Homemade Peanut Oil: नवरात्रि में मूंगफली का तेल घर पर निकालने का पारंपरिक तरीका, जानें इसकी सीमाएं
नई दिल्ली। नवरात्रि में कई लोग व्रत और पूजा के दौरान इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर खास सावधानी बरतते हैं। कुछ घरों में मूंगफली का तेल भी इस्तेमाल किया जाता है। बाजार में मिलावट की चिंता के चलते लोग इसे घर पर निकालने का तरीका खोजते हैं। हालांकि, बिना तेल निकालने वाली मशीन के मूंगफली से साफ और पर्याप्त मात्रा में तेल निकालना आसान नहीं है। पारंपरिक तरीकों में हाथ से मेहनत, गर्म पानी और तेल को अलग करने की प्रक्रिया शामिल होती है। इससे मिलने वाला तेल भी मशीन से निकाले तेल की तुलना में कम हो सकता है।
घर पर तेल निकालने का पारंपरिक तरीका
सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाली मूंगफली चुनें। दाने साफ, सूखे और फफूंद या खराब गंध से मुक्त होने चाहिए। मूंगफली के छिलके हटाकर दानों को अच्छी तरह साफ करें। फिर उन्हें हल्का भूनें या गर्म करें। पारंपरिक प्रसंस्करण में गर्म करने से दानों की कोशिकाएं खुलती हैं और तेल निकालने में मदद मिलती है। ध्यान रखें कि दाने जलें नहीं, क्योंकि जले हुए दानों से तेल का स्वाद और गंध प्रभावित हो सकती है।
भुने हुए दानों को ठंडा करके सिल-बट्टे या भारी मूसल से बारीक पीसें। जितना बारीक पेस्ट बनेगा, तेल अलग करने की संभावना उतनी बेहतर होगी। इसके बाद पेस्ट में थोड़ा गर्म पानी मिलाकर उसे हाथों से अच्छी तरह मसलें और गूंथें। पारंपरिक विधियों में पेस्ट को गर्म पानी के साथ मथने या गूंथने से तेल और पानी का मिश्रण अलग होने लगता है। कुछ प्रक्रियाओं में नमक का उपयोग भी तेल को अलग करने में मदद के लिए किया जाता है।
तेल अलग करने में लग सकता है समय
जब मिश्रण की सतह पर तेल दिखाई देने लगे, तो उसे सावधानी से अलग बर्तन में निकालें। यह प्रक्रिया एक बार में पूरी न हो तो पेस्ट को दोबारा मसलकर या मथकर तेल अलग करने की कोशिश की जा सकती है। घर पर हाथ से तेल निकालने में समय और मेहनत लगती है, और प्राप्त तेल की मात्रा सीमित हो सकती है। मूंगफली का पेस्ट या तेल मिला अवशेष खाने योग्य हो सकता है, लेकिन उसे साफ बर्तन में रखकर जल्दी इस्तेमाल करना बेहतर है।
यदि प्रक्रिया में पानी का इस्तेमाल किया गया है, तो निकाले गए तेल में नमी रह सकती है। पारंपरिक तरीकों में तेल को कुछ समय स्थिर रखने और फिर सावधानी से अलग करने के बाद धीमी आंच पर गर्म करके नमी हटाई जाती है। यह काम करते समय तेल को लगातार देखना जरूरी है। पानी और गर्म तेल के संपर्क में छींटे पड़ सकते हैं, इसलिए बच्चों को पास न रखें और गहरे, मजबूत बर्तन का इस्तेमाल करें। तेल को धुआं उठने तक गर्म न करें।
क्या घर का तेल पूरी तरह शुद्ध होने की गारंटी है?
घर पर निकाला गया तेल अपने आप में शुद्धता या खाद्य सुरक्षा की गारंटी नहीं है। इसकी गुणवत्ता मूंगफली की सफाई, भंडारण, इस्तेमाल किए गए बर्तनों और तेल से नमी हटाने की प्रक्रिया पर निर्भर करती है। गलत तरीके से सुखाई या रखी गई मूंगफली में फफूंद और अफलाटॉक्सिन का खतरा हो सकता है। तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय की जानकारी के अनुसार, मूंगफली में नमी अधिक रहने पर फफूंद की समस्या और अफलाटॉक्सिन का जोखिम बढ़ सकता है।
इसलिए घर पर तेल निकालने के प्रयोग को बड़ी मात्रा में तेल बनाने का आसान विकल्प न समझें। खाना पकाने के लिए तेल लेते समय सीलबंद पैक, सही लेबल, निर्माण और समाप्ति तिथि तथा FSSAI लाइसेंस की जानकारी देखना उपयोगी है। नवरात्रि के व्रत में कौन-सा तेल मान्य है, यह परिवार और परंपरा के अनुसार अलग हो सकता है; इस्तेमाल से पहले अपने घर की पूजा-विधि के नियम देख लें।
