आरोन में गुरु रविदास कथा के सातवें दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, संत रविदास जी के संदेशों से गूंजा कथा स्थल
आचार्य महंत नर्वदा प्रसाद प्रभाकर कर रहे कथा वाचन, मुकेश इमलिया ने किया मंच संचालन
आरोन (गुना)। संवाददाता – सौरभ विरथरे (कुमरयाई)।
अहिरवार समाज धर्मशाला कमेटी समिति, आरोन के तत्वावधान में आयोजित जगतगुरु संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की पावन कथा का सातवां दिवस सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और संत रविदास जी के जीवन, विचारों एवं मानव कल्याण से जुड़े संदेशों का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
कथा का वाचन जिला विदिशा से पधारे आचार्य श्री महंत नर्वदा प्रसाद प्रभाकर द्वारा किया जा रहा है। उनके श्रीमुख से प्रतिदिन गुरु रविदास जी के जीवन चरित्र, उनके आदर्शों, भक्ति भावना और समाज सुधार से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया जा रहा है। कथा सुनने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
गुरु रविदास जी के विचारों पर चलने का किया आह्वान
सातवें दिन आयोजित कथा कार्यक्रम में वक्ताओं ने गुरु रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने समाज में समानता, भाईचारे, प्रेम, मानवता और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने का कार्य किया।
वक्ताओं ने कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि व्यक्ति को जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच की भावना से ऊपर उठकर मानव सेवा और सद्भावना के मार्ग पर चलना चाहिए। उनके विचार आज भी समाज को एकजुटता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
मुकेश इमलिया ने संभाली मंच संचालन की जिम्मेदारी
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन मुकेश इमलिया द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे आयोजन को व्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए श्रद्धालुओं को कथा से जोड़े रखा। कथा स्थल पर भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
श्रद्धालुओं ने गुरु रविदास जी के भजनों, प्रवचनों और धार्मिक प्रसंगों का आनंद लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

14 जुलाई से शुरू हुआ आयोजन, गुरु पूर्णिमा पर होगा समापन
आयोजन समिति के अनुसार गुरु रविदास कथा का शुभारंभ 14 जुलाई 2026 से हुआ था, जिसका समापन 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर किया जाएगा।
समापन दिवस पर विशाल भंडारे एवं प्रसादी वितरण का आयोजन किया जाएगा। समिति ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा एवं समापन कार्यक्रम में शामिल हों।
समाजजनों और श्रद्धालुओं की रही बड़ी भागीदारी
सातवें दिन के आयोजन में समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एडवोकेट हीरालाल (जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि), श्यामलाल मंडेला (सचिव), आर.के. दैलवार (प्रदेश प्रभारी, मध्य प्रदेश), तीरथ सिंह ठेकेदार (पार्षद प्रतिनिधि), दीपक (धर्मशाला अध्यक्ष), राजेंद्र सिंह ठेकेदार (पूर्व धर्मशाला अध्यक्ष), बनवारीलाल नेताजी, डॉ. सुनील राजोदिया, चंद्रभान जाटव, सत्या अहिरवार, विवेकानंद ठेकेदार, प्रकाश (जनपद सदस्य प्रतिनिधि), मनोज दैलवार, अर्जुन सिंह, तूफान सिंह भगत सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
इसके अलावा रामभरोषा (पूर्व सरपंच), वीरेन्द्र सिंह, ब्रजेश रूसल्ला, धर्मेन्द्र सिंह कैमरे, ब्रजेश रिजोदा (सहायक सचिव), लक्ष्मी नारायण, कमल सिंह (शिक्षक), घनश्याम सिंह भगत (धर्मशाला अध्यक्ष), शैतान सिंह (पूर्व सरपंच), प्रताप सिंह मौर्य (मध्य प्रदेश पुलिस) एवं प्रभुलाल चौपड़ा (वरिष्ठ समाजसेवी) सहित अनेक श्रद्धालुओं ने कथा में सहभागिता की।
समापन अवसर पर होगा भव्य भंडारा
आयोजन समिति ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कथा के समापन के साथ विशाल भंडारे और प्रसादी वितरण का आयोजन किया जाएगा। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर गुरु रविदास जी के आदर्शों और शिक्षाओं को आत्मसात करें।
गुरु रविदास कथा के माध्यम से समाज में प्रेम, समानता और एकता का संदेश लगातार प्रसारित हो रहा है। श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समाज को जोड़ने वाला प्रेरणादायक धार्मिक आयोजन बताया।
