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क्यों सिर्फ कोलकाता ऑफिस? I-PAC रेड को लेकर अभिषेक बनर्जी ने उठाए सवाल

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Published On: 13 January 2026
I-PAC Raid Controversy: Abhishek Banerjee Alleges ED Came to Steal Data, Not Investigate
— I-PAC Raid Controversy: Abhishek Banerjee Alleges ED Came to Steal Data, Not Investigate

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पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखे हमले किए हैं। हालिया बयान में अभिषेक बनर्जी ने न सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के कामकाज के तरीके पर तंज कसा, बल्कि चुनावी रणनीतिकार संस्था I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी) के कोलकाता कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

पीएम मोदी पर तंज: “देश के सबसे बड़े कंटेंट क्रिएटर”

अभिषेक बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “देश का सबसे बड़ा कंटेंट क्रिएटर” बताते हुए कहा कि उनका हर सार्वजनिक कदम केवल पीआर और इमेज बिल्डिंग के लिए होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का पूरा राजनीतिक स्टाइल कंटेंट और प्रचार पर आधारित है।
अभिषेक के शब्दों में, “मुझे लगता है कि हमारे प्रधानमंत्री देश के सबसे बड़े कंटेंट क्रिएटर हैं। वह जो कुछ भी करते हैं, वह पीआर के लिए होता है। कभी वह पतंग उड़ाते हैं, कभी मंदिर में दर्शन करते हैं, कभी कार में घूमते नजर आते हैं। हर गतिविधि को कैमरे के सामने लाया जाता है। क्या यह सब कंटेंट नहीं है?”

उन्होंने आगे कहा कि देश के गंभीर मुद्दों—जैसे बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं और संघीय ढांचे पर हमले—से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के प्रतीकात्मक आयोजनों और विजुअल्स का इस्तेमाल किया जाता है। अभिषेक बनर्जी का आरोप है कि प्रधानमंत्री की छवि एक “ब्रांड” की तरह बनाई जा रही है, जबकि जमीनी समस्याओं पर ठोस चर्चा और समाधान की कमी है।

I-PAC ऑफिस पर ED रेड को लेकर सवाल

प्रधानमंत्री पर तंज के साथ-साथ अभिषेक बनर्जी ने I-PAC के कोलकाता कार्यालय पर हुई ED की रेड को भी राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि I-PAC पर किसी तरह की अनियमितता का आरोप है, तो केवल कोलकाता ऑफिस पर ही छापा क्यों मारा गया, जबकि I-PAC के अन्य शहरों—जैसे दिल्ली और हैदराबाद—में भी कार्यालय मौजूद हैं।

अभिषेक बनर्जी ने कहा, “अगर किसी कंपनी पर रेड होती है, तो उसके सभी डायरेक्टर्स और सभी ऑफिस जांच के दायरे में आने चाहिए। I-PAC के तीन डायरेक्टर हैं, लेकिन न तो तीनों डायरेक्टर्स पर कार्रवाई हुई और न ही अन्य ऑफिसों पर। सिर्फ कोलकाता ऑफिस को निशाना बनाया गया। इससे साफ है कि एजेंसियां जांच के लिए नहीं, बल्कि डराने और डेटा चुराने आई थीं।”

उनका आरोप है कि पिछले तीन वर्षों में इस मामले में न तो कोई समन जारी हुआ और न ही किसी तरह की औपचारिक पूछताछ हुई। ऐसे में अचानक चुनाव से पहले छापेमारी होना संदेह पैदा करता है।

“डेटा चुराने आई थी ED”

अभिषेक बनर्जी ने ED की कार्रवाई को लेकर और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां जांच के नाम पर विपक्षी दलों और उनके सहयोगियों का डेटा हासिल करने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने कहा, “अगर ED का लॉजिक यह है कि I-PAC ने कोई गैर-कानूनी काम किया है, तो उसके सभी ऑफिस पर रेड होनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि वे रेड करने नहीं आए थे, वे हमारा डेटा चुराने आए थे।”

TMC नेता का कहना है कि चुनावी रणनीति, मतदाता विश्लेषण और राजनीतिक डेटा किसी भी पार्टी के लिए बेहद अहम होता है, और उसे हासिल करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

“BJP के खिलाफ लड़ने वाला चोर है?”

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में जो कोई भी BJP के खिलाफ खड़ा होता है, उसे चोर या अपराधी करार दिया जाता है, जबकि BJP में शामिल होते ही वही लोग “क्लीन चिट” पा जाते हैं।
उन्होंने कहा, “जो लोग BJP में शामिल हो गए, उन्हें सब माफ है। लेकिन जो BJP के खिलाफ लड़ रहा है, वह चोर है? क्या यही लोकतंत्र है?”

उन्होंने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार परेशान किया गया। “मुझे टॉर्चर किया गया, मेरे बच्चों को एयरपोर्ट पर रोका गया, मेरे परिवार को परेशान किया गया। क्या BJP सोचती है कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए TMC को डराया जा सकता है?”

ममता बनर्जी की लाइन पर अभिषेक

अभिषेक बनर्जी के ये बयान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस लाइन को आगे बढ़ाते दिखते हैं, जिसमें वह लगातार केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाती रही हैं। ममता बनर्जी पहले भी कई बार ED, CBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियों पर विपक्षी दलों को डराने और चुनाव से पहले राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगा चुकी हैं।

हाल ही में I-PAC रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने की चर्चा भी राजनीतिक हलकों में गर्म है। TMC का कहना है कि वह कानूनी लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक स्तर पर भी इन मुद्दों को जनता के सामने रखेगी।

चुनावी माहौल में बयानबाजी तेज

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हों, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति और बयानबाजी तेज कर दी है। TMC जहां खुद को केंद्र की “तानाशाही” के खिलाफ खड़ा बताने की कोशिश कर रही है, वहीं BJP राज्य में कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और घोटालों के मुद्दे उठाकर ममता सरकार को घेरने में लगी है।

अभिषेक बनर्जी के इस बयान को चुनावी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है, जिसमें TMC अपने को एक ऐसी पार्टी के रूप में पेश करना चाहती है, जो केंद्र की ताकतवर सरकार और एजेंसियों के दबाव के बावजूद झुकने को तैयार नहीं है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, अभिषेक बनर्जी के बयान ने एक बार फिर केंद्र बनाम राज्य और BJP बनाम TMC की सियासी लड़ाई को तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “कंटेंट क्रिएटर” बताने वाला तंज हो या I-PAC पर ED की रेड को लेकर लगाए गए आरोप—इन सबने बंगाल की राजनीति में नई गर्मी पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन आरोप-प्रत्यारोपों का चुनावी माहौल और मतदाताओं पर क्या असर पड़ता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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