शेयर बाजार में भारी बिकवाली, सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा; निफ्टी 23,000 के नीचे — दैनिक स्वराज वाणी
बैंकिंग शेयरों में कमजोरी, महंगा कच्चा तेल और कमजोर वैश्विक संकेत बने दबाव की वजह
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 19 अक्टूबर को शुरुआती तेजी के बाद बिकवाली तेज हो गई। सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से करीब 500 अंक फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 महत्वपूर्ण 23,000 के स्तर के नीचे चला गया। सुबह 11:45 बजे तक सेंसेक्स 529.37 अंक यानी 0.70 प्रतिशत गिरकर 74,199.90 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 150.40 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 22,995.75 पर आ गया।
शुरुआती तेजी के बाद बाजार में दबाव
कारोबार की शुरुआत में बाजार में तेजी दिखी, लेकिन कुछ समय बाद प्रमुख शेयरों में बिकवाली हावी हो गई। सेंसेक्स और निफ्टी में आई गिरावट ने सुबह की बढ़त को मिटा दिया। निफ्टी का 23,000 के नीचे आना निवेशकों के लिए अहम स्तर पर कमजोरी का संकेत रहा। हालांकि, ये आंकड़े सुबह 11:45 बजे तक के कारोबार के हैं और दिन के आगे बढ़ने के साथ बाजार के स्तर बदल सकते हैं।
निजी बैंक शेयरों में बिकवाली
बैंकिंग शेयरों की कमजोरी बाजार पर दबाव की प्रमुख वजहों में रही। निजी बैंकों के तिमाही नतीजों के बाद निवेशक इन शेयरों में सतर्क नजर आए। कारोबार के शुरुआती घंटों में एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक सहित कुछ बड़े निजी बैंक शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों के नतीजों और मार्जिन को लेकर निवेशकों की प्रतिक्रिया ने बैंकिंग क्षेत्र में बिकवाली को बढ़ाया। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह के कारोबार में निजी बैंक सूचकांक कमजोर रहा और एचडीएफसी बैंक तथा एक्सिस बैंक के शेयर दबाव में थे।
बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बड़े बैंकिंग शेयरों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसलिए इन शेयरों में गिरावट का असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दिखाई दिया। निवेशक तिमाही नतीजों और बैंकों के प्रदर्शन से जुड़े संकेतों का आकलन कर रहे हैं।
महंगे कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी बाजार की धारणा पर असर डाल रही हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए लंबे समय तक महंगा तेल रहने पर आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत को लेकर चिंता बढ़ सकती है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ था। वैश्विक तनाव और तेल आपूर्ति से जुड़ी अनिश्चितता के कारण निवेशक इस मोर्चे पर भी सतर्क रहे।
कमजोर वैश्विक संकेतों का असर
विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी घरेलू शेयर बाजार की चाल को प्रभावित किया। वैश्विक स्तर पर निवेशक आर्थिक और कारोबारी घटनाक्रम के साथ तकनीकी कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर चिंतित रहे। एशियाई बाजारों में कमजोरी के बीच भारतीय बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति सीमित रही। बाजार विश्लेषणों में निजी बैंकों के नतीजों, महंगे कच्चे तेल और कमजोर वैश्विक संकेतों को गिरावट के प्रमुख कारणों में गिना गया है।
निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर
सोमवार की गिरावट के बीच निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों, बैंकिंग शेयरों की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के संकेतों पर नजर रख रहे हैं। निफ्टी के 23,000 से नीचे जाने के बाद बाजार में आगे की दिशा को लेकर सतर्कता बढ़ी है। कारोबार के दौरान सूचकांकों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
सुबह 11:45 बजे के आंकड़ों के मुताबिक सेंसेक्स 74,199.90 और निफ्टी 22,995.75 पर कारोबार कर रहे थे। ये दिन के बीच के स्तर हैं; बाजार बंद होने पर अंतिम आंकड़े अलग हो सकते हैं।
