गणेश मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद 100 किलोमीटर की होरी हनुमान पदयात्रा रवाना
सवांददाता : प्रमोद कुमार जैन
नागदा। आस्था, भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत होरी हनुमान पदयात्रा का शुभारंभ रविवार को नागदा शहर से हुआ। पुराना बस स्टैंड स्थित गणेश मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन और आरती के बाद श्रद्धालुओं का जत्था 100 किलोमीटर दूर राजस्थान-मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित होरी हनुमान मंदिर के लिए पैदल रवाना हुआ। तीन दिवसीय इस धार्मिक पदयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ वरिष्ठजन और बच्चे भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए हैं।
पदयात्रा में शामिल श्रद्धालु रास्तेभर भक्ति और उत्साह के साथ बालाजी महाराज के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। जगह-जगह सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने पदयात्रियों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया। यात्रा मंगलवार सुबह होरी हनुमान मंदिर पहुंचने का लक्ष्य लेकर रवाना हुई है। मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालु बालाजी महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे।
15 वर्षों से निकाली जा रही है पदयात्रा
होरी हनुमान भक्त मंडल द्वारा पिछले 15 वर्षों से इस पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल होते हैं। पदयात्रा का उद्देश्य भगवान हनुमान के प्रति आस्था व्यक्त करने के साथ ही सामूहिक रूप से धार्मिक वातावरण में यात्रा पूरी करना है।
रविवार को यात्रा प्रारंभ होने से पहले पुराना बस स्टैंड स्थित गणेश मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यात्रा के संयोजक विजयप्रकाश मेहता ने भगवान गणेश का अभिषेक किया। इसके बाद ध्वज पूजन की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न हुई। पूर्व विधायक दिलीपसिंह शेखावत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अशोक मालवीय, संयोजक सत्यनारायण कसेरा, श्रीरामकृष्ण धर्म विचार मंडल के अध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा, सामाजिक समरसता मंच के जिला संयोजक गिरधारीसिंह शेखावत, भागवताचार्य कमलेश शर्मा तथा खड़े हनुमान मंदिर के पंडित हरिओम पुजारी ने ध्वज पूजन किया।
ध्वज पूजन और आरती के बाद पदयात्रा को रवाना किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश और हनुमानजी के जयकारे लगाए तथा यात्रा के सफलतापूर्वक पूर्ण होने की प्रार्थना की।
भजनों और जयकारों के साथ आगे बढ़े श्रद्धालु
गणेश मंदिर से पदयात्रा शुरू होने के बाद शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रद्धालुओं का कारवां आगे बढ़ा। हाथों में धार्मिक ध्वज और मुख पर बालाजी महाराज के जयकारों के साथ श्रद्धालु पैदल चलते नजर आए। रास्ते में भजनों की गूंज सुनाई देती रही। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर नाचते-गाते हुए यात्रा में शामिल हुए।
पदयात्रा के पुराने बस स्टैंड पहुंचने पर संयुक्त माली समाज और राष्ट्रीय एकता मंच द्वारा श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। इसके बाद किरण टॉकीज चौराहे पर राधेश्याम पोरवाल परिवार की ओर से यात्रियों का स्वागत किया गया। शीतला माता चौक पर हनुमान भक्तों ने पदयात्रियों का अभिनंदन किया।
यात्रा के आगे बढ़ने पर दीनदयाल चौक, कन्या शाला चौराहा, एमजी रोड, ओझा मार्ग और रानी लक्ष्मीबाई मार्ग सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर भी श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। रमेश पाल परिवार, पोरवाल समाज, पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर, शहर कांग्रेस कमेटी और पार्षद प्रकाश जैन सहित विभिन्न लोगों और संगठनों ने पदयात्रियों का उत्साह बढ़ाया।
स्वागत के दौरान कई स्थानों पर श्रद्धालुओं को जलपान कराया गया। स्थानीय नागरिक भी यात्रा को देखने और श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए मार्गों पर मौजूद रहे। धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन के कारण शहर में दिनभर भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
चामुंडा माता मंदिर में दर्शन के बाद बड़ावदा के लिए रवाना
शहर से निकलने के बाद पदयात्रा चंबल तट स्थित चामुंडा माता मंदिर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद यात्रा अगले पड़ाव बड़ावदा के लिए रवाना हुई।
पदयात्रा का पहला पड़ाव बड़ावदा में रखा गया। लंबी दूरी तय करने के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह बना रहा। यात्रा में शामिल लोग एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए आगे बढ़ते रहे। धार्मिक यात्रा के दौरान अनुशासन और सामूहिकता का भी विशेष ध्यान रखा गया।
बच्चों और वरिष्ठजनों ने भी लिया हिस्सा
इस पदयात्रा की खास बात यह रही कि इसमें केवल युवा और वयस्क ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के साथ छोटे बच्चे भी शामिल हुए। श्रद्धालुओं के बीच बच्चों का उत्साह विशेष रूप से देखने को मिला।
12 वर्षीय अभिषेक गुर्जर, 13 वर्षीय कान्हा गुर्जर और मात्र 5 वर्षीय गणेश गुर्जर भी पदयात्रा का हिस्सा बने। इतनी कम उम्र में बच्चों का 100 किलोमीटर की धार्मिक पदयात्रा में शामिल होना श्रद्धा और उत्साह का उदाहरण रहा।
पदयात्रा में शामिल वरिष्ठजन भी पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। बच्चों और बुजुर्गों की मौजूदगी ने यात्रा को पारिवारिक और सामूहिक स्वरूप दिया। श्रद्धालुओं का कहना रहा कि धार्मिक यात्राएं नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और धार्मिक आस्था से जोड़ने का माध्यम भी बनती हैं।

धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता का संदेश
होरी हनुमान पदयात्रा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें शहर के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की सहभागिता भी देखने को मिली। अलग-अलग स्थानों पर हुए स्वागत कार्यक्रमों ने यात्रा को सामुदायिक स्वरूप दिया।
पदयात्रा के दौरान विभिन्न समाजों और संगठनों ने श्रद्धालुओं का स्वागत कर आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। धार्मिक आयोजनों में इस प्रकार की सामूहिक भागीदारी से शहर में सामाजिक एकता को भी मजबूती मिलती है।
आयोजकों के अनुसार पिछले 15 वर्षों से लगातार निकाली जा रही यह पदयात्रा अब नागदा और आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महत्वपूर्ण आयोजन बन चुकी है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं और पैदल यात्रा कर होरी हनुमान मंदिर पहुंचते हैं।
मंगलवार सुबह होरी हनुमान मंदिर पहुंचेगी यात्रा
तीन दिवसीय पदयात्रा के दौरान श्रद्धालु लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करेंगे। यात्रा का अंतिम पड़ाव राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित होरी हनुमान मंदिर है। आयोजकों के अनुसार पदयात्रा मंगलवार सुबह मंदिर पहुंचेगी।
मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालु बालाजी महाराज के दर्शन करेंगे और पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामना तथा यात्रा के सफल समापन के लिए प्रार्थना करेंगे। पदयात्रा में शामिल भक्तों के लिए यह यात्रा केवल दूरी तय करने का माध्यम नहीं, बल्कि भगवान हनुमान के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट करने का अवसर है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
पदयात्रा में दीपक राजावत, पूर्व जनपद सदस्य भीमराज मालवीय, अनिल कसेरा, राहुल सोलंकी, ऋतुराज सोलंकी, हरिसिंह गुर्जर, रूपेश, ओमप्रकाश, रविंद्र रघुवंशी, अमित कसेरा, रमेश पांचाल, सीएल वर्मा, बबलू गुर्जर, पवन कसेरा, केएल सेठिया, विजेंद्रसिंह डोडिया सहित अनेक श्रद्धालु शामिल रहे।
यात्रा की शुरुआत से लेकर पहले पड़ाव तक श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। भक्ति गीतों, जयकारों और धार्मिक ध्वजों के साथ आगे बढ़ता श्रद्धालुओं का कारवां शहरवासियों के आकर्षण का केंद्र रहा। रास्ते में हुए स्वागत से पदयात्रियों का उत्साह और बढ़ा।
होरी हनुमान भक्त मंडल की ओर से आयोजित यह पदयात्रा नागदा की धार्मिक और सामाजिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। तीन दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में श्रद्धालु कठिन पैदल मार्ग तय करते हुए भगवान हनुमान के दरबार तक पहुंचेंगे। आस्था, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता के साथ शुरू हुई यह यात्रा मंगलवार को होरी हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ पूर्ण होगी।
