पीपलरावां। पर्यावरण संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से न्यू टैलेंट सेंट्रल स्कूल, पीपलरावां में “एक पेड़ प्रकृति मां के नाम” अभियान के तहत ग्रीन डे उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण और विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर परिषद अध्यक्ष कविता शर्मा उपस्थित रहीं। वहीं विशेष अतिथि के रूप में नगर परिषद उपाध्यक्ष राजेंद्र नाहर, पार्षद देवनारायण शर्मा, पार्षद एवं एल्डरमैन बाबूलाल मुकाती, शेषनारायण नाहर तथा सुमित भामा मौजूद रहे। विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। अतिथियों ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
पौधारोपण के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
ग्रीन डे के अवसर पर विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे रोपे गए। पौधारोपण के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पौधों की देखभाल करने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों को बताया गया कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके वृक्ष बनने तक उसकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों और विद्यार्थियों ने मिलकर पौधे लगाए। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर महेश नागर, देवेंद्र धाकड़, हरेंद्र सिंह सेंधव, स्कूल प्राचार्य जय पुनेश्वर सहित शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
प्रत्येक व्यक्ति लगाए कम से कम एक पौधा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर परिषद अध्यक्ष कविता शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेड़ केवल हरियाली का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन और पृथ्वी के संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी पौधारोपण के लिए प्रेरित करें। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाने के साथ उसकी नियमित देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र में हरियाली को काफी बढ़ाया जा सकता है।
विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
ग्रीन डे के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को पेड़-पौधों के महत्व, स्वच्छ वातावरण, जल संरक्षण और प्रकृति के संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने, अनावश्यक रूप से पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया। बच्चों को यह भी समझाया गया कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्र से की जा सकती है।
विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बच्चों ने पौधों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए उनकी देखभाल करने की इच्छा व्यक्त की। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को पौधों की नियमित देखभाल और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने के लिए प्रेरित किया।
पर्यावरण संतुलन में पेड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़ वातावरण को स्वच्छ रखने के साथ ही हरियाली बढ़ाने, मिट्टी के संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। बढ़ते प्रदूषण और बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों के बीच वृक्षारोपण और वृक्ष संरक्षण की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकारी विभागों या सामाजिक संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से बड़े बदलाव की शुरुआत की जा सकती है।

बच्चों में विकसित की जा रही प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। बच्चों को यदि कम उम्र से ही पर्यावरण संरक्षण के महत्व से परिचित कराया जाए तो वे भविष्य में अधिक जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं।
विद्यालय में आयोजित ग्रीन डे इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल रही। विद्यार्थियों ने पौधारोपण के साथ यह समझने का प्रयास किया कि पेड़ लगाना और उसकी देखभाल करना समाज एवं प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक महत्वपूर्ण तरीका है।
विद्यालय के डायरेक्टर देवेंद्र धाकड़ ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों से जोड़ने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण तैयार करना सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को लगातार जागरूक किया जाएगा और पर्यावरण से जुड़े कार्यक्रमों को आगे भी आयोजित किया जाएगा।
पौधों की देखभाल का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने केवल पौधारोपण तक सीमित न रहते हुए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया। विद्यार्थियों को पौधों में समय-समय पर पानी देने, उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखने और पौधों को नुकसान से बचाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि पौधारोपण किसी विशेष दिवस तक सीमित नहीं होना चाहिए। वर्षभर पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रयास जारी रखना जरूरी है। एक पौधा जब बड़ा होकर वृक्ष बनता है, तो वह लंबे समय तक समाज और प्रकृति को लाभ पहुंचाता है।
“एक पेड़ प्रकृति मां के नाम” का संदेश
“एक पेड़ प्रकृति मां के नाम” अभियान के माध्यम से लोगों को प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का संदेश दिया गया। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के लिए अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।
ग्रीन डे के दौरान विद्यार्थियों ने भी इस संदेश को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने की भावना व्यक्त की। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधे आने वाले समय में विद्यालय की हरियाली बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण संरक्षण की जीवंत मिसाल बनेंगे।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और विद्यालय परिवार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। यदि स्कूल, परिवार, सामाजिक संगठन और स्थानीय संस्थाएं मिलकर पौधारोपण एवं संरक्षण को बढ़ावा दें, तो क्षेत्र को अधिक हरा-भरा बनाया जा सकता है।
ग्रीन डे के आयोजन ने विद्यार्थियों में उत्साह के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी पैदा की। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रकृति को सुरक्षित रखने, पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम ने “एक पेड़ प्रकृति मां के नाम” अभियान को सार्थक रूप दिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संभाले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और हरित वातावरण तैयार किया जा सकता है। न्यू टैलेंट सेंट्रल स्कूल का यह आयोजन इसी सकारात्मक सोच और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
