गुना में BJP विधायक पन्नालाल शाक्य के बयान पर विवाद, सीता को बताया ‘मौत का सामान’; चाचौड़ा विधायक ने जताई आपत्ति
गुना। मध्य प्रदेश के गुना में आयोजित बलराम महोत्सव के दौरान BJP विधायक पन्नालाल शाक्य के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में रामायण, महाभारत और पृथ्वीराज चौहान से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए शाक्य ने महिलाओं और पुरुषों की भूमिका को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने भगवान राम और सीता से जुड़े प्रसंग का जिक्र करते हुए सीता को कथित तौर पर ‘मौत का सामान’ बताया।
विधायक के बयान के दौरान मंच पर मौजूद चाचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने तुरंत आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह कहना सही नहीं है और महिलाओं ने भी बलिदान दिया है। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच मंच पर ही कुछ देर बातचीत हुई। शाक्य ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि उन्होंने कई किताबें पढ़ी हैं और उन्हें घटनाओं की जानकारी है।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद विधायक के बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
रामायण का प्रसंग सुनाते हुए दिया बयान
कार्यक्रम में पन्नालाल शाक्य ने अपने संबोधन के दौरान रामायण काल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रावण को उसके भाई विभीषण ने समझाया था कि वह पराई स्त्री को क्यों लेकर आया है और उसे सम्मान के साथ वापस भेज देना चाहिए।
इसी प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए विधायक ने सीता के संदर्भ में ‘मौत का सामान’ शब्द का इस्तेमाल किया। उनके इस बयान को लेकर मंच पर मौजूद लोगों के बीच भी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
शाक्य ने अपने संबोधन में यह तर्क देने की कोशिश की कि रामायण, महाभारत और बाद के ऐतिहासिक प्रसंगों में पुरुषों की बड़ी संख्या में मृत्यु हुई, जबकि महिलाओं की मृत्यु नहीं हुई।
चाचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने जताई आपत्ति
जब पन्नालाल शाक्य महिलाओं के बलिदान को लेकर अपनी बात रख रहे थे, तभी मंच पर मौजूद चाचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने उन्हें रोकते हुए कहा कि महिलाओं के बारे में ऐसा कहना सही नहीं है।
प्रियंका पेंची ने कहा कि महिलाओं ने भी बलिदान दिया है और वह खुद भी एक महिला हैं। उन्होंने शाक्य के बयान को गलत बताया।
इसके जवाब में शाक्य ने कहा कि उन्होंने भी काफी किताबें पढ़ी हैं और उन्हें इन घटनाओं की जानकारी है। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों के हंसने की आवाज भी सुनाई दी।
दोनों विधायकों के बीच हुई यह बातचीत अब चर्चा का विषय बन गई है।
महाभारत के युद्ध का भी किया जिक्र
पन्नालाल शाक्य ने अपने भाषण में महाभारत का उदाहरण भी दिया। उन्होंने द्रौपदी, जिन्हें उन्होंने ‘पांचाली’ कहा, से जुड़े प्रसंग का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उनके पीछे बड़ी संख्या में पुरुषों की जान गई।
उन्होंने कहा कि महाभारत के युद्ध में एक करोड़ पुरुष मारे गए, जबकि महिलाओं की मौत नहीं हुई। विधायक ने इसे एक ऐसी विडंबना के तौर पर पेश किया, जिसे समझने की जरूरत है।
हालांकि, महाभारत के पात्रों और युद्ध में हताहतों की संख्या को लेकर अलग-अलग धार्मिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक परंपराओं में अलग-अलग विवरण मिलते हैं। ऐसे में विधायक द्वारा बताई गई संख्या को उनके भाषण में किए गए दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता का प्रसंग
BJP विधायक ने अपने संबोधन में 12वीं शताब्दी के राजा पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता से जुड़े लोकप्रिय ऐतिहासिक प्रसंग का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पृथ्वीराज चौहान ने संयोगिता के पीछे कन्नौज से दिल्ली तक अपने 55 सामंतों को मरवा दिया था। विधायक ने इस प्रसंग को पुरुषों की जान जाने से जोड़ते हुए कहा कि इसका प्रभाव आज तक देखने को मिलता है।
पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता की कहानी भारतीय इतिहास और लोक परंपराओं में लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। हालांकि, इस कहानी से जुड़े कई विवरणों की ऐतिहासिक प्रमाणिकता को लेकर इतिहासकारों के बीच मतभेद भी रहे हैं।
गीतों को लेकर भी बोले विधायक
अपने भाषण के दौरान पन्नालाल शाक्य ने देशभक्ति गीतों और उनके शब्दों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ऐसे गीत नहीं गाए जाने चाहिए, जिनमें देश के लिए जान देने की बात कही जाती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज ऐसी स्थिति बन रही है कि संदेश ‘ऐ वतन, हम तेरे लिए जान नहीं देंगे, जान ले लेंगे’ जैसा होना चाहिए।
विधायक ने इस बात पर जोर दिया कि देश और समाज को लेकर लोगों की सोच में बदलाव आना चाहिए। उनके इस बयान को भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सुना और यह हिस्सा भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया।
बयान के बाद बढ़ा विवाद
बलराम महोत्सव में दिए गए पन्नालाल शाक्य के बयान का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर सीता को ‘मौत का सामान’ कहे जाने और महिलाओं के बलिदान को लेकर दिए गए बयान पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
वहीं, कार्यक्रम में मौजूद चाचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची द्वारा तत्काल आपत्ति जताए जाने से यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। उन्होंने मंच से ही स्पष्ट किया कि महिलाओं ने भी बलिदान दिया है और इस तरह की बात को सही नहीं माना जा सकता।
फिलहाल यह बयान राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है। विधायक पन्नालाल शाक्य के भाषण के अलग-अलग हिस्सों के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विवाद का केंद्र मुख्य रूप से सीता को लेकर की गई टिप्पणी और महिलाओं के बलिदान पर विधायक की धारणा बनी हुई है।
