आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज सहित आठ संतों का ग्वालियर में भव्य मंगल प्रवेश, जयकारों से गूंजा शहर; जगह-जगह हुआ पाद प्रक्षालन
ग्वालियर की पावन धरा पर दिगंबर संतों का हुआ ऐतिहासिक स्वागत
ग्वालियर। दिगंबर जैन समाज के लिए शुक्रवार का दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से भरा रहा। आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज सहित आठ संतों के ग्वालियर आगमन पर सकल जैन समाज की ओर से भव्य मंगल प्रवेश शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरा शहर जैन धर्म के जयकारों और धार्मिक उत्साह से सराबोर नजर आया।
आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज एवं मुनिश्री अनुमान सागर महाराज ससंघ के ग्वालियर आगमन पर हजारों की संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु एकत्रित हुए और संतों की अगवानी की। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह संतों का पाद प्रक्षालन कर स्वागत किया और दीप प्रज्ज्वलित कर आरती उतारी।
आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज आचार्य श्री विमल सागर महाराज के शिष्य हैं। उनके साथ मुनिश्री अनुमान सागर महाराज सहित अन्य साधु-संतों का ससंघ मंगल प्रवेश ग्वालियर की धार्मिक परंपराओं के अनुरूप भव्य तरीके से संपन्न हुआ।
खासगी बाजार दिगंबर आदिनाथ जैन मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा
ग्वालियर दिगंबर सकल जैन समाज की ओर से आयोजित मंगल प्रवेश शोभायात्रा शुक्रवार को खासगी बाजार स्थित दिगंबर आदिनाथ जैन मंदिर से प्रारंभ हुई। शोभायात्रा में जैन समाज के विभिन्न संगठनों, मंदिर समितियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
शोभायात्रा के सबसे आगे युवा हाथों में जैन ध्वज लेकर चल रहे थे। धार्मिक धुनों और ढोल-ताशों की गूंज के बीच श्रद्धालु भक्ति भाव में नजर आए। युवक और युवतियों ने जैन भजनों पर उत्साहपूर्वक नृत्य किया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
महिलाएं केसरिया रंग की साड़ियों में और पुरुष सफेद परिधानों में शोभायात्रा में शामिल हुए। सभी श्रद्धालुओं ने अनुशासन और श्रद्धा के साथ संतों का स्वागत किया। आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज भक्तों को आशीर्वाद देते हुए शोभायात्रा में आगे बढ़े।
आठ संतों का हुआ एक साथ मंगल प्रवेश
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस भव्य मंगल प्रवेश में कुल आठ संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ।
इनमें प्रमुख रूप से—
- आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज
- मुनिश्री अनुमान सागर महाराज
- गणिनी आर्यिका श्री शाश्वत श्री माताजी
- आर्यिका श्री स्वात्मश्री माताजी
- आर्यिका श्री पुरुषार्थ श्री माताजी
- आर्यिका श्री समवशरण श्री माताजी
- ऐलक श्री उत्सव सागर महाराज
- क्षुल्लक श्री अरति सागर महाराज
ससंघ शामिल रहे।
संतों के आगमन को लेकर जैन समाज में कई दिनों से उत्साह का माहौल था। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग को सजाया और संतों के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की थीं।
गांधी मार्केट से नई सड़क तक गूंजे धार्मिक जयकारे
मंगल प्रवेश शोभायात्रा खासगी बाजार जैन मंदिर से प्रारंभ होकर गांधी मार्केट, मोर बाजार, दाना ओली होते हुए नई सड़क स्थित चंपाबाग धर्मशाला पहुंची।
पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने संतों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं। जगह-जगह रंगोली सजाई गई और स्वागत मंच बनाए गए। विभिन्न स्थानों पर समाजजनों ने संतों का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
बैंड, ढोल-ताशों और धार्मिक भजनों के बीच निकली शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। रास्ते में मौजूद लोगों ने संतों के दर्शन कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
जगह-जगह हुआ पाद प्रक्षालन, दीपों से उतारी गई आरती


आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज और अन्य संतों के स्वागत के लिए जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं और मंदिर समितियों ने विशेष आयोजन किए।
जिन मार्गों से शोभायात्रा निकली, वहां श्रद्धालुओं ने संतों के चरणों का जल से पाद प्रक्षालन किया और दीपों से आरती उतारी। धार्मिक परंपरा के अनुसार संतों के चरणों में श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा अर्पित की।
इस दौरान वातावरण में लगातार धार्मिक जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री से आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन में धर्म और संयम के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
चंपाबाग धर्मशाला में हुआ धर्मसभा का आयोजन
शोभायात्रा के चंपाबाग धर्मशाला स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज एवं मुनिश्री अनुमान सागर महाराज के सानिध्य में धर्मसभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान पार्श्वनाथ के चित्र के अनावरण के साथ हुआ। इसके साथ ही आचार्य श्री विमल सागर महाराज के चित्र का भी अनावरण किया गया।
चित्र अनावरण कार्यक्रम में समाज के प्रमुख लोगों ने भाग लिया। भगवान के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता की।
आचार्य श्री के चरणों में अर्पित किए श्रीफल, लिया आशीर्वाद

धर्मसभा के दौरान श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज के चरणों का पाद प्रक्षालन किया और शास्त्र भेंट कर सम्मान व्यक्त किया।
नरेश रावक द्वारा आचार्य श्री के चरणों का पाद प्रक्षालन किया गया, जबकि सतीश चांदवाड़ परिवार की ओर से शास्त्र भेंट किए गए।
इसके अलावा डॉ. वीरेंद्र गंगवाल, प्रशांत गंगवाल, विकास गंगवाल, अजीत वरैया, महेंद्र टोंग्या, निर्मल पाटनी, बालचंद्र जैन, विनय कासलीवाल, पंकज बाकलीवाल, प्रमोद टोंग्या, पंकज छाबड़ा, संजय गोधा सहित अनेक श्रद्धालुओं और मंदिर समितियों ने आचार्य श्री के चरणों में श्रीफल अर्पित कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम का संचालन विनय कासलीवाल ने किया।
जैन समाज की संस्थाओं ने किया संतों का स्वागत
आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज की मंगल प्रवेश शोभायात्रा के दौरान विभिन्न जैन संस्थाओं और मंदिर समितियों ने स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए।
इन संस्थाओं में प्रमुख रूप से—
- जैन सोशल ग्रुप ग्वालियर
- दिगंबर जैन युवा जागरण मंच ग्रेटर
- आप और हम टीम
- दिगंबर जैन नागौरी
- वरैया जैन मंदिर
- जैसावाल जैन मंदिर
- जैन मिलन महिला नेमीनाथ
- चंपाबाग जैन मंदिर
शामिल रहे।
इन संस्थाओं के सदस्यों ने संतों के चरणों का जल से पाद प्रक्षालन किया और दीपों से आरती उतारकर भव्य स्वागत किया।
धर्म और भक्ति के रंग में रंगा ग्वालियर
आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज सहित आठ संतों के मंगल प्रवेश ने ग्वालियर के जैन समाज में नई आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, अनुशासन और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
संतों के दर्शन और आशीर्वाद के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जैन समाज के लोगों ने इस अवसर को ऐतिहासिक और पुण्यदायी बताते हुए कहा कि संतों का आगमन समाज को धर्म, संयम और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
ग्वालियर में हुए इस भव्य मंगल प्रवेश समारोह ने एक बार फिर जैन धर्म की परंपराओं, संस्कारों और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित किया।
