गुना नाइट मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन, पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों का व्यापक परीक्षण किया। पढ़ें दैनिक स्वराज वाणी न्यूज़ की विस्तृत रिपोर्ट।
7 बड़ी तैयारियां: गुना में रात के अंधेरे में हुई आपदा प्रबंधन की मेगा मॉक ड्रिल, प्रशासन की तत्परता का दमदार प्रदर्शन
रिपोर्ट: सौरभ विरथरे (कुमरयाई), संवाददाता, दैनिक स्वराज वाणी न्यूज़, गुना
गुना नाइट मॉक ड्रिल
गुना नाइट मॉक ड्रिल के माध्यम से जिला प्रशासन ने शुक्रवार शाम आपदा प्रबंधन व्यवस्था की व्यापक जांच की। कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल की मौजूदगी में आयोजित इस विशेष अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में सभी विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय का परीक्षण करना था।
रात्रिकालीन परिस्थितियों को वास्तविक बनाने के लिए प्रशासन ने बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर एक झोपड़ी में आग लगने की काल्पनिक घटना तैयार की। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और राहत-बचाव दल निर्धारित समय में घटनास्थल पर पहुंच गए।
वास्तविक आपदा जैसा बनाया गया माहौल
गुना नाइट मॉक ड्रिल के दौरान पूरी प्रक्रिया को इस प्रकार संचालित किया गया कि यह वास्तविक आपदा जैसी प्रतीत हो। बचाव दल ने आग पर नियंत्रण पाने के साथ-साथ घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के बाद अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
फायर सेफ्टी उपकरणों, एंबुलेंस, संचार प्रणाली और राहत सामग्री की उपलब्धता एवं कार्यक्षमता का भी परीक्षण किया गया।
यातायात और संचार व्यवस्था भी परखी गई
आपदा के दौरान राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए संबंधित मार्गों पर अस्थायी रूप से यातायात नियंत्रित किया गया।
कंट्रोल रूम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड एवं अन्य विभागों के बीच समन्वय की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया गया। मीडिया को समयबद्ध एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी अभ्यास का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
कई विभागों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
गुना नाइट मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, होमगार्ड तथा अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस दौरान उपस्थित प्रमुख अधिकारी—
- कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल
- पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल
- अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन
- संयुक्त कलेक्टर श्री संजीव खेमरिया
- एसडीएम श्रीमती शिवानी पांडे
- जिला कमांडेंट होमगार्ड श्री राजकुमार पथरोल
- विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी
प्रशासन ने क्या कहा?
जिला प्रशासन के अनुसार गुना नाइट मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदा की स्थिति में सभी विभाग त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य कर सकें।
ऐसे नियमित अभ्यास भविष्य में संभावित संकटों से निपटने की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाते हैं।
आपदा प्रबंधन क्यों है जरूरी?
मध्यप्रदेश सहित देशभर में समय-समय पर आग, सड़क दुर्घटना, बाढ़, भूकंप एवं अन्य आपदाओं की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में पूर्व तैयारी, प्रशिक्षित टीम और संसाधनों की उपलब्धता जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम कर सकती है।
गुना नाइट मॉक ड्रिल इसी दिशा में जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
निष्कर्ष
गुना जिले में आयोजित यह गुना नाइट मॉक ड्रिल प्रशासन की सजगता, विभागों के उत्कृष्ट समन्वय और आपदा प्रबंधन क्षमता का प्रभावी उदाहरण रही। इस अभ्यास से यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहने का प्रयास कर रहा है।



