हनुमान अंश फिल्म नीम करोली बाबा के भक्ति, सेवा, प्रेम और मानवता के संदेशों पर आधारित है। मध्यप्रदेश में इसे टैक्स फ्री करने की मांग उठी है। नागदा में रविवार से फिल्म का प्रदर्शन होगा।
नीम करोली बाबा के जीवन-संदेशों पर बनी ‘हनुमान अंश’ देखने की अपील
मप्र में फिल्म को टैक्स फ्री करने का अभ्यावेदन, विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कहा—युवाओं को मनोरंजन के साथ सेवा और मानवता की प्रेरणा भी देगी फिल्म
नागदा, 29 अगस्त। हनुमान अंश फिल्म सनातनियों के प्रेरणा पुंज नीम करोली बाबा के जीवन, भक्ति, सेवा, प्रेम और मानवता के संदेशों पर आधारित है। फिल्म को मध्यप्रदेश में टैक्स फ्री करने की मांग को लेकर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की ओर से मध्यप्रदेश शासन के वाणिज्यिक कर एवं संस्कृति विभाग को अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया है। ट्रस्ट ने फिल्म की विषयवस्तु के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व का नियमानुसार परीक्षण कर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया है।
इधर नागदा में रविवार से फॉर्च्यून मॉल, नागदा जंक्शन स्थित सिंगल स्क्रीन पर फिल्म का प्रदर्शन होगा। फिल्म का शो सुबह 11 बजे से रहेगा। इसे लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से परिवार सहित फिल्म देखने की अपील की जा रही है।
हनुमान अंश फिल्म: ब्राह्मण परिवार में जन्मे, संदेश मानवता के लिए
नीम करोली बाबा का जन्म ब्राह्मण परिवार में हुआ था। भगवान हनुमान के अनन्य भक्त के रूप में उनकी पहचान बनी। उनके जीवन का मूल संदेश भक्ति के साथ सेवा, प्रेम, करुणा, परोपकार और मानवता रहा। यही कारण है कि उनसे जुड़ी प्रेरणाएं किसी एक समाज तक सीमित न होकर व्यापक मानव समाज के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
‘प्रेरणादायी अंश जीवन में उतारें युवा’
ब्राह्मण समाज नागदा युवा संस्कार परिवार के संयोजक एवं श्री राष्ट्रीय परशुराम सेना युवा वाहिनी मध्यप्रदेश के जिला संयोजक निलेश मेहता, नगर महिला मंडल अध्यक्ष वर्षा मेहता ने नगरवासियों से फिल्म को परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में देखने की अपील की।
मेहता ने कहा कि नीम करोली बाबा का जीवन युवाओं को भक्ति के साथ सेवा, सरलता, प्रेम और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देता है। आज जब युवा मनोरंजन के अनेक माध्यमों से जुड़ा है, ऐसे में प्रेरणादायी जीवन पर आधारित फिल्म उन्हें अपने जीवन में अच्छे संस्कार और सकारात्मक विचार अपनाने की दिशा दे सकती है।
उन्होंने कहा कि फिल्म से मिलने वाले प्रेरणादायी अंशों को जीवन में उतारकर युवा अपने भविष्य को अधिक सार्थक और उज्ज्वल बना सकते हैं।
समाजसेवी मोती सिंह शेखावत ने भी की अपील
समाजसेवी मोती सिंह शेखावत सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं अन्य समुदायों के प्रतिनिधियों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से हनुमान अंश फिल्म देखने की अपील की है।
उनका कहना है कि संतों के जीवन और उनके विचारों पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को भारतीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ने के साथ ही सेवा और सद्भाव का संदेश दे सकती हैं।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने रखा पक्ष
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने कहा कि सिनेमा समाज को प्रभावित करने वाला प्रभावशाली माध्यम है। यदि फिल्म की विषयवस्तु शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई जाती है तो नियमानुसार उसे कर-मुक्त अथवा उपलब्ध शासकीय प्रोत्साहन देने पर विचार किया जाना चाहिए।
ट्रस्ट की ओर से मालती सुनील सिंह यादव, शिवम तिवारी, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, इंदरजीत सिंह चौहान, कृष्णा यादव, साधना सेठी, अनिता दुबे, सुरेन्द्र प्रकाश यादव, युवराज सिंह राठौर, रामवेश सिंह राजावत, मनीष गुप्ता, जीवनलाल जैन ‘चाय वाले’ एवं शोम्पा शाह चटर्जी सहित पदाधिकारियों ने शासन से फिल्म के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व का नियमानुसार परीक्षण करने का आग्रह किया है।
नगर के विभिन्न संगठन व समाज प्रतिनिधियों ने नगरवासियों से परिवार सहित हनुमान अंश फिल्म देखने और नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की गई है।
