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क्यों बदला IDA और उज्जैन नगर निगम का प्रशासन? जानिए पूरा मामला

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Published On: 9 January 2026
IDA
— इंदौर: IDA को मिला नया नेतृत्व, उज्जैन निगम में भी बदला प्रशासन

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मध्यप्रदेश के 2 बड़े शहरों में प्रशासनिक फेरबदल: हिमांशु प्रजापति को IDA CEO का अतिरिक्त प्रभार

मध्यप्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के प्रशिक्षण काल के दौरान अंतरिम पदस्थापन की व्यवस्था की है। मसूरी स्थित प्रतिष्ठित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में 5 जनवरी से 30 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम में राज्य के आठ आईएएस अधिकारी भाग ले रहे हैं। इसी क्रम में शासन ने उनके कार्यभार को संभालने के लिए अस्थायी जिम्मेदारियाँ अन्य अधिकारियों को सौंपी हैं। इस आदेश के तहत इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) और उज्जैन नगर निगम जैसे महत्वपूर्ण शहरी निकायों में प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं, ताकि विकास कार्यों और नागरिक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।

हिमांशु प्रजापति को सौंपा गया IDA के CEO का प्रभार

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, IDA के वर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े मिड-कैरियर ट्रेनिंग के लिए मसूरी रवाना होंगे। उनके प्रशिक्षण काल के दौरान IDA के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हिमांशु प्रजापति को सौंपा गया है। हिमांशु प्रजापति वर्तमान में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC), इंदौर में कार्यकारी संचालक के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें प्रशासनिक और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। शासन को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में IDA की योजनाओं और परियोजनाओं का संचालन निर्बाध रूप से जारी रहेगा।

IDA की भूमिका और जिम्मेदारियाँ

IDA शहर के सुनियोजित विकास में अहम भूमिका निभाता है। यह संस्था आवासीय योजनाओं, व्यावसायिक परियोजनाओं, सड़कों, जल निकासी, परिवहन, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और आधारभूत संरचनाओं के विकास से जुड़ी हुई है। हिमांशु प्रजापति को अतिरिक्त प्रभार के रूप में:

  • विकास परियोजनाओं की समीक्षा

  • नई योजनाओं की स्वीकृति

  • भूमि आवंटन से जुड़े निर्णय

  • प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों का संचालन

  • राज्य शासन के निर्देशों का क्रियान्वयन

  • जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभानी होंगी। अधिकारी सूत्रों के अनुसार, यह व्यवस्था केवल प्रशिक्षण अवधि तक प्रभावी रहेगी और डॉ. झाड़े के लौटने के बाद उन्हें पुनः नियमित पदभार सौंप दिया जाएगा।

उज्जैन नगर निगम में भी हुआ प्रशासनिक परिवर्तन

इसी आदेश के अंतर्गत उज्जैन नगर निगम में भी अंतरिम प्रशासनिक बदलाव किया गया है। उज्जैन नगर निगम के आयुक्त अभिलाष मिश्रा भी मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने के कारण अवकाश पर रहेंगे। उनके स्थान पर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर को आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। संतोष टैगोर प्रशिक्षण अवधि के दौरान नगर निगम से जुड़े सभी प्रशासनिक, विकासात्मक और नागरिक सेवाओं से संबंधित कार्यों का संचालन करेंगे।

IDA
 संतोष टैगोर को सौंपा गया आयुक्त            का अतिरिक्त प्रभार

संतोष टैगोर की जिम्मेदारियाँ

अपर आयुक्त संतोष टैगोर को उज्जैन नगर निगम के आयुक्त के रूप में निम्नलिखित प्रमुख दायित्व निभाने होंगे:

  • नगर की स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी

  • जल आपूर्ति एवं सीवरेज व्यवस्था

  • सड़क, प्रकाश और सार्वजनिक सुविधाओं का संचालन

  • नगर विकास योजनाओं का क्रियान्वयन

  • कर्मचारियों एवं अधिकारियों के प्रशासनिक कार्य

  • राज्य शासन की योजनाओं को ज़मीन पर लागू करना

उज्जैन एक धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी होने के कारण यहाँ नगर प्रशासन की भूमिका अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में संतोष टैगोर की यह जिम्मेदारी और भी अहम मानी जा रही है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य

राज्य शासन समय-समय पर आईएएस अधिकारियों को मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम में भाग लेने के लिए नामांकित करता है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों के प्रशासनिक कौशल, नीति निर्माण क्षमता, नेतृत्व गुण और बदलते प्रशासनिक परिदृश्य को समझने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।

मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी देश की सर्वोच्च प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्था है, जहाँ अधिकारियों को:

  • नवीन प्रशासनिक तकनीकों

  • डिजिटल गवर्नेंस

  • सार्वजनिक नीति

  • सुशासन

  • नेतृत्व विकास

जैसे विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाता है।

केवल प्रशिक्षण अवधि तक प्रभावी रहेगी व्यवस्था

राज्य शासन ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि ये सभी अंतरिम पदस्थापन केवल प्रशिक्षण अवधि तक के लिए हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होते ही संबंधित अधिकारी अपने-अपने मूल पदों पर पुनः कार्यभार ग्रहण करेंगे। इस प्रकार की व्यवस्था शासन की प्रशासनिक सतर्कता को दर्शाती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसी भी विभाग या शहरी निकाय का कार्य प्रभावित न हो और जनता को निरंतर सेवाएँ मिलती रहें।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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