IMD Weather Update : भारत में अप्रैल का महीना आमतौर पर बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप के लिए जाना जाता है, लेकिन इस साल मौसम ने अलग ही रूप दिखाया है। 22 अप्रैल 2026 को जारी ताजा पूर्वानुमान में India Meteorological Department ने देशभर में एक साथ कई तरह के मौसमीय बदलावों की चेतावनी दी है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश का अलर्ट है, पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में लू का प्रकोप जारी रहने वाला है।
यह एक ऐसा समय है जब देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ ठंड, बारिश, तूफान और गर्मी जैसे परस्पर विरोधी मौसम देखने को मिल रहे हैं। इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि किन-किन राज्यों में कैसा रहेगा मौसम और लोगों को किन सावधानियों की जरूरत है।
पहाड़ों में फिर लौटेगी ठंड: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल में बर्फबारी
IMD के अनुसार, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में 24 और 25 अप्रैल को मौसम अचानक बदल सकता है। यहां गरज-चमक के साथ बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का एहसास बढ़ सकता है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन इलाकों में जहां भूस्खलन या सड़क बंद होने का खतरा हो सकता है।
इसी तरह हिमाचल प्रदेश में 25 और 26 अप्रैल को इसी तरह का मौसम देखने को मिलेगा। कई ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और तेज हवाएं
पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। IMD ने असम और मेघालय में 22 से 27 अप्रैल के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चल सकती हैं।
25 अप्रैल को इन क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर 70 किमी/घंटा तक के तेज झोंके भी आ सकते हैं। इससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
इसके अलावा:
अरुणाचल प्रदेश में 25 अप्रैल को भारी बारिश
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22-23 अप्रैल को बिजली गिरने की संभावना
इन राज्यों में स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत में आंधी-तूफान
पूर्वी भारत में भी मौसम का असर तेज रहेगा। बिहार में 24 और 25 अप्रैल को आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी/घंटा तक हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में 70 किमी/घंटा तक के झोंके आ सकते हैं।
इसके अलावा:
झारखंड में 24-25 अप्रैल
ओडिशा में 22-25 अप्रैल
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 22-27 अप्रैल
इन सभी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। किसानों के लिए यह समय विशेष सावधानी का है, क्योंकि तेज हवाएं और बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
पश्चिम और दक्षिण भारत में बारिश, ओले और तेज हवाएं
मौसम का असर पश्चिम और दक्षिण भारत में भी देखने को मिलेगा। महाराष्ट्र के कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा क्षेत्रों में 22 से 25 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
23 और 24 अप्रैल को मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है।
इसके अलावा:
केरल और माहे में 22-23 अप्रैल
कर्नाटक, तेलंगाना
आंध्र प्रदेश
इन राज्यों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
लू और गर्म रातों का डबल अटैक
जहां एक ओर देश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में लू का प्रकोप जारी रहेगा।
IMD के अनुसार:
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 23-24 अप्रैल तक लू चल सकती है
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 22-25 अप्रैल तक गर्मी का असर रहेगा
इसके अलावा राजस्थान और ओडिशा में भी लू चलने की संभावना है।
कुछ क्षेत्रों में “गर्म रातें” (Warm Nights) भी दर्ज की जा सकती हैं, जहां रात के समय तापमान सामान्य से ज्यादा रहेगा, जिससे लोगों को राहत नहीं मिलेगी।
उमस भरा मौसम: तटीय इलाकों में परेशानी
तटीय क्षेत्रों में गर्मी के साथ उमस भी लोगों को परेशान कर सकती है।
गुजरात के तटीय इलाके
तमिलनाडु
कोंकण और गोवा
इन क्षेत्रों में नमी अधिक रहने के कारण तापमान और ज्यादा महसूस होगा, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
मौसम में इस बदलाव की वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मौसमीय बदलावों के पीछे कई कारण हैं। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी हो रही है, जबकि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी पूर्वी और दक्षिणी भारत में बारिश का कारण बन रही है।
दूसरी ओर, कुछ क्षेत्रों में साफ आसमान और सूखी हवाओं के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लू की स्थिति बन रही है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
ऐसे बदलते मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है:
आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें
बिजली गिरने की आशंका होने पर पेड़ों के नीचे न खड़े हों
लू के दौरान धूप में निकलने से बचें और पर्याप्त पानी पिएं
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें
किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने चाहिए
निष्कर्ष
India Meteorological Department के इस विस्तृत पूर्वानुमान से साफ है कि आने वाले कुछ दिन देशभर में मौसम के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। एक ओर जहां पहाड़ों में ठंड और बर्फबारी लौट रही है, वहीं दूसरी ओर मैदानी इलाकों में आंधी-तूफान और लू का असर जारी है।
यह स्थिति न केवल आम जनजीवन बल्कि कृषि, परिवहन और स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
आने वाले दिनों में मौसम किस दिशा में जाता है, यह काफी हद तक इन सिस्टम्स की गतिविधियों पर निर्भर करेगा, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि देश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम का मिजाज अभी स्थिर नहीं है।
