दोस्त की जान बचाने जलाशय में कूदे IGNTU छात्र की डूबने से मौत, SDRF ने रात में बरामद किया शव
संभागीय ब्यूरो प्रमुख सुनील रैदास
अमरकंटक/अनूपपुर।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) अमरकंटक के एक छात्र की दोस्त की जान बचाने के प्रयास में दर्दनाक मौत हो गई। बुधवार शाम पौड़ीकी जलाशय में हुए हादसे में बिहार निवासी बीबीए टूरिज्म द्वितीय वर्ष के छात्र आर्यन कुमार (21) ने अपने साथी को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी, लेकिन गहरे पानी और तेज बहाव के कारण वह खुद डूब गया।
इस घटना के बाद पूरे विश्वविद्यालय परिसर और छात्र समुदाय में शोक का माहौल है। छात्र आर्यन की बहादुरी और साहस की चर्चा हो रही है। साथी को बचाने के प्रयास में अपनी जान गंवाने वाले छात्र के प्रति विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने संवेदना व्यक्त की है।
दोस्त को डूबता देख आर्यन ने लगाई छलांग
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच आर्यन कुमार अपने दो दोस्तों के साथ पौड़ीकी जलाशय घूमने गया था। इसी दौरान उसका साथी उदित राज जलाशय में पानी की गहराई का अनुमान लगाने के दौरान अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।
दोस्त को संकट में देखकर आर्यन ने बिना समय गंवाए पानी में छलांग लगा दी। उसने उदित को बचाने का पूरा प्रयास किया। बताया जा रहा है कि आर्यन के प्रयास से उदित किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल हो गया, लेकिन तेज बहाव और गहराई अधिक होने के कारण आर्यन खुद पानी में डूब गया।
चार घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस तथा प्रशासन को दी गई। अमरकंटक पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तुरंत जलाशय पहुंची और छात्र की तलाश शुरू की गई।
प्रारंभिक प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बाद अनूपपुर से राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को बुलाया गया। गोताखोरों ने करीब चार घंटे तक लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया।
रात लगभग 11 बजे SDRF की टीम ने जलाशय से आर्यन कुमार का शव बाहर निकाला। शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
IGNTU का छात्र था आर्यन कुमार
अमरकंटक थाना प्रभारी एल.बी. तिवारी ने बताया कि मृतक की पहचान बिहार निवासी आर्यन कुमार के रूप में हुई है। वह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में बीबीए टूरिज्म द्वितीय वर्ष का छात्र था।
जानकारी के अनुसार, आर्यन विश्वविद्यालय में हॉस्टल आवंटन प्रक्रिया से संबंधित कार्य के लिए आया हुआ था। इसी दौरान वह अपने दोस्तों के साथ जलाशय घूमने गया था, जहां यह दुखद हादसा हो गया।
परिजनों के आने के बाद होगी पोस्टमार्टम प्रक्रिया
पुलिस ने शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक की मर्चुरी में सुरक्षित रखवा दिया है। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। उनके बिहार से अमरकंटक पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
पुलिस मामले की आवश्यक जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
विश्वविद्यालय परिसर में शोक का माहौल
छात्र आर्यन कुमार की मौत की खबर मिलने के बाद IGNTU परिसर में शोक का माहौल है। साथी छात्र और विश्वविद्यालय प्रशासन इस घटना से स्तब्ध हैं।
छात्रों ने बताया कि आर्यन मिलनसार स्वभाव का था और अपने साथियों के बीच उसकी अच्छी पहचान थी। दोस्त की जान बचाने के प्रयास में उसका बलिदान सभी को भावुक कर रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृत छात्र के परिवार के प्रति संवेदना जताई है।
जलाशयों में सावधानी बरतने की अपील
यह दुखद घटना एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान आकर्षित करती है कि जलाशयों, नदियों, बांधों और अन्य गहरे पानी वाले क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतना जरूरी है। खासकर बरसात के मौसम में पानी का स्तर तेजी से बढ़ जाता है और कई स्थानों पर बहाव भी तेज हो जाता है। ऐसे में बिना जानकारी और सुरक्षा इंतजाम के पानी में उतरना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।
अक्सर लोग प्राकृतिक स्थलों पर घूमने के दौरान पानी की गहराई और खतरे का सही अनुमान नहीं लगा पाते। कई बार थोड़ी सी लापरवाही या उत्साह में उठाया गया कदम जानलेवा साबित हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलाशयों के किनारे सतर्क रहना चाहिए और प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में ही जाना चाहिए।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से पहले सुरक्षा नियमों का पालन करें। बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों से दूर रखने की जरूरत है, जहां दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और बचाव दल को तुरंत सूचना देनी चाहिए।
सावधानी और जागरूकता अपनाकर ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। जीवन की सुरक्षा के लिए प्राकृतिक स्थलों पर जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ व्यवहार करना बेहद आवश्यक है।
