Hanuman Ansh: सागर के नेत्रहीन बुंदेली गायक सुनील सिंह लोधी की बॉलीवुड में एंट्री, फिल्म में गाया भजन; 8 गानों का मिला कॉन्ट्रैक्ट
‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ से मिली थी पहचान, YouTube पर 30 मिलियन से ज्यादा व्यूज का दावा; नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ में गूंजेगी बुंदेलखंड की आवाज
सागर। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड की लोक संस्कृति और संगीत की आवाज अब बॉलीवुड तक पहुंच गई है। सागर जिले के छोटे से गांव अगरा के रहने वाले नेत्रहीन बुंदेली गायक सुनील सिंह लोधी ने नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ के लिए गाना रिकॉर्ड किया है। सुनील ने फिल्म में ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान… सागर में नैया डार दई…’ गाया है। इसके साथ ही उन्हें आठ गानों का कॉन्ट्रैक्ट मिलने की बात भी सामने आई है।
सुनील सिंह लोधी की यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि उनका संगीत का सफर गांव में बुजुर्गों के बीच बैठकर तमूरा बजाना सीखने से शुरू हुआ था। इसके बाद वे एकतारे पर लोकगीत और भजन गाने लगे। सोशल मीडिया पर उनका ‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ गाते हुए वीडियो वायरल हुआ और धीरे-धीरे उनकी आवाज देशभर के श्रोताओं तक पहुंच गई।
अब यही सफर उन्हें फिल्मी दुनिया तक ले आया है। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने उनकी आवाज सुनने के बाद फिल्म के लिए उनका गाना चुना।
‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ ने बदली जिंदगी
सुनील सिंह लोधी की पहचान बनाने में ‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ भजन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे पहले गांव में एकतारे पर लोकगीत और भजन गाया करते थे। इसी दौरान उनका ‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ गाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इसके बाद पंकज VRK प्रोडक्शन ने उनके साथ इस भजन को शूट किया। प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, YouTube पर इस गाने को 30 मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है।
सोशल मीडिया से मिली इस लोकप्रियता ने सुनील की प्रतिभा को गांव की सीमाओं से बाहर पहुंचाया। उनकी विशिष्ट बुंदेली गायकी और लोकसंगीत की शैली लोगों को पसंद आई और आखिरकार उन्हें मुंबई से बुलावा मिला।
गांव के बुजुर्गों से सीखा तमूरा बजाना
सुनील का संगीत से जुड़ाव किसी बड़े संगीत संस्थान से शुरू नहीं हुआ था। उन्होंने अपने गांव में बुजुर्गों की संगत में बैठकर तमूरा बजाना सीखा। लोक परंपराओं के बीच संगीत सीखते हुए उन्होंने धीरे-धीरे अपनी गायकी को आगे बढ़ाया।
इसके बाद उन्होंने भारत की महान गायिका लता मंगेशकर को अपना आदर्श माना और उनके गानों के ट्रैक पर भजन गाने का अभ्यास किया। समय के साथ उन्होंने एकतारे के साथ बुंदेली लोकगीत और भजन गाने शुरू कर दिए।
उनकी आवाज में लोकसंगीत की यही पहचान आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी। सोशल मीडिया के दौर में गांव में गाया गया उनका भजन लाखों लोगों तक पहुंचा और उनके लिए नए अवसरों के रास्ते खुलते चले गए।
मुंबई से आया बुलावा, बॉलीवुड तक पहुंची आवाज
‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ की लोकप्रियता के बाद सुनील सिंह लोधी को मुंबई जाने का अवसर मिला। छोटे से गांव से निकलकर फिल्म और संगीत की दुनिया के केंद्र मुंबई तक पहुंचना उनके सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।
जानकारी के मुताबिक, सुनील मुंबई के ओम साइन स्टूडियो में अपना एक गाना रिकॉर्ड कराने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। उनकी इस पोस्ट के बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने उनसे संपर्क किया।
निर्देशक ने उन्हें स्टूडियो बुलाया और उनकी आवाज में चार से पांच लोकगीत सुने। सुनील की गायकी सुनने के बाद फिल्म के लिए एक गाना चुन लिया गया।
आधे घंटे में रिकॉर्ड हुआ ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’
फिल्म निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने सुनील की आवाज में कई लोकगीत सुनने के बाद ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान… सागर में नैया डार दई…’ को फिल्म ‘हनुमान अंश’ के लिए चुना।
खास बात यह रही कि गाने का चयन होने के बाद इसकी रिकॉर्डिंग भी तेजी से पूरी हुई। प्रकाशित जानकारी के अनुसार, करीब आधे घंटे में गाने की रिकॉर्डिंग कर ली गई।
इस गाने के माध्यम से बुंदेली लोकगायकी की झलक अब बड़े पर्दे तक पहुंचने जा रही है। सुनील के लिए यह उनके संगीत जीवन का बड़ा अवसर माना जा रहा है।
आठ गानों का मिला कॉन्ट्रैक्ट
फिल्म ‘हनुमान अंश’ में गाना गाने के साथ सुनील सिंह लोधी को आठ गानों का कॉन्ट्रैक्ट मिलने की जानकारी भी सामने आई है। गांव से शुरू हुए उनके संगीत सफर के लिहाज से यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सोशल मीडिया पर एक भजन के वायरल होने से शुरू हुआ पहचान का सिलसिला अब उन्हें पेशेवर संगीत की दुनिया में नए अवसर दिला रहा है।
सुनील की कहानी यह भी दिखाती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया ने दूर-दराज के क्षेत्रों में मौजूद कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा को बड़े मंच तक पहुंचाने के नए रास्ते तैयार किए हैं।
नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी है ‘हनुमान अंश’
बताया गया है कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित है। इसी फिल्म में सुनील सिंह लोधी की आवाज में हनुमान भक्ति से जुड़ा गीत शामिल किया गया है।
नीम करोली बाबा और हनुमान भक्ति से जुड़े विषय पर बन रही फिल्म में बुंदेली लोकगायक की आवाज शामिल होना सुनील के लिए विशेष उपलब्धि है।
फिल्म से जुड़ी विस्तृत जानकारी और रिलीज से संबंधित अन्य विवरण सामने आने के साथ यह भी स्पष्ट होगा कि सुनील द्वारा गाए गए गीत को फिल्म में किस तरह प्रस्तुत किया गया है।
सागर के छोटे से गांव अगरा से मुंबई तक का सफर
सुनील सिंह लोधी सागर जिले के छोटे से गांव अगरा के निवासी हैं। सीमित संसाधनों और दृष्टिबाधिता के बावजूद उन्होंने अपनी गायकी को आगे बढ़ाया। गांव की लोक परंपराओं से संगीत सीखकर सोशल मीडिया और फिर मुंबई के स्टूडियो तक पहुंचने का उनका सफर प्रेरक माना जा रहा है।
उनकी कहानी में बुंदेली लोकसंगीत की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। स्थानीय भाषा और पारंपरिक शैली में गाए उनके भजनों को सोशल मीडिया के माध्यम से बड़े स्तर पर श्रोता मिले।
‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ से मिली पहचान के बाद अब ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ उनके संगीत सफर का नया अध्याय बन गया है।
बुंदेलखंड की प्रतिभा को मिला बड़ा मंच
सुनील सिंह लोधी की उपलब्धि को बुंदेलखंड के स्थानीय कलाकारों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है। छोटे गांवों में मौजूद लोक कलाकारों को पहले अपनी प्रतिभा बड़े मंच तक पहुंचाने के लिए सीमित अवसर मिलते थे, लेकिन डिजिटल माध्यमों ने यह स्थिति काफी हद तक बदली है।
सुनील का एक वीडियो वायरल हुआ, गाने को लाखों दर्शक मिले और फिर उनकी आवाज मुंबई तक पहुंची। अब फिल्म में गाना गाने और आठ गानों का कॉन्ट्रैक्ट मिलने से उनके संगीत करियर को नया मंच मिला है।
सागर जिले के अगरा गांव से निकली सुनील सिंह लोधी की आवाज अब बॉलीवुड तक पहुंच चुकी है। आने वाले समय में उनके नए गीतों और ‘हनुमान अंश’ में गाए भजन को लेकर उनके प्रशंसकों की नजर बनी रहेगी।
