ध्वनि प्रदूषण और डीजे की तेज आवाज पर रोक लगाने की मांग, IHRCT की प्रदेश सचिव अनीता दुबे ने डिप्टी कलेक्टर जबलपुर को सौंपा पत्र
दुर्गा उत्सव के दौरान निर्धारित ध्वनि-सीमा का पालन कराने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने का आग्रह
जबलपुर, 9 अक्टूबर। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट (IHRCT) मध्यप्रदेश की ओर से ध्वनि प्रदूषण और डीजे की अत्यधिक तेज आवाज पर नियंत्रण की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट जबलपुर में डिप्टी कलेक्टर को पत्र सौंपा गया। ट्रस्ट की मध्यप्रदेश प्रदेश सचिव श्रीमती अनीता दुबे के नेतृत्व में सदस्यों ने तेज ध्वनि से आम नागरिकों के स्वास्थ्य, मानसिक शांति और जनजीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
दुर्गा उत्सव में नियमों के अनुसार हो डीजे का उपयोग
पत्र में मांग की गई कि विशेष रूप से दुर्गा उत्सव के दौरान विभिन्न समितियों द्वारा डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित ध्वनि-सीमा और प्रशासनिक नियमों के अनुरूप किया जाए।
बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हो सकती है परेशानी
पत्र में कहा गया कि अत्यधिक तेज आवाज से बच्चों, बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को परेशानी हो सकती है। तेज ध्वनि से तनाव, नींद में बाधा और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए उत्सवों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखते हुए ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।
प्रशासन से कार्रवाई का आग्रह
ट्रस्ट ने प्रशासन से आग्रह किया कि डीजे संचालकों और उत्सव समितियों को निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन करने के निर्देश दिए जाएं तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ आम नागरिकों के स्वास्थ्य, शांति और अधिकारों की भी रक्षा हो सके।
पत्र सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित
प्रदेश सचिव श्रीमती अनीता दुबे के साथ कार्यकारिणी सदस्य श्रीकांत उपरीत, श्रीमती साधना उपरीत और टेक चंद गौतम उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव का संदेश
ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और शांतिपूर्ण जीवन की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव हमारी आस्था और परंपरा के प्रतीक हैं, लेकिन आयोजन के दौरान ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि उत्सवों की खुशियां किसी बच्चे, बुजुर्ग, मरीज या आम नागरिक के लिए परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए। प्रशासन, आयोजक समितियों और नागरिकों को मिलकर जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी का संयुक्त संदेश
ट्रस्ट की संस्थापक श्रीमती मालती सुनील सिंह यादव, राष्ट्रीय सचिव शिवम तिवारी, राष्ट्रीय संयोजक डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती साधना सेठी, डॉ. हरीश शर्मा और रामवेश सिंह राजावत, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष/चेयरमैन सुरेन्द्र प्रकाश यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती मधु शर्मा, युवा विंग राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा यादव, राष्ट्रीय विधिक सलाहकार इंद्रजीत सिंह चौहान, राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर सुनील सेठिया, हेल्पलाइन प्रभारी युवराज सिंह राठौर, राष्ट्रीय मंत्री मनीष गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष सुभाषचंद्र दुबे और प्रदेश मीडिया प्रभारी जीवनलाल जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति और आयोजन समिति की भी जिम्मेदारी है।
ट्रस्ट ने सभी दुर्गा उत्सव समितियों, डीजे संचालकों और नागरिकों से निर्धारित ध्वनि-सीमा, समय-सीमा और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। साथ ही कहा कि उत्सव भक्ति, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव के साथ मनाए जाएं और बच्चों, बुजुर्गों एवं बीमारों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
