Gwalior में बिना फायर सेफ्टी चल रही कोचिंग पर कार्रवाई, 200 छात्र मिले मौजूद, दो कोचिंग और एक गोदाम सील
लखनऊ हादसे के बाद एमपी में सख्ती
लखनऊ में कोचिंग सेंटर की इमारत में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे देश में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी घटना के बाद मध्य प्रदेश में भी प्रशासन ने कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा जांच अभियान तेज कर दिया है।
Gwalior में नगर निगम और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने शहर में व्यापक सर्चिंग अभियान चलाते हुए कई कोचिंग संस्थानों और एक बड़े गोदाम का निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आने पर दो कोचिंग सेंटर और एक कपड़ा गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
200 छात्रों की जान जोखिम में
सबसे गंभीर स्थिति लोको क्षेत्र स्थित अभिज्ञान कोचिंग सेंटर में देखने को मिली, जहां लगभग 200 छात्र कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे। जांच के दौरान पाया गया कि संस्थान में न तो फायर एक्सटिंग्विशर की व्यवस्था थी और न ही कोई आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) मौजूद था।
फायर टीम ने मौके की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सभी कक्षाएं खाली करवाईं और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद कोचिंग सेंटर को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
थाटीपुर में कपड़ा गोदाम भी सील
सर्चिंग अभियान के दौरान थाटीपुर इलाके में स्थित नोनिहाल स्कूल यूनिफॉर्म प्रतिष्ठान की भी जांच की गई। यह प्रतिष्ठान केवल एक दुकान नहीं बल्कि गोदाम, यूनिफॉर्म निर्माण यूनिट और कार्यालय के रूप में संचालित हो रहा था।
निरीक्षण में पाया गया कि परिसर में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री का भंडारण किया गया था, जबकि अग्नि सुरक्षा के कोई पर्याप्त उपाय मौजूद नहीं थे। स्थिति को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने इस प्रतिष्ठान को भी तत्काल सील कर दिया।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सख्त रुख
नगर निगम के नोडल अधिकारी रजनीश गुप्ता ने बताया कि जिन संस्थानों को सील किया गया है, उन्हें केवल तब ही पुनः खोला जाएगा जब वे सभी फायर सेफ्टी मानकों को पूरा करेंगे और आवश्यक एनओसी (No Objection Certificate) प्राप्त करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी जो सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करते। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी क्योंकि एक छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
लखनऊ हादसे ने बढ़ाई चिंता
यह कार्रवाई लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद तेज की गई है, जहां एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। यह इमारत पूरी तरह से ‘डेथ ट्रैप’ बन गई थी क्योंकि इसमें केवल एक ही निकास मार्ग था।
आग लगने के बाद अंदर फंसे लोगों के लिए बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था। एसी पैनल, तारों और अन्य उपकरणों की वजह से आग तेजी से फैल गई और बड़ा हादसा हो गया।
इस घटना ने देशभर में कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Gwalior में जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने साफ किया है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि लगातार जारी रहेगा। शहर के सभी कोचिंग संस्थानों, स्कूलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी जगह सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है।
निष्कर्ष
Gwalior में हुई यह कार्रवाई छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है। बिना फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट के चल रही कोचिंग सेंटरों पर सील की कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लखनऊ हादसे के बाद उठाए गए ये कदम भविष्य में बड़े हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
