ICC Action: यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो पर बड़ी कार्रवाई, मैच फीस का 25% जुर्माना
कोलंबो टेस्ट में दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई थी तीखी नोकझोंक और शारीरिक संपर्क; ICC ने एक-एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया, बैन से बचे दोनों खिलाड़ी
कोलंबो। भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के दौरान भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच हुए विवाद पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने कार्रवाई की है। दोनों खिलाड़ियों को ICC Code of Conduct के Level 1 उल्लंघन का दोषी पाया गया है। ICC ने जायसवाल और फर्नांडो दोनों पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। इसके साथ दोनों के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक-एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है।
यह विवाद दूसरे टेस्ट के पहले दिन भारत की पहली पारी के दौरान हुआ था। असिथा फर्नांडो द्वारा जायसवाल को आउट करने के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच शब्दों का आदान-प्रदान हुआ और फिर उनके सिर आपस में संपर्क में आए। मामले का संज्ञान लेते हुए मैच अधिकारियों ने दोनों खिलाड़ियों पर आरोप लगाए थे।
ICC ने दोनों पर लगाया 25 प्रतिशत जुर्माना
ICC की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो को Code of Conduct के Article 2.12 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य व्यक्ति के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क से संबंधित है।
दोनों खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और एक-एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया। दोनों का पिछले 24 महीनों में कोई पिछला अपराध दर्ज नहीं था।
17वें ओवर में हुआ था विवाद
घटना भारतीय पारी के 17वें ओवर में हुई। ICC के अनुसार असिथा फर्नांडो ने यशस्वी जायसवाल को आउट किया, जिसके बाद भारतीय बल्लेबाज उनकी ओर बढ़े और दोनों के बीच शब्दों का आदान-प्रदान हुआ।
इसके बाद फर्नांडो ने अपना सिर जायसवाल की तरफ बढ़ाया और जवाब में जायसवाल भी आगे झुके, जिससे दोनों के सिर आपस में टकरा गए। इसी शारीरिक संपर्क को ICC ने अपने Code of Conduct के तहत अनुचित माना।
दोनों खिलाड़ियों ने स्वीकार की सजा
इस मामले में लंबी औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। ICC के मुताबिक जायसवाल और फर्नांडो दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और Emirates ICC Elite Panel of Match Referees के एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को भी स्वीकार कर लिया।
दोनों की सहमति के कारण मामले में औपचारिक सुनवाई नहीं हुई। मैदानी अंपायर अहसान रजा और शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, तीसरे अंपायर रॉड टकर और चौथे अंपायर प्रगीथ रामबुकवेला ने आरोप लगाए थे।
बैन नहीं, लेकिन मिला एक-एक डिमेरिट पॉइंट
यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के लिए राहत की बात यह है कि इस कार्रवाई के बाद दोनों पर किसी मैच का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। उन्हें आर्थिक जुर्माने और डिमेरिट पॉइंट की सजा मिली है।
ICC के मुताबिक Level 1 उल्लंघन के लिए आधिकारिक फटकार से लेकर मैच फीस के अधिकतम 50 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ एक या दो डिमेरिट पॉइंट भी दिए जा सकते हैं।
डिमेरिट पॉइंट किसी खिलाड़ी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में दर्ज रहते हैं। इसलिए आने वाले मैचों में खिलाड़ियों के लिए मैदान पर अपने व्यवहार को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण होगा।
पहले 24 महीनों में नहीं था कोई उल्लंघन
ICC ने अपनी आधिकारिक जानकारी में यह भी स्पष्ट किया है कि जायसवाल और फर्नांडो दोनों के खिलाफ पिछले 24 महीने की अवधि में कोई पिछला अपराध दर्ज नहीं था। इस मामले में मिला एक-एक डिमेरिट पॉइंट अब उनके रिकॉर्ड में जुड़ गया है।
ICC के नियमों के मुताबिक यदि कोई खिलाड़ी 24 महीने की अवधि में चार या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट तक पहुंचता है, तो वे सस्पेंशन पॉइंट में परिवर्तित हो सकते हैं और मैच प्रतिबंध का कारण बन सकते हैं।
दूसरे टेस्ट में आमने-सामने भारत और श्रीलंका
भारत और श्रीलंका के बीच यह दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला है। पहला टेस्ट 15 से 19 अगस्त तक गॉल में खेला गया था, जिसमें भारत ने 165 रन से जीत हासिल की थी। दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो में निर्धारित है।
ऐसे में श्रीलंका के लिए यह मुकाबला सीरीज बराबर करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है, जबकि भारतीय टीम सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरी है।
मैदान पर गर्माया था माहौल
तेज गेंदबाज और बल्लेबाज के बीच जुबानी जंग क्रिकेट में नई बात नहीं है, लेकिन जब मामला शारीरिक संपर्क तक पहुंचता है तो ICC Code of Conduct लागू हो सकता है। कोलंबो टेस्ट में जायसवाल और फर्नांडो के बीच हुई घटना भी इसी श्रेणी में आई।
ICC ने दोनों खिलाड़ियों को समान सजा देकर स्पष्ट किया कि मैदान पर अनुचित शारीरिक संपर्क स्वीकार्य नहीं है। हालांकि दोनों ने आरोप और सजा स्वीकार कर ली, जिससे विवाद को लेकर आगे किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं रही।
जायसवाल और फर्नांडो के लिए आगे क्या?
एक-एक डिमेरिट पॉइंट मिलने के बाद दोनों खिलाड़ियों को भविष्य के मुकाबलों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। फिलहाल दोनों खेलने के लिए उपलब्ध हैं और उन पर कोई मैच बैन नहीं लगाया गया है।
कोलंबो टेस्ट के दौरान हुई यह घटना अब मैदान के बाहर भी चर्चा का विषय बन गई है। ICC की कार्रवाई के बाद साफ है कि प्रतिस्पर्धा कितनी भी कड़ी क्यों न हो, खिलाड़ियों को क्रिकेट के निर्धारित आचार संहिता के दायरे में रहना होगा।
