जरूरतमंद की मदद और मानव सेवा ही सच्ची माधव सेवा : वैभव जैन
संवाददाता : वैभव जैन मस्ताना
सिलवानी (रायसेन)। समाज में सेवा के अनेक रूप हैं, लेकिन सबसे श्रेष्ठ सेवा वह मानी जाती है जो किसी जरूरतमंद के जीवन में खुशियां और उम्मीद लेकर आए। मानव सेवा को ही ईश्वर की सच्ची आराधना मानते हुए सामाजिक कार्यकर्ता, मीडियाकर्मी, क्षेत्रीय विकास परिषद के प्रवक्ता एवं वैश्य महासम्मेलन के जिला कार्यालय मंत्री वैभव जैन (मस्ताना) ने सिलवानी क्षेत्र के साइनखेड़ा स्थित गरीब बस्ती में जरूरतमंद बच्चों के बीच नए वस्त्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद की सहायता करना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवता का सबसे बड़ा धर्म है।
मानव सेवा को बताया सबसे बड़ा धर्म
वैभव जैन ने कहा कि समाज में अनेक लोग विभिन्न प्रकार से सेवा कार्य करते हैं, लेकिन वास्तविक सेवा वही है जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान ला सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने सामर्थ्य के अनुसार किसी गरीब, असहाय या जरूरतमंद की मदद करता है, तो वह सीधे-सीधे ईश्वर की सेवा के समान है।
उन्होंने कहा, “जरूरतमंद मानव की सेवा ही माधव सेवा है। जब हम किसी पीड़ित या गरीब की सहायता करते हैं, तब केवल उसकी जरूरत पूरी नहीं होती, बल्कि हमारी आत्मा को भी सच्चा संतोष प्राप्त होता है। यही सेवा जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है।”
जरूरतमंदों को सहयोग की है सबसे अधिक आवश्यकता
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आर्थिक कठिनाइयों और सामाजिक परिस्थितियों के कारण अनेक परिवार ऐसे हैं, जिन्हें दो समय का भोजन, वस्त्र और आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध नहीं हो पाते। ऐसे में समाज के सक्षम लोगों का दायित्व है कि वे आगे आकर जरूरतमंदों का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि कई बार हमारी छोटी-सी सहायता किसी परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत बन जाती है। इसलिए हर व्यक्ति को अपने सामर्थ्य के अनुसार सेवा कार्यों में भागीदारी निभानी चाहिए।
बच्चों के चेहरों की मुस्कान बनी सबसे बड़ा पुरस्कार
वस्त्र वितरण कार्यक्रम के दौरान जब बच्चों को नए कपड़े दिए गए तो उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। छोटे-छोटे बच्चे उत्साह के साथ नए वस्त्र लेने के लिए आगे आए और उनके चेहरे पर मुस्कान देखने लायक थी।
वैभव जैन ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों के चेहरे पर खुशी देखकर जो आत्मिक संतोष मिलता है, उसकी तुलना किसी भी भौतिक उपलब्धि से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि बच्चों की यह मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।
उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे हजारों बच्चे हैं जिन्हें छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति कुछ बच्चों की जिम्मेदारी अपने स्तर पर निभाए तो अनेक परिवारों का जीवन बेहतर बनाया जा सकता है।
छोटी मदद भी बदल सकती है किसी का जीवन
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि हमारी सहायता बहुत छोटी है। कई बार एक छोटी-सी मदद किसी व्यक्ति के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।
उन्होंने कहा कि यह कोई नहीं जानता कि उसकी छोटी-सी सहायता कब किसी के लिए नई उम्मीद बन जाए और किसी के जीवन में खुशियां भर दे। इसलिए सेवा का अवसर कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समय-समय पर वस्त्र, भोजन, शिक्षा सामग्री, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करें।

समाज में बढ़े सेवा और सहयोग की भावना
वैभव जैन ने कहा कि आज समाज को सबसे अधिक आवश्यकता आपसी सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की है। यदि प्रत्येक व्यक्ति दूसरों की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझने लगे तो समाज में अनेक समस्याओं का समाधान स्वतः हो सकता है।
उन्होंने कहा कि सेवा केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होती, बल्कि किसी दुखी व्यक्ति को सहारा देना, उसका मनोबल बढ़ाना और उसकी समस्याओं को समझना भी सेवा का ही स्वरूप है।
धर्म के साथ दान और सेवा भी आवश्यक
उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ, धार्मिक आयोजन और आध्यात्मिक गतिविधियां अपने स्थान पर महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनके साथ जरूरतमंदों की सहायता करना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि धर्म तभी सार्थक होता है जब उसके साथ करुणा, दया और सेवा का भाव जुड़ा हो। गरीबों की सहायता, भूखों को भोजन, जरूरतमंदों को वस्त्र और असहाय लोगों को सहयोग देना ही वास्तविक धार्मिक आचरण है।
समाज को दिया सेवा का संदेश
इस अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में सेवा को स्थान दें और अपने आसपास रहने वाले जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि समाज तभी मजबूत बन सकता है जब लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनें।
उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति वर्ष में कुछ अवसर ऐसे कार्यों के लिए निकाले, जिनसे किसी गरीब परिवार को राहत मिल सके, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
निरंतर जारी रहेंगे सेवा कार्य
वैभव जैन ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक सेवा कार्य लगातार जारी रहेंगे। जरूरतमंद बच्चों, गरीब परिवारों और असहाय लोगों की सहायता के लिए समय-समय पर वस्त्र वितरण, खाद्य सामग्री वितरण तथा अन्य सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सहायता करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करना है ताकि अधिक से अधिक लोग ऐसे कार्यों से जुड़कर जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां ला सकें।
कार्यक्रम के अंत में जरूरतमंद बच्चों एवं उनके परिजनों ने इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया। नए वस्त्र पाकर बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान ने पूरे आयोजन को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया। उपस्थित लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे सेवा कार्य निरंतर होते रहने चाहिए, जिससे जरूरतमंदों को संबल मिले और मानवता की भावना और अधिक मजबूत हो।
