हरियाली यात्रा और तिरंगा यात्रा से आठनेर में जागी जनचेतना
संवाददाता : आशीष ठाकरे
पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रप्रेम का दिया संदेश
आठनेर। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड आठनेर के निर्देशन में नवांकुर सखी हरियाली यात्रा एवं घर-घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन विकासखंड के चयनित प्रस्फुटन ग्रामों में किया गया। नवांकुर संस्थाओं और ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के सहयोग से आयोजित इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और हरित ग्राम निर्माण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। वहीं तिरंगा यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों को राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा, देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
हरियाली यात्रा से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
जिले की अंतिम पंचायत मानी जाने वाली महाराष्ट्र सीमा से सटे ग्राम धारुल में हरियाली यात्रा के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विकासखंड समन्वयक मधु चौहान ने कहा कि “पेड़ केवल प्रकृति की शोभा नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं।”
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, शुद्ध वायु उपलब्ध कराने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करना जरूरी है। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
पौधारोपण को बताया सुरक्षित भविष्य का संकल्प
सेक्टर कावला की नवांकुर संस्था सतपुड़ा पर्यावरण समिति के अध्यक्ष सतीश ठाकरे ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “वृक्षारोपण केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।”
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संतुलन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। पौधारोपण को जनआंदोलन का रूप देकर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और सुरक्षित पर्यावरण तैयार किया जा सकता है।
इस अवसर पर संस्था की ओर से ग्रामीणों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे निःशुल्क वितरित किए गए।

ग्रामीणों को बांटे गए फलदार और छायादार पौधे
हरियाली यात्रा के दौरान ग्रामीणों को बेल, समी, आम, कटहल, सुरजना और नीम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराए गए। ग्रामीणों ने इन पौधों को अपने घरों, खेतों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर लगाने का संकल्प लिया।
इसके साथ ही चयनित ग्रामों में फलदार और छायादार पौधों का रोपण भी किया गया। ग्रामीणों को पौधों के संरक्षण और संवर्धन की शपथ दिलाई गई, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर भविष्य में बड़े वृक्षों का रूप ले सकें।
तिरंगा यात्रा से जागा राष्ट्रप्रेम
पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ चयनित ग्रामों में तिरंगा यात्रा भी निकाली गई। यात्रा के दौरान ग्रामीणों को राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा, गौरव और महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
नवांकुर संस्था जागृति ग्राम विकास समिति बरखेड़ के अध्यक्ष देवीदास गावंडे ने कहा, “हर हाथ एक पौधा लगाए और हर हृदय में तिरंगे का सम्मान जगाए।” उन्होंने कहा कि जब देश का प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण के साथ राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझेगा, तभी भारत एक हरित, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ेगा।
एकता और सामाजिक सहभागिता का संदेश
तिरंगे की शान के साथ निकाली गई यात्रा में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यात्रा के माध्यम से गांवों में एकता, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ग्रामीणों को देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाया।

पर्यावरण और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम
नवांकुर सखी हरियाली यात्रा और तिरंगा यात्रा ने ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्रप्रेम को एक साथ जोड़ने का काम किया। जहां हरियाली यात्रा के माध्यम से लोगों में प्रकृति और पेड़-पौधों के संरक्षण की भावना विकसित की गई, वहीं तिरंगा यात्रा ने देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत किया।
कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण और देश के विकास में अपना योगदान देने का संकल्प लिया। इस दौरान लोगों को संदेश दिया गया कि प्रकृति की रक्षा करना भी राष्ट्र सेवा का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जनभागीदारी से बनेगा हरित और सशक्त भारत
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, पौधों के संवर्धन और देश के लिए सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि सरकारी योजनाओं और सामाजिक अभियानों की सफलता तभी संभव है, जब उनमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी हो।
आठनेर विकासखंड के गांवों में आयोजित हरियाली यात्रा और तिरंगा यात्रा ने ग्रामीणों के बीच सकारात्मक सामाजिक चेतना का संदेश दिया। पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रप्रेम के इस संगम ने ग्रामीण अंचल में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ लोगों को हरित, स्वच्छ और सशक्त भारत के निर्माण के लिए प्रेरित किया।

