अधूरी नाली बनी हादसों का कारण, बोडखी बंधा रोड पर छात्रा फिर हुई घायल
महीनों से अधूरा पड़ा निर्माण कार्य, स्कूली बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
जयंत गोहे
ब्यूरो चीफ
स्वराज वाणी,आमला
आमला। विकास कार्यों में लापरवाही का एक और मामला नगर में सामने आया है। आमला के बोडखी बंधा रोड से मोक्षधाम जाने वाले मार्ग पर कई महीनों से अधूरी पड़ी नाली अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से यह मार्ग हादसों का खतरा बन चुका है। सबसे अधिक परेशानी इस रास्ते से रोजाना गुजरने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है।
शुक्रवार को एक बार फिर इसी मार्ग पर एक छात्रा हादसे का शिकार हो गई। 11वीं कक्षा की छात्रा के घायल होने के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाता तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था।
महीनों से अधूरा पड़ा है नाली निर्माण कार्य
स्थानीय नागरिकों के अनुसार बोडखी बंधा रोड पर नाली निर्माण का कार्य लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अभी तक इसे पूरा नहीं किया गया है। नाली बनने के बाद भी उसके आसपास की मिट्टी भराई और सड़क को व्यवस्थित करने का काम अधूरा पड़ा हुआ है।
अधूरे निर्माण के कारण सड़क पहले की अपेक्षा काफी संकरी हो गई है। एक तरफ गहरी नाली और दूसरी ओर लगातार गुजरते वाहनों के बीच पैदल चलने वालों को काफी जोखिम उठाकर निकलना पड़ता है।
स्कूली बच्चों को उठाना पड़ रहा है जोखिम
इस मार्ग से पैराडाइज स्कूल के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतिदिन आवागमन करते हैं। सुबह स्कूल जाने और दोपहर छुट्टी के समय इस सड़क पर बच्चों की भीड़ रहती है। अधूरी नाली के कारण बच्चों को संभलकर चलना पड़ता है।
कई बार बच्चे नाली के किनारे से निकलते समय फिसल जाते हैं। वहीं वाहनों की आवाजाही के बीच दुर्घटना की संभावना लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक कई बच्चे और राहगीर इस समस्या के कारण चोटिल हो चुके हैं।

लापरवाही पर लोगों में आक्रोश
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी होने के बावजूद अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों का भी इस मार्ग से आना-जाना होता है, लेकिन अधूरे निर्माण और लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
नागरिकों ने कहा कि यदि निर्माण एजेंसी द्वारा समय पर नाली का काम पूरा कर सड़क के किनारों की भराई कर दी जाती तो दुर्घटनाओं की स्थिति नहीं बनती।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे पड़े नाली निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। इसके साथ ही सड़क के दोनों किनारों की भराई कर मार्ग को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को परेशानी से राहत मिल सके।
लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही की जांच कर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
नगर पालिका अध्यक्ष ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन
इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को निर्देश देकर जल्द से जल्द अधूरा निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मार्ग को सुरक्षित बनाया जाएगा, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बार-बार हो रहे हादसों से बढ़ी चिंता
अधूरी नाली के कारण लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना होता है, लेकिन यदि अधूरे निर्माण से लोगों की जान खतरे में पड़ने लगे तो यह गंभीर लापरवाही है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और नगर पालिका इस समस्या का समाधान कितनी जल्दी करते हैं, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।
