श्री हसमुख जैन गांधी दिगंबर जैन महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत
इंदौर। इंदौर नगर की धर्म, समाज और संस्कृति के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले वरिष्ठ एवं अनुभवी समाजसेवी श्री हसमुख जैन गांधी को भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। इंदौर के लिए यह सम्मान इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह शहर सदैव से धार्मिक परंपराओं, सामाजिक कार्यों और सांस्कृतिक चेतना के संरक्षण में अग्रणी रहा है। ऐसे में समाज के एक प्रमुख स्तंभ का देश की प्रमुख जैन संगठन में ऊँचे पद पर आसीन होना पूरे नगर और दिगंबर जैन समाज के लिए गौरव का विषय है।
श्री गांधी का व्यक्तित्व सदैव से समाज हित में सक्रिय रहा है। उन्होंने न केवल धर्म और आध्यात्म की दिशा में अपने योगदान से पहचान बनाई है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा एवं समाजोपयोगी गतिविधियों में भी विशेष भूमिका निभाई है। समाज में उनका कृतित्व एक प्रेरणास्रोत के रूप में देखा जाता है। इंदौर दिगंबर जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं में उनका मार्गदर्शन लंबे समय से समाजहित कार्यों को नई दिशा देता रहा है।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने इस मनोनयन की जानकारी देते हुए कहा कि श्री गांधी का राष्ट्रीय स्तर पर यह चयन उनकी सेवाओं, समर्पण और योग्य नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। दद्दू ने बताया कि श्री गांधी कई राष्ट्रीय जैन संस्थाओं से जुड़े हुए हैं और उनके माध्यम से संचालित होने वाले अनेक समाजहित कार्यों में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। चाहे बात हो तीर्थनिर्माण की, धार्मिक आयोजनों की, युवा पीढ़ी को धार्मिक शिक्षा देने की, या फिर समाज के कमजोर वर्गों तक सहायता पहुँचाने की—श्री गांधी हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
इस नियुक्ति के बाद समाज के प्रमुख नेताओं, पदाधिकारियों और नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अमित कासलीवाल, अष्टापद बद्रीनाथ के अध्यक्ष श्री आदित्य कासलीवाल, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोहर झांझरी, वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन, टी. के. वेद, दिगंबर जैन महा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक बड़जात्या, आजाद जी जैन, अशोक खासगीवाला, मयंक जैन, श्रीमती पुष्पा कासलीवाल और श्रीमती मुक्ता जैन सहित कई गणमान्य नागरिकों ने बधाई दी।
इन सभी ने आशा व्यक्त की कि श्री हसमुख जैन गांधी के मार्गदर्शन में महासभा के कार्य और भी प्रभावी रूप से आगे बढ़ेंगे। महासभा का उद्देश्य समाज की एकता, धार्मिक परंपराओं का संरक्षण, अनुशासन, तीर्थों की उन्नति और समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा की भावना पहुँचाना है। ऐसे में श्री गांधी के अनुभव का लाभ राष्ट्रीय स्तर पर मिलने की अपेक्षा की जा रही है।
समाज के वरिष्ठ जनों का कहना है कि इंदौर शहर सदैव से जैन संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, और यहां के समाजजन धर्म और सेवा को जीवन का मूल मानते हैं। इसी परंपरा को श्री गांधी ने निरंतर अपने कार्यों से आगे बढ़ाया है। उनकी सादगी, संयम एवं संगठन क्षमता ने जैन समाज के विभिन्न प्रकल्पों को गति प्रदान की है। युवाओं को प्रेरित करने, समाज को जोड़ने और धर्म तथा सेवा के कार्यों को मुख्यधारा में रखने की उनकी दृष्टि ने उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाया है।
इंदौर के नागरिकों ने भी इस नियुक्ति को गर्व का विषय बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इंदौर के प्रतिनिधित्व में श्री गांधी का योगदान समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा। समाज के विभिन्न क्षेत्र—शिक्षा, संस्कृति, धर्म, स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक संगठनों का समन्वय—इन सभी में श्री गांधी की दूरदृष्टि महत्वपूर्ण साबित होगी।
दिगंबर जैन महासभा के इस निर्णय को समाज में अत्यंत सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है। विश्वास जताया जा रहा है कि श्री गांधी का अनुभव राष्ट्रीय स्तर पर जैन समाज के उद्देश्यों को अधिक मजबूती प्रदान करेगा और परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक समय की आवश्यकताओं के अनुरूप समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
