🏏 Asia Cup 2025: IND vs PAK मैच पर बड़ा विवाद! शिवसेना का सवाल और सरकार का रुख साफ
🔴 शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे का तीखा सवाल
एशिया कप 2025 में होने वाले भारत बनाम पाकिस्तान (IND vs PAK) मैच को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने इस मैच का विरोध करते हुए सवाल उठाया कि –
“क्या यह खेल पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के बलिदान से बड़ा है?”
20 अगस्त को ठाकरे ने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया को एक पत्र लिखा और भारत-पाक मुकाबले को रोकने की मांग की। उन्होंने साथ ही पीएम मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि – “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।” ठाकरे ने सवाल किया कि “तो फिर भारतीय क्रिकेट का राजस्व और देश का खून कैसे एक साथ बह सकता है?”
📰 विपक्ष का हमला, संसद में उठी आवाजें
जैसे-जैसे एशिया कप 2025 की तारीख (14 सितंबर) नज़दीक आ रही है, विपक्षी पार्टियों का विरोध भी तेज़ हो गया है। संसद में कई नेताओं ने पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी तरह का क्रिकेट मैच न खेले जाने की मांग की। उनका कहना है कि जब सीमा पर सैनिक शहीद हो रहे हैं, तो पाकिस्तान के साथ खेलने का कोई औचित्य नहीं है।
खेल मंत्रालय का रुख: “बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट को नहीं रोक सकते”
न्यूज़ एजेंसी PTI के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, खेल मंत्रालय का कहना है कि:
- भारत और पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज़ नहीं खेलेंगे।
- पाकिस्तान की टीमों को भारत में मैच खेलने की अनुमति नहीं होगी।
- लेकिन एशिया कप, वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में टीम इंडिया हिस्सा लेगी।
खेल मंत्रालय ने साफ किया कि यह नीति भारत की ओलंपिक चार्टर से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय बाध्यताओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। यानी भारत-पाक मैच अगर किसी मल्टी-नेशनल टूर्नामेंट का हिस्सा है, तो उसे रद्द नहीं किया जा सकता।
📅 कब होगा IND vs PAK मैच?
एशिया कप 2025 के ग्रुप चरण में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत 14 सितंबर को होगी। यह मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे हाई-वोल्टेज मैच माना जा रहा है और क्रिकेट प्रेमी बेसब्री से इसका इंतजार कर रहे हैं।
⚡ निष्कर्ष (Conclusion)
एशिया कप 2025 IND vs PAK मैच सिर्फ एक क्रिकेट मुकाबला नहीं बल्कि राजनीति, कूटनीति और भावनाओं का भी हिस्सा बन गया है। जहां विपक्ष और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे इस मैच का विरोध कर रहे हैं, वहीं सरकार का कहना है कि भारत-पाकिस्तान केवल मल्टी-नेशनल टूर्नामेंट्स में ही आमने-सामने खेल सकते हैं।
अब देखना यह होगा कि 14 सितंबर का मैच सिर्फ क्रिकेट तक सीमित रहता है या फिर एक बार फिर राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता है।

