पटेरा मुख्य बाजार में विशाल नीम का पेड़ गिरा, कई वाहन क्षतिग्रस्त; बड़ा हादसा टला
अचानक पेड़ गिरने से बाजार में मची अफरा-तफरी
पटेरा/दमोह। नगर परिषद पटेरा के मुख्य बाजार में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अग्रवाल मेडिकल के सामने खड़ा एक विशाल नीम का पेड़ अचानक गिर गया। पेड़ गिरने से आसपास खड़े तीन से चार चारपहिया वाहन इसकी चपेट में आ गए और उन्हें काफी नुकसान पहुंचा।
घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्रित हो गए। अचानक हुए इस हादसे से कुछ देर के लिए बाजार क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि पेड़ गिरने की घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

जनहानि टली, वाहन मालिकों को हुआ नुकसान
राहत की बात यह रही कि जिस समय मुख्य बाजार क्षेत्र में विशाल नीम का पेड़ गिरा, उस दौरान उसके आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसके चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि पेड़ की चपेट में आने से वहां खड़े तीन से चार चारपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पटेरा का मुख्य बाजार क्षेत्र हमेशा लोगों की आवाजाही से व्यस्त रहता है। यहां बड़ी संख्या में दुकानदार, ग्राहक और राहगीरों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में यदि पेड़ गिरने की घटना दिन के किसी व्यस्त समय में होती और आसपास लोग मौजूद होते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
नागरिकों ने कहा कि प्रशासन को बाजार क्षेत्र में मौजूद पुराने और कमजोर हो चुके पेड़ों की समय-समय पर जांच करवानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संभावित खतरे वाले पेड़ों की पहचान कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।

प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और बाजार क्षेत्र में गिरे हुए विशाल पेड़ को हटाने की कार्रवाई शुरू करवाई। कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत के साथ पेड़ के हिस्सों को हटाया, ताकि मुख्य बाजार में लोगों की आवाजाही दोबारा सामान्य हो सके।
पेड़ गिरने के कारण कुछ समय के लिए बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। सड़क पर पेड़ के अवशेष फैल जाने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई और आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो गया।
स्थानीय प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। वहीं, नागरिकों ने भी प्रशासन की तत्परता की सराहना की और मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बाजार एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगे पुराने और कमजोर पेड़ों की नियमित जांच कराई जाए।

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने बाजार क्षेत्र में मौजूद पुराने और कमजोर हो चुके पेड़ों की जांच कराने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे बड़े पेड़ कई बार सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं, इसलिए उनकी नियमित देखरेख और समय-समय पर तकनीकी जांच आवश्यक है।
नागरिकों ने कहा कि यदि कमजोर या जर्जर पेड़ों की समय रहते पहचान कर ली जाए और आवश्यक कदम उठाए जाएं तो भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। विशेष रूप से बाजार, स्कूल, सड़क किनारे और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पेड़ों की स्थिति पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि क्षेत्र में ऐसे सभी पेड़ों का सर्वे कराया जाए जो किसी भी समय गिरकर जन या संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से पेड़ों की छंटाई, मरम्मत या आवश्यकता पड़ने पर उन्हें हटाने की कार्रवाई समय रहते की जानी चाहिए, ताकि आमजन सुरक्षित रह सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
संवाददाता: सोनू अठया, दमोह (मध्यप्रदेश)
