स्वर्ण मंदिर में क्षमावाणी महापर्व पर बोले ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’, तपस्वियों का हुआ बहुमान
ग्वालियर। दशलक्षण महापर्व के समापन अवसर पर दिगंबर पार्श्वनाथ जैन स्वर्ण मंदिर की ओर से सामूहिक क्षमावाणी महापर्व एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नई सड़क स्थित तेरह पंथी धर्मशाला में किया गया। इस अवसर पर जैन समाजबंधुओं ने वर्षभर में मन, वचन और काया से जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगी। सभी ने हाथ जोड़कर ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ कहते हुए आपसी वैर-विरोध और मनमुटाव समाप्त कर प्रेम, मैत्री और सद्भाव के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीएसपी रोबिन जैन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पंडित सुनील शास्त्री उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रवीण गंगवाल ने की। अध्यक्ष प्रवीण गंगवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। सचिव अंकित पाटनी ने मुख्य अतिथि का परिचय प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वर्ण जैन महिला मंडल की अध्यक्ष मोनिका सेठी, सचिव अर्पिता अजमेरा और कोषाध्यक्ष मोनिका पाटनी ने स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया।
क्षमा आत्मशुद्धि एवं आत्मकल्याण का मार्ग : सीएसपी रोबिन जैन
मुख्य अतिथि सीएसपी रोबिन जैन ने कहा कि क्षमा आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण का मार्ग है। मन में किसी के प्रति द्वेष नहीं रखना तथा अपनी भूल स्वीकार कर क्षमा मांगना ही क्षमावाणी पर्व की वास्तविक भावना है।
पंडित सुनील शास्त्री ने कहा कि क्षमा मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति और आंतरिक बल का प्रतीक है। क्षमा आपसी कटुता को दूर कर रिश्तों में मधुरता और सद्भाव बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया सामाजिक संदेश
कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। महिलाओं ने ‘जैन धर्म का तीर्थ सम्मेद शिखर बचाओ’ विषय पर नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर तीर्थ संरक्षण का संदेश दिया। वहीं जैन जनगणना में ‘जैन’ शब्द लिखने के महत्व को लेकर महिलाओं और बच्चों ने नाटिका के माध्यम से जागरूकता का संदेश दिया।
तपस्वियों का किया गया बहुमान
पर्युषण पर्व के दौरान 10, 5 और 3 दिन के उपवास सहित विभिन्न तप आराधनाएं करने वाले तपस्वियों का कार्यक्रम में सम्मान किया गया। स्वर्ण मंदिर परिवार की ओर से तपस्वियों को माला और दुपट्टा पहनाकर तथा णमोकार मंत्र स्मृति चिह्न भेंट कर बहुमान किया गया।
सम्मानित तपस्वियों में निधि जैन, सचिन, श्रद्धा लुहाड़िया, रतन अजमेरा, अदिति शाह, रेखा पाटनी, रेणु जैन, अर्चना पाटनी, अखिलेश जैन, बीना गंगवाल, प्रियांक पाटनी, प्रबल सेठी, निशा गंगवाल, दिशा जैन और हर्षित जैन शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान समाजबंधुओं ने एक-दूसरे से क्षमा मांगते हुए ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ कहा और आपसी प्रेम, मैत्री एवं सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
