MSP की लड़ाई आर-पार: 5 क्विंटल मूंग खरीदी की मांग पर हरदा में किसानों ने नेशनल हाईवे पर डाला डेरा, अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू
Harda । मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी को लेकर हरदा जिले में किसानों का आंदोलन अब बड़े स्तर पर पहुंच गया है। प्रति एकड़ 5 क्विंटल मूंग खरीदी की मांग को लेकर बुधवार दोपहर 12 बजे से आम किसान यूनियन के नेतृत्व में हजारों किसानों ने इंदौर-नागपुर नेशनल हाईवे पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया।
किसानों ने हाईवे पर टेंट लगाकर अपना डेरा जमा लिया है। देर रात तक बड़ी संख्या में किसान आंदोलन स्थल पर मौजूद रहे और उन्होंने साफ कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
15 दिनों से चल रहा है किसानों का आंदोलन
मूंग खरीदी, फसल बीमा भुगतान और कृषि संबंधी अन्य मांगों को लेकर जिले के किसान पिछले करीब 15 दिनों से विभिन्न स्तरों पर आंदोलन कर रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की सीमा काफी कम रखी गई है। वर्तमान व्यवस्था में प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग खरीदी जा रही है, जबकि किसानों की मांग है कि प्रति एकड़ 5 क्विंटल मूंग की खरीदी की जाए।
किसानों ने 100 प्रतिशत MSP पर मूंग खरीदी, खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने और खरीफ 2025 की लंबित फसल बीमा राशि का जल्द भुगतान करने की मांग भी उठाई है।
सरकार से बातचीत नहीं होने पर सड़क पर उतरे किसान
धरना स्थल पर किसान नेता लक्ष्मी नारायण पवार ने कहा कि किसानों द्वारा लगातार प्रशासन और सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
उन्होंने कहा कि किसानों को मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ा है। यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आम किसान यूनियन समिति के सदस्य सुनील गोल्या ने बताया कि संगठन 2 जुलाई से लगातार किसानों की समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार, लंबित फसल बीमा राशि का भुगतान और MSP गारंटी कानून किसानों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं।
हजारों किसानों ने हाईवे पर जमाया डेरा
आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में किसान इंदौर-नागपुर नेशनल हाईवे पर पहुंचे और वहां टेंट लगाकर बैठ गए। किसान नेताओं के अनुसार, जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से 20 हजार से अधिक किसान आंदोलन में शामिल हुए।
धरना स्थल पर एक समय करीब 5 हजार किसान मौजूद रहे। हाईवे बंद होने के कारण इंदौर-हरदा मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकालने की व्यवस्था की।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा करीब 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
धूप से बचने के लिए लगाए टेंट
तेज गर्मी और धूप से बचने के लिए किसानों ने हाईवे किनारे टेंट लगाए। आंदोलन के दौरान प्रशासन और किसानों के बीच कुछ देर चर्चा और बहस की स्थिति बनी।
बाद में एसडीएम अशोक कुमार डेहरिया ने किसान नेताओं से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। हालांकि किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और चक्काजाम समाप्त नहीं किया।
किसानों ने दिखाई अनुशासन और मानवता
आंदोलन के दौरान किसानों ने अनुशासन का भी परिचय दिया। अधिकांश किसान ट्रैक्टरों की बजाय बाइक से आंदोलन स्थल पर पहुंचे और वाहनों को सड़क किनारे व्यवस्थित रूप से खड़ा किया।
चक्काजाम के दौरान किसानों ने एम्बुलेंस और गंभीर मरीजों को रास्ता देकर मानवता का उदाहरण पेश किया। किसानों का कहना था कि आंदोलन अपनी मांगों को लेकर है, लेकिन आम लोगों को परेशानी पहुंचाना उनका उद्देश्य नहीं है।
जिले में अब तक 733.9 मीट्रिक टन मूंग खरीदी
कृषि विभाग के अनुसार, जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने के लिए 39,892 किसानों ने पंजीयन कराया है।
कृषि उप संचालक प्रकाश ठाकुर के मुताबिक, 1 जुलाई से 15 जुलाई तक 839 किसानों से 733.9 मीट्रिक टन मूंग की खरीदी की जा चुकी है। वहीं 6,020 किसानों ने मूंग बिक्री के लिए स्लॉट बुक कराए हैं।
हालांकि किसान खरीदी की वर्तमान सीमा से संतुष्ट नहीं हैं और प्रति एकड़ अधिक मात्रा में खरीदी की मांग कर रहे हैं।
रातभर हाईवे पर डटे रहे किसान
शाम होने के बाद भी किसान आंदोलन स्थल से नहीं हटे। हाईवे किनारे ही भोजन तैयार किया गया और किसानों ने रात वहीं बिताई।
किसानों का कहना है कि यह आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
फिलहाल प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन किसान अपनी प्रमुख मांगों पर अडिग हैं। आने वाले दिनों में आंदोलन किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
राजकुमार मौर्य
हरदा सिटी रिपोर्टर
दैनिक स्वराज वाणी, हरदा
