हाई कोर्ट के निर्देश के बाद भी इंदौर-देवास बायपास पर नहीं सुधरे गड्ढे, महिला की मौत पर NHAI से जवाब तलब | दैनिक स्वराज वाणी
इंदौर। इंदौर-देवास बायपास की बदहाल स्थिति और सड़क पर बने गड्ढों को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि 11 अगस्त को हुई पिछली सुनवाई में बायपास की स्थिति और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कथित लापरवाही को लेकर आशंका जताई गई थी। उस समय कोर्ट ने प्राधिकरण के अधिकारियों को सड़क की हालत में सुधार करने के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ता के अनुसार, निर्देश के बावजूद सुधार नहीं हुआ और इसी मार्ग पर हुए हादसे में एक महिला की मौत हो गई। अदालत ने NHAI से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई दो दिन बाद होगी।
पिछली सुनवाई में जताई गई थी हादसे की आशंका
याचिकाकर्ता ने बुधवार को अदालत के सामने कहा कि 11 अगस्त की सुनवाई के दौरान बायपास पर गड्ढों और खराब सड़क के कारण दुर्घटना होने की आशंका बताई गई थी। उनका कहना था कि सड़क की स्थिति पर ध्यान देने और जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन मौके पर अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ। इसके बाद महिला की मौत का हादसा सामने आया।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से इस मामले में जवाबदेही तय करने और सड़क की हालत को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में महिला की पहचान, हादसे की तारीख और घटना के विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं है। इस संबंध में विस्तृत तथ्य सामने आने के बाद ही हादसे की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
NHAI से मांगा गया जवाब
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने NHAI से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई में प्राधिकरण को सड़क की मौजूदा स्थिति और पहले दिए गए निर्देशों के पालन के संबंध में अपना पक्ष रखना होगा। अदालत की ओर से पहले दिए गए निर्देशों के बाद क्या काम किया गया, और हादसे के बाद क्या कदम उठाए गए—इन बिंदुओं पर जवाब महत्वपूर्ण होगा।
जनहित याचिका में उठाए गए मुद्दे सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक आवागमन से जुड़े हैं। इंदौर-देवास बायपास से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे मार्ग पर गड्ढे, अधूरी मरम्मत या असुरक्षित हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी और दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकते हैं। खास तौर पर दोपहिया वाहन चालकों को सड़क की खराब स्थिति से अधिक खतरा रहता है।
सर्विस रोड की हालत पहले भी उठी
इंदौर-देवास बायपास के कुछ हिस्सों में सड़क और सर्विस रोड की खराब स्थिति को लेकर पहले भी खबरें सामने आई हैं। अगस्त में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, देवगुराड़िया से नायता मुंडला फ्लाईओवर के बीच सर्विस रोड पर जगह-जगह गड्ढे थे। बारिश के दौरान उनमें पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि अस्थायी भराव के बाद भी सड़क की व्यवस्थित मरम्मत की जरूरत बनी हुई थी।
हाल ही में बायपास के एमआर-10 फ्लाईओवर की दूसरी भुजा पर यातायात शुरू किए जाने के बाद भी अधूरे डिवाइडर और लाइटिंग की कमी की खबर सामने आई। इससे मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं।
अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
अब अगली सुनवाई में NHAI का जवाब और अदालत की आगे की टिप्पणी अहम होगी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि पहले दिए गए निर्देशों के बाद भी जरूरी सुधार नहीं हुए। अदालत में प्राधिकरण का पक्ष सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि सड़क की मरम्मत, गड्ढों को भरने और हादसों की आशंका कम करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
बायपास से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए सुरक्षित सड़क और स्पष्ट यातायात व्यवस्था जरूरी है। अदालत की सुनवाई के साथ अब यह देखना होगा कि संबंधित एजेंसियां सड़क की स्थिति सुधारने के लिए क्या कार्रवाई करती हैं।
