इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) में काम में लापरवाही और देरी अब बर्दाश्त नहीं की जा रही है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) डॉ. परीक्षित झाड़े ने टाउन प्लानिंग स्कीम-8 (TPS-8) में हो रही गंभीर देरी को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
डॉ. झाड़े ने खुद योजना शाखा का निरीक्षण किया और अधिकारियों तथा कर्मचारियों को फटकार लगाई। झाड़े ने साफ निर्देश दिए कि यदि अगले दो दिनों के भीतर सभी अधूरे कार्य पूरे नहीं किए गए, तो उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा। इस चेतावनी से योजना शाखा में बवाल मच गया है ।

CEO की कार्रवाई का दिखा असर :
सीईओ की कार्रवाई का असर योजना शाखा प्रभारी रचना बोचरे पर भी देखने को मिला। TPS-8 की धीमी गति पर डॉ. झाड़े ने उनको जमकर फटकार लगाई और साथ ही काम में गंभीर रहने की हिदायत दी। इसके साथ ही उनकी स्वीकृत छुट्टी को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई डॉ. झाड़े द्वारा चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान का हिस्सा है। TPS-8 के अलावा डॉ. झाड़े संपदा शाखा और भू-अर्जन शाखा का भी औचक निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान शाखा प्रभारियों को काम में तेजी लाने, लापरवाही से बचने और जिम्मेदाराना रवैया अपनाने के लिए सख्त हिदायतें दी गईं।
डॉ. झाड़े का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि आईडीए में आने वाले दिनों में काम में सुस्ती या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। TPS-8 सहित अन्य योजनाओं की समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए प्राधिकरण में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
