IND vs PAK: क्या पाकिस्तान ने भारत से द्विपक्षीय सीरीज की रखी थी मांग? PCB चेयरमैन ने तोड़ी चुप्पी
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को IND vs PAK के बीच प्रस्तावित हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर पिछले कई दिनों से अनिश्चितता बनी हुई थी। पाकिस्तान द्वारा मैच खेलने से इनकार की खबरों के बाद क्रिकेट जगत में हलचल मच गई थी। हालांकि अब स्थिति साफ हो गई है और पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मुकाबला खेलने की पुष्टि कर दी है। इसी बीच यह चर्चा भी तेज हो गई थी कि क्या पाकिस्तान ने इस मैच के लिए भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज बहाल करने की शर्त रखी थी। इस पूरे विवाद पर अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी का बयान सामने आया है।
क्या पाकिस्तान ने रखी थी भारत के साथ सीरीज की मांग?
पिछले कुछ दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पाकिस्तान ने ICC के सामने कुछ शर्तें रखी थीं, जिनमें एक प्रमुख मांग भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज दोबारा शुरू करने की थी। गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज 2012–13 में खेली गई थी। इसके बाद दोनों टीमें केवल ICC और एशिया कप जैसे बहुपक्षीय टूर्नामेंटों में ही आमने-सामने हुई हैं।
हालांकि PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। 10 फरवरी को पेशावर में मीडिया से बातचीत करते हुए नकवी ने स्पष्ट कहा कि ICC प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई हालिया बैठक में भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज बहाल करने को लेकर कोई मांग नहीं रखी गई थी। उन्होंने इन खबरों को “बेबुनियाद” और “अटकलों पर आधारित” बताया।
ICC बैठक में क्या हुआ?
नकवी के अनुसार, ICC के साथ हुई बैठक का फोकस पूरी तरह बांग्लादेश से जुड़े मुद्दों पर था। उन्होंने कहा कि बैठक में भारत के साथ सीरीज या किसी अन्य राजनीतिक विषय पर चर्चा ही नहीं हुई। उनका कहना था कि पाकिस्तान की ओर से केवल बांग्लादेश के साथ हुए कथित अन्याय को उठाया गया।
नकवी ने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ यह था कि बांग्लादेश के साथ जो गलत हुआ है, उसे सामने लाया जाए और उन्हें सम्मान और न्याय दिलाया जाए। इस बैठक में हमारा कोई निजी या राजनीतिक एजेंडा नहीं था।”
उन्होंने यह भी बताया कि बांग्लादेश की ओर से रखी गई सभी मांगों को स्वीकार कर लिया गया, जिसके बाद पाकिस्तान सरकार ने 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच खेलने का फैसला लिया।
बहिष्कार से यू-टर्न तक
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से पहले यह खबर सामने आई थी कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार कर सकता है। लगभग एक सप्ताह तक इस मुद्दे पर असमंजस की स्थिति बनी रही। क्रिकेट फैंस और ICC दोनों इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले को लेकर चिंतित थे, क्योंकि भारत-पाकिस्तान मैच टूर्नामेंट का सबसे चर्चित और राजस्व की दृष्टि से अहम मुकाबला माना जाता है।
9 फरवरी की रात तक अटकलें लगाई जा रही थीं कि पाकिस्तान ने कुछ शर्तों के साथ खेलने की सहमति दी है। लेकिन अगले ही दिन पाकिस्तान सरकार ने बहिष्कार के फैसले को वापस ले लिया और मैच खेलने की पुष्टि कर दी।
बांग्लादेश का मुद्दा क्या है?
पाकिस्तान की आधिकारिक पुष्टि से कुछ ही मिनट पहले ICC ने एक बयान जारी किया था, जिसमें टी20 वर्ल्ड कप से बांग्लादेश की गैरमौजूदगी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया। ICC ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
इसके साथ ही ICC ने यह भी आश्वासन दिया कि 2028–31 चक्र के दौरान बांग्लादेश को किसी ICC टूर्नामेंट की मेजबानी सौंपी जाएगी। हालांकि इस बयान में पाकिस्तान की किसी मांग या शर्त का उल्लेख नहीं किया गया।
नकवी के मुताबिक, पाकिस्तान ने केवल यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि बांग्लादेश के साथ न्याय हो। जब ICC ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया, तब पाकिस्तान ने आगे खेलने का निर्णय लिया।
भारत-पाक मुकाबले का महत्व
भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला केवल खेल नहीं, बल्कि भावनाओं और इतिहास से जुड़ा होता है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंधों में तनाव के कारण द्विपक्षीय सीरीज लंबे समय से बंद है। ऐसे में ICC टूर्नामेंट ही वह मंच हैं, जहां दोनों टीमें आमने-सामने होती हैं।
15 फरवरी को कोलंबो में होने वाला यह मैच टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। टिकटों की मांग, प्रसारण अधिकार और विज्ञापन राजस्व—हर स्तर पर यह मैच खास महत्व रखता है।
आगे क्या?
अब जबकि PCB ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज को लेकर कोई मांग नहीं रखी गई थी, तो विवाद काफी हद तक थमता नजर आ रहा है। हालांकि भारत-पाक क्रिकेट संबंधों को लेकर भविष्य में क्या रुख अपनाया जाएगा, यह दोनों देशों की सरकारों और क्रिकेट बोर्डों के निर्णय पर निर्भर करेगा।
फिलहाल क्रिकेट फैंस की नजरें 15 फरवरी पर टिकी हैं, जब एक बार फिर मैदान पर भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी। मैदान के बाहर चाहे जितनी हलचल रही हो, लेकिन अब सभी को इस महामुकाबले का इंतजार है।
