Gwalior Viral Car: 3400 लिपस्टिक ‘KISS’ से सजी कार की Reel पड़ी भारी, पुलिस ने काटा 5500 रुपये का चालान
सोशल मीडिया पर 55 लाख से ज्यादा व्यूज मिलने के बाद ट्रैफिक पुलिस की नजर में आया वीडियो, नंबर के आधार पर कार को किया ट्रेस; मालिक ने थाने में साफ किए लिपस्टिक के निशान
ग्वालियर। सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए बनाए जाने वाले अनोखे वीडियो कई बार कानूनी परेशानी का कारण भी बन सकते हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक Maruti Suzuki Swift कार को हजारों लिपस्टिक ‘KISS’ के निशानों से सजाकर बनाई गई Reel कार मालिक को महंगी पड़ गई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ तो मामला ट्रैफिक पुलिस तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिस ने कार को ट्रेस कर कार्रवाई की और करीब 5500 रुपये का चालान काटा।
बताया जा रहा है कि कार पर करीब 3400 लिपस्टिक किस के निशान बनाए गए थे। इस अनोखी कार की Reel को सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब देखा और एक दिन के भीतर ही वीडियो को करीब 55 लाख व्यूज मिल गए। हालांकि वायरल वीडियो में कार को सड़क पर चलाते हुए दिखाए जाने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया।
रजिस्ट्रेशन नंबर से पुलिस ने कार को किया ट्रेस
जानकारी के मुताबिक वायरल Reel में कार का रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाई दे रहा था। इसी के आधार पर ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस ने वाहन की पहचान की और उसे ट्रेस किया। इसके बाद कार को ट्रैफिक पुलिस स्टेशन लाया गया और वाहन मालिक आदित्य सिकरवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया।
पुलिस कार्रवाई के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर और ज्यादा चर्चा में आ गया। खासकर लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर कार पर लिपस्टिक से किस के निशान बनाने पर चालान क्यों किया गया और इस तरह की सजावट किस स्थिति में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के दायरे में आ सकती है।
करीब साढ़े तीन घंटे में तैयार हुई थी ‘Kissing Car’
रिपोर्ट के मुताबिक कार को अलग अंदाज देने के लिए करीब 3400 लिपस्टिक किस के निशान लगाए गए थे। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग साढ़े तीन घंटे का समय लगा। बताया गया कि लिपस्टिक पर करीब 800 से 900 रुपये खर्च किए गए।
इसके बाद कार की Reel तैयार की गई। वीडियो में कार को ग्वालियर के पटेल नगर-सिटी सेंटर क्षेत्र में सड़क पर चलते हुए दिखाया गया। सोशल मीडिया पर अलग तरह का कंटेंट होने के कारण वीडियो तेजी से वायरल होने लगा।
55 लाख व्यूज के बाद पुलिस की नजर में आई Reel
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के बाद Reel की पहुंच तेजी से बढ़ी। दावा है कि एक दिन के भीतर इसे करीब 55 लाख बार देखा गया। वायरल होने के साथ वीडियो ट्रैफिक पुलिस की नजर में भी आ गया।
पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे वाहन और उसकी गतिविधियों का संज्ञान लिया। इसके बाद वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर कार मालिक तक पहुंचा गया। पुलिस ने कार को ट्रैफिक थाने बुलाकर मामले में आवश्यक कार्रवाई की।
आखिर पुलिस ने क्यों काटा 5500 रुपये का चालान?
पुलिस के मुताबिक मामला केवल कार पर लिपस्टिक के निशान लगाने तक सीमित नहीं था। वायरल वीडियो में वाहन को सड़क पर तेज रफ्तार में चलाए जाने की बात भी सामने आई। इसके अलावा वाहन के बाहरी हिस्से को बड़े पैमाने पर लिपस्टिक के निशानों से ढका गया था।
वाहनों से जुड़े नियमों के तहत ऐसे अनधिकृत बदलाव या गतिविधियां, जिनसे वाहन की पहचान, सुरक्षा अथवा सड़क पर सुरक्षित संचालन प्रभावित होने की स्थिति बनती है, कार्रवाई के दायरे में आ सकती हैं। इसी तरह सार्वजनिक सड़क पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन चलाने पर भी ट्रैफिक नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने मामले में अलग-अलग नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए कार मालिक पर करीब 5500 रुपये का चालान लगाया।
क्या कार को सजाना गैरकानूनी है?
यह समझना जरूरी है कि सामान्य रूप से कार को सजाने की हर गतिविधि अपने आप में गैरकानूनी नहीं होती। लेकिन सजावट या मॉडिफिकेशन ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे वाहन की मूल पहचान, रजिस्ट्रेशन प्लेट, लाइट, शीशे, चालक की दृश्यता या अन्य सुरक्षा संबंधी हिस्से प्रभावित हों। वाहन में ऐसे बदलाव भी समस्या पैदा कर सकते हैं जो निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानकों के अनुरूप न हों।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई वायरल वीडियो में सामने आई पूरी गतिविधि और कथित ट्रैफिक उल्लंघनों के आधार पर की गई। इसलिए इसे केवल ‘लिपस्टिक लगाने पर चालान’ के रूप में देखना पूरी तस्वीर नहीं बताता।
महिला दोस्त के आइडिया पर बनाई गई थी Reel
पूछताछ के दौरान कार मालिक आदित्य सिकरवार ने पुलिस को बताया कि ‘Kissing Car’ बनाने का आइडिया उसकी एक महिला दोस्त ने दिया था। सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड से प्रेरित होकर दोनों ने अलग तरह की Reel बनाने की योजना बनाई थी।
इसके बाद कार पर बड़ी संख्या में लिपस्टिक किस के निशान बनाए गए और वीडियो शूट कर Instagram पर पोस्ट किया गया। कार मालिक का कहना था कि उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि सोशल मीडिया के लिए किया गया यह प्रयोग उसे कानूनी परेशानी में डाल सकता है।
थाने में खुद साफ किए कार से लिपस्टिक के निशान
पुलिस कार्रवाई के बाद कार मालिक ने अपनी गलती स्वीकार की और चालान की राशि जमा की। इसके बाद पुलिस स्टेशन परिसर में ही कार पर बने लिपस्टिक के निशानों को साफ कराया गया। बताया गया कि वाहन मालिक ने खुद कार से इन निशानों को हटाया।
रिपोर्ट के मुताबिक घटना के बाद उसने अपनी Instagram ID भी बंद कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल होने के उद्देश्य से बनाई गई Reel इस तरह ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई और चालान के कारण चर्चा का विषय बन गई।
वायरल Reel बनाने वालों के लिए सबक
ग्वालियर का यह मामला सोशल मीडिया कंटेंट बनाने वाले युवाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। Reel या वीडियो बनाते समय सार्वजनिक सड़क पर ट्रैफिक नियमों का पालन करना जरूरी है। व्यूज और वायरल कंटेंट के लिए तेज रफ्तार, खतरनाक ड्राइविंग, स्टंट या वाहन में नियमों के विपरीत बदलाव न केवल चालक बल्कि सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं।
पुलिस की कार्रवाई यह भी बताती है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो के आधार पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की पहचान की जा सकती है। इसलिए किसी भी वायरल ट्रेंड को अपनाने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उससे यातायात नियमों और सार्वजनिक सुरक्षा का उल्लंघन न हो।
