Damoh: वेतन न मिलने पर आउटसोर्स कर्मचारियों ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी, त्योहार से पहले भुगतान की माँग
जिला अस्पताल के कर्मचारियों को 6 से 9 माह से नहीं मिला वेतन; कलेक्टर के आदेश के बावजूद भुगतान न होने का आरोप
Damoh, कोमल अहिरवार (जिला ब्यूरो चीफ)।
शासकीय चिकित्सालय दमोह में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। ऑपरेटर, वार्डबॉय, सफाई कर्मचारी, गार्ड, चपरासी, ड्राइवर सहित सभी कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले 6 से 9 माह से वेतन नहीं मिला है।
परिवारों के सामने संकट
कर्मचारियों के अनुसार वेतन न मिलने से उनके परिवार गंभीर स्थिति में हैं। कई गरीब परिवारों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है और दुकानदारों ने उधार किराना देना बंद कर दिया है। त्योहार सिर पर हैं, लेकिन वेतन का कोई पता नहीं है।
कलेक्टर के आदेश के बाद भी भुगतान नहीं
कर्मचारियों का कहना है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से कई बार निवेदन करते नौ माह बीत गए। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को ज्ञापन सौंपा। आरोप है कि कलेक्टर ने सीएमएचओ और सिविल सर्जन को वेतन भुगतान का आदेश दिया, लेकिन आज तक भुगतान नहीं हुआ।

“कंपनी करेगी भुगतान” कहकर टालने का आरोप
आउटसोर्स कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष विनोद अहिरवार ने बताया कि कलेक्टर का आदेश लेकर वे सीएमएचओ और सिविल सर्जन के पास गए तो उनसे कहा गया कि वे आउटसोर्स कर्मचारी हैं और भुगतान उनकी कंपनी करेगी। कंपनी के पास जाने पर जवाब मिलता है कि अभी बजट नहीं आया। उनका आरोप है कि निजी कंपनी और सरकारी अधिकारी मिलकर उनका शोषण कर रहे हैं। श्रम विभाग ने भी दोनों को लिखित आदेश जारी किया, लेकिन उसका भी पालन नहीं हुआ।
त्योहार से पहले भुगतान की माँग
जिले के सभी आउटसोर्स कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि वेतन, एरियर्स और बोनस का भुगतान त्योहार से पहले नहीं हुआ, तो वे भूख हड़ताल करेंगे।
संवाददाता का प्रयास: अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका
संवाददाता के अनुसार, सुबह 11:45 बजे सीएमएचओ डॉ. राकेश राय को फोन किया गया, जो नहीं उठा। पाँच मिनट बाद एक नंबर से कॉल आया, जिस पर महिला ने खुद को डॉ. राय के क्लिनिक से बताया। वेतन के बारे में पूछने पर उसने फोन काट दिया। सिविल सर्जन प्रहलाद पटेल ने भी फोन नहीं उठाया। इस कारण अधिकारियों का पक्ष नहीं मिल सका।
