Gwalior में जुलूस के दौरान पुलिस से विवाद का वीडियो वायरल, हमले के प्रयास के दावे
डीजे को लेकर आपत्ति के बाद विवाद की बात
Gwalior। पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान ग्वालियर के बहोड़ापुर क्षेत्र में पुलिस अधिकारियों और कुछ लोगों के बीच कथित विवाद का मामला सामने आया है। घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस अधिकारियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और आक्रामक व्यवहार दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जुलूस के दौरान डीजे के कथित नियम विरुद्ध उपयोग को लेकर पुलिस अधिकारियों ने आपत्ति जताई थी। इसी दौरान कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस अधिकारियों के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की किए जाने की बात कही जा रही है।
कार्बाइड बंदूकों के इस्तेमाल का भी दावा
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ दावे सामने आए हैं, जिनमें जुलूस के दौरान कथित तौर पर प्रतिबंधित कार्बाइड बंदूकों के इस्तेमाल की बात कही जा रही है। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले की जांच के दौरान यदि प्रतिबंधित उपकरणों के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ लागू कानून और नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल सोशल मीडिया पर सामने आए दावों को आधिकारिक जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
बाइक स्टंट से यातायात प्रभावित होने का दावा
जुलूस के दौरान कुछ युवाओं द्वारा बाइक से स्टंट किए जाने की बात भी सोशल मीडिया पर कही जा रही है। इसके कारण सड़क पर यातायात प्रभावित होने और राहगीरों को परेशानी होने का दावा किया गया है।
धार्मिक जुलूसों के दौरान पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था के साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी रहती है। ऐसे में घटना के सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वायरल वीडियो की होगी जांच
वीडियो सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता और उसकी पूरी परिस्थितियों की जांच करने के साथ मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों तथा अन्य लोगों के बयान दर्ज कर सकती है।
जांच में यह भी स्पष्ट किया जा सकता है कि विवाद किस कारण शुरू हुआ और घटनाक्रम के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
जांच के बाद हो सकती है कानूनी कार्रवाई
यदि जांच में पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट या हमला करने का प्रयास, डीजे संबंधी नियमों का उल्लंघन, प्रतिबंधित उपकरणों का इस्तेमाल अथवा यातायात बाधित करने जैसे आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों और संभावित कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दैनिक स्वराज वाणी | प्रियंका गुजराती
