भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर प्रदेश के शीर्ष IAS अधिकारियों के जमावड़े का गवाह बनने जा रही है। यहां 19 से 21 दिसंबर तक तीन दिवसीय IAS सर्विस मीट का आयोजन किया जाएगा। यह सालाना कार्यक्रम अफसरों को व्यस्त और नियम-कायदों से भरे रूटीन से हटकर कुछ समय आनंद और रचनात्मक गतिविधियों में बिताने का मौका देता है।
इस मीट में मध्य प्रदेश कैडर के सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का जुटान होगा—जिलों में तैनात सहायक कलेक्टर, कलेक्टर, संभागायुक्त, मंत्रालय के प्रमुख सचिव व मुख्य सचिव तक सभी इसमें भाग लेंगे। यह आयोजन हर साल अधिकारियों के लिए विशेष उत्सुकता का विषय रहता है।
कला, खेल और मनोरंजन का संगम:
तीन दिवसीय कार्यक्रम में अधिकारियों को अपने छिपे कौशल और कला का प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। इसमें संगीत, गायन, नृत्य, खेल और अन्य रचनात्मक प्रस्तुतियां शामिल रहेंगी। दिन-रात फाइलों और ई-ऑफिस सिस्टम में उलझे रहने वाले ये अफसर मीट के दौरान एक बिल्कुल अलग रूप में नजर आएंगे।
क्यों खास है यह आयोजन?
IAS सर्विस मीट का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों के बीच आपसी संवाद, सहयोग और सौहार्द बढ़ाना है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात अधिकारियों को एक अनौपचारिक माहौल में मिलकर बातचीत करने और अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे आयोजन न सिर्फ व्यक्तिगत संबंधों को मजबूत बनाते हैं, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी बेहतर समन्वय लाने में मदद करते हैं।
मध्यप्रदेश IAS एसोसिएशन ने इस आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह मीट अफसरों के लिए अपने आपको तरोताजा करने और टीम भावना को और मजबूत करने का अवसर लेकर आती है।
