ग्वालियर में भगवान पार्श्वनाथ की 40वीं वार्षिक पालकी शोभायात्रा निकली, क्षमावाणी पर समाजजनों ने मांगी क्षमा
दैनिक स्वराज वाणी | ग्वालियर
ग्वालियर। पर्यूषण पर्व के बाद गुढ़ा-गुढ़ी नाका स्थित श्री दिगंबर जैन वरैया पंचायती मंदिर से शनिवार को भगवान पार्श्वनाथ की पालकी शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर समिति और सकल जैन समाज के तत्वावधान में आयोजित इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन के अनुसार, मंदिर से वार्षिक पालकी शोभायात्रा निकालने की परंपरा लगातार 40 वर्षों से चली आ रही है।
कंधों पर पालकी लेकर चले श्रद्धालु
शोभायात्रा दिगंबर जैन वरैया पंचायती मंदिर से गाजे-बाजे के साथ प्रारंभ हुई। गुढ़ा-गुढ़ी नाका और मुख्य मार्गों से होते हुए पालकी इंद्रलोक गार्डन स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालु भगवान पार्श्वनाथ की पालकी को कंधों पर लेकर चले और जयकारे लगाए। ढोल-ताशों की धुन पर महिला श्रद्धालुओं ने डांडिया नृत्य किया।
पालकी के मार्ग में समाजजनों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के सामने रंगोली सजाई। कई स्थानों पर दीपकों से भगवान पार्श्वनाथ की आरती उतारकर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। जुलूस में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की सहभागिता रही। धार्मिक गीतों, वाद्ययंत्रों और जयघोष के बीच श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे।
क्षमावाणी पर एक-दूसरे से मांगी क्षमा
आयोजन के दौरान क्षमावाणी पर्व की परंपरा भी निभाई गई। महिलाओं और पुरुषों ने एक-दूसरे से मिलकर क्षमा याचना की। समाजजनों ने हाथ जोड़कर, चरण स्पर्श कर और गले मिलकर आपसी संबंधों में क्षमा तथा सद्भाव का संदेश दिया।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पर्यूषण पर्व के बाद निकलने वाली इस शोभायात्रा का समाज में विशेष स्थान है। वार्षिक आयोजन के लिए श्रद्धालु मंदिर में एकत्र हुए और पालकी के साथ निर्धारित मार्ग से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे।
बच्चों ने दी नृत्य प्रस्तुति, भजनों से गूंजा परिसर
इंद्रलोक गार्डन में पालकी पहुंचने के बाद धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। आस्था महिला मंडल की पाठशाला के बच्चों ने नृत्य प्रस्तुति दी। इसके बाद कोमल चंद्र जैन, प्रमोद जैन, भानु जैन और पंकज जैन टिल्लू ने भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित संगीतमय भजन प्रस्तुत किए। श्रद्धालुओं ने भजनों के दौरान सहभागिता की।
कार्यक्रम में भगवान जिनेंद्र का कलशाभिषेक भी किया गया। प्रथम कलशाभिषेक नत्थीलाल और अजय जैन ने किया। दूसरा कलश विजय और वरुण जैन, तीसरा संतोष जैन तथा चौथा सुधीर और शुभम जैन ने चढ़ाया। पांचवां कलशाभिषेक सतीश और मुकेश जैन परिवार ने किया। श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ का अष्ट द्रव्य से पूजन किया। धार्मिक क्रियाओं के बाद श्रीजी को वापस मंदिर की वेदी पर विराजित किया गया।
आयोजन में समाजजनों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चेंबर के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल उपस्थित रहे। वरैया महासभा के मंत्री नरेश जैन नीरू, आर.के. जैन और पार्षद धनेंद्र जैन भी मौजूद थे। मंदिर समिति की ओर से नत्थीलाल जैन, सतीश कुमार जैन, मुकेश कुमार जैन, विजय कुमार जैन, डालचंद जैन, गोपालदास जैन, आशीष जैन, नरेश कुमार जैन और प्रवक्ता सचिन जैन सहित अनेक समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन मुकेश जैन ने किया।
मंदिर से पालकी के प्रस्थान, मार्ग में स्वागत, क्षमावाणी और कलशाभिषेक तक पूरे आयोजन में समाजजनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। 40वीं वार्षिक शोभायात्रा का समापन भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा को मंदिर की वेदी पर पुनः विराजित करने के साथ हुआ।
