई भी आ सकता है’
नई दिल्ली। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों को लेकर INDIA ब्लॉक के नेताओं ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च शुरू किया। विपक्षी दलों के नेता बाराखंभा से आगे बढ़ते हुए मंडी हाउस की ओर पहुंचे। मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी दलों के कई सांसद और नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने इसे “शिवजी की बारात” बताते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।
विपक्षी नेताओं का यह मार्च ऐसे समय निकाला गया, जब मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के सांसदों की ओर से मिलने के लिए दिए गए आवेदन को स्वीकार नहीं किया। इससे पहले विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की घोषणा की थी। नेताओं का कहना है कि वे अपनी मांगों और सवालों को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से अदालत के समक्ष रखेंगे।
बाराखंभा से मंडी हाउस की ओर बढ़ा काफिला
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विपक्षी नेताओं का काफिला बाराखंभा से आगे बढ़ा और मंडी हाउस की दिशा में रवाना हुआ। मार्च में शामिल नेताओं ने अपने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारे लगाए। इस दौरान नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़े सवाल उठाए। मार्च का उद्देश्य अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराना और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचकर याचिका से जुड़े कदम उठाना बताया गया।
राहुल गांधी ने मार्च के दौरान कहा कि इस प्रदर्शन में सभी लोगों के शामिल होने की गुंजाइश है। उन्होंने इसे शिवजी की बारात से जोड़ते हुए कहा कि “यह शिवजी की बारात है, यहां कोई भी आ सकता है।” उनके इस बयान के बाद मार्च में शामिल नेताओं और समर्थकों के बीच उत्साह दिखाई दिया। विपक्षी दलों के नेता एक साथ आगे बढ़ते नजर आए।
CEC से जुड़े मामले में याचिका की तैयारी
INDIA ब्लॉक के नेताओं की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की बात कही गई है। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां जताई हैं। उनका कहना है कि इन मुद्दों पर संवैधानिक और कानूनी स्तर पर स्पष्टता जरूरी है।
नेताओं ने यह भी कहा कि चुनाव से जुड़े संस्थानों पर जनता का भरोसा लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। इसी वजह से वे अपनी शिकायतों और मांगों को अदालत के सामने रखना चाहते हैं। मार्च में शामिल दलों ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास बताया।
CJI ने मिलने का आवेदन किया था अस्वीकार
इससे पहले INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के लिए आवेदन दिया था। जस्टिस सूर्यकांत ने आवेदन स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी नागरिकों के लिए खुले हैं और अपनी बात रखने के लिए याचिका दायर की जा सकती है। अदालत में याचिकाओं पर नियमानुसार विचार किया जाता है।
मुख्य न्यायाधीश के इस जवाब के बाद विपक्षी सांसदों ने अदालत में याचिका दाखिल करने का रास्ता अपनाने की बात कही। अब नेताओं की ओर से यह संकेत दिया गया है कि वे सुप्रीम कोर्ट में औपचारिक कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी मांग रखेंगे।
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और आवाजाही पर नजर
दिल्ली में मार्च के चलते बाराखंभा, मंडी हाउस और सुप्रीम कोर्ट की ओर जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात की स्थिति पर नजर रखी गई। विपक्षी नेताओं के आगे बढ़ने के दौरान पुलिस की मौजूदगी भी रही। उपलब्ध जानकारी में मार्च के दौरान किसी बड़ी घटना या यातायात बाधित होने की विस्तृत पुष्टि नहीं दी गई है।
विपक्षी दलों के इस मार्च ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह देखना होगा कि INDIA ब्लॉक के नेता सुप्रीम कोर्ट में याचिका कब दाखिल करते हैं और अदालत इस मामले पर आगे क्या प्रक्रिया अपनाती है।
