हल्की बारिश के बीच धूमधाम से निकला चौथा भव्य शिव डोला, डीजे की धुन पर झूमे श्रद्धालु
नंदेश्वर महादेव मंदिर से निकली शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, नागचंद्रेश्वर महादेव और भिलट देव का मिलन बना मुख्य आकर्षण
मंडलेश्वर (स्वराज वाणी, जिला ब्यूरो चीफ गौतम साल्वे)। नगर की श्रीनगर कॉलोनी स्थित श्री नंदेश्वर महादेव मंदिर से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली भव्य शिव डोला यात्रा इस वर्ष भी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। आयोजन के चतुर्थ वर्ष में हल्की बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी। भगवान भोलेनाथ के जयकारों, धार्मिक गीतों और डीजे की धुनों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव डोला यात्रा में शामिल हुए।
त्रिशूल सेना एवं समस्त शिव भक्तों के तत्वावधान में आयोजित धार्मिक यात्रा में युवा, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग उत्साह के साथ शामिल हुए। यात्रा का मुख्य आकर्षण नागचंद्रेश्वर महादेव और भिलट देव का अलौकिक मिलन रहा। इस धार्मिक प्रसंग को देखने और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
सोमवार दोपहर करीब 3 बजे श्री नंदेश्वर महादेव मंदिर से शिव डोला यात्रा का शुभारंभ हुआ। इसके बाद शोभायात्रा नगर के निर्धारित मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। रात करीब 9 बजे यात्रा बाबा भिलट देव मंदिर दरबार पहुंची, जहां विशेष पूजन और आरती की गई। इसके बाद रात करीब 11 बजे धार्मिक आयोजन का विधिवत समापन हुआ।
हल्की बारिश भी नहीं रोक सकी श्रद्धालुओं का उत्साह
शिव डोला यात्रा के दौरान नगर में हल्की बारिश होती रही, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह पर इसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं दिया। बारिश के बीच श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए यात्रा में आगे बढ़ते रहे।
पूरे यात्रा मार्ग पर धार्मिक वातावरण बना रहा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भगवान भोलेनाथ स्वयं अपने भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले हों।
श्रद्धालुओं ने बारिश के बीच भी पूरे उत्साह के साथ शिव डोले के दर्शन किए। कई स्थानों पर लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के सामने खड़े होकर यात्रा का स्वागत किया।
‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा मंडलेश्वर
शिव डोला यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में डूबे नजर आए।
धार्मिक गीतों और भगवान शिव के भजनों के बीच युवाओं का उत्साह विशेष रूप से देखने को मिला। महिलाओं और बच्चों ने भी यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
शिव डोला जैसे-जैसे नगर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरा, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। जगह-जगह लोग यात्रा के स्वागत के लिए पहले से मौजूद रहे।
पांच डीजे की धुन पर झूमे शिवभक्त
आयोजन में पांच डीजे शामिल किए गए थे। डीजे पर बजते भगवान शिव के भक्ति गीतों ने यात्रा के धार्मिक उत्साह को और बढ़ा दिया।
युवा श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के भजनों और धार्मिक गीतों पर झूमते हुए दिखाई दिए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में शिव भक्ति का उत्साह नजर आया।
डीजे के साथ आगे बढ़ती शोभायात्रा और भगवान भोलेनाथ के जयकारों ने पूरे नगर के वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
नागचंद्रेश्वर महादेव और भिलट देव का मिलन बना आकर्षण
चतुर्थ शिव डोला यात्रा का प्रमुख आकर्षण नागचंद्रेश्वर महादेव एवं भिलट देव का अलौकिक मिलन रहा।
इस धार्मिक प्रसंग को लेकर श्रद्धालुओं में पहले से उत्सुकता थी। जब शिव डोला बाबा भिलट देव मंदिर पहुंचा तो बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
भगवान के मिलन के इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास का वातावरण बन गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और भिलट देव से परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
पुष्प वर्षा से किया शिव डोले का स्वागत
शिव डोला यात्रा का नगर के विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने यात्रा पर पुष्प वर्षा कर भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
कई स्थानों पर यात्रा के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। घरों और प्रतिष्ठानों के सामने खड़े श्रद्धालुओं ने शिव डोले के दर्शन किए और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
यात्रा मार्ग पर पुष्प वर्षा और जयकारों के कारण उत्सव जैसा वातावरण दिखाई दिया।
श्रद्धालुओं के लिए लगाए जलपान और फलाहार के स्टॉल
शिव डोला यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर के विभिन्न स्थानों पर सेवा स्टॉल लगाए गए थे।
इन स्टॉलों पर श्रद्धालुओं को जलपान, फलाहारी खिचड़ी और दूध वितरित किया गया। यात्रा में शामिल शिवभक्तों ने सेवा केंद्रों पर पहुंचकर प्रसादी और जलपान ग्रहण किया।
आयोजकों के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी श्रद्धालुओं की सेवा में सहयोग किया। इस दौरान धार्मिक आयोजन के साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता की भावना भी दिखाई दी।
मनोज परमार ने किया भगवान भोलेनाथ का पूजन
आयोजन में अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने विशेष रूप से उपस्थित होकर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।
उन्होंने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और शिव डोला यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं एवं आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
इस दौरान धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग भी मौजूद रहे।
शाम होते ही और भक्तिमय हुआ माहौल

दोपहर तीन बजे शुरू हुई यात्रा जैसे-जैसे शाम की ओर बढ़ी, धार्मिक उत्साह और बढ़ता गया। शिव डोला के साथ चल रहे श्रद्धालु लगातार भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे।
रात्रि के समय रोशनी, धार्मिक संगीत और श्रद्धालुओं की भीड़ से यात्रा का स्वरूप और आकर्षक दिखाई दिया।
नगर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरने के बाद रात करीब 9 बजे शिव डोला बाबा भिलट देव मंदिर दरबार पहुंचा।
भिलट देव मंदिर में हुआ विशेष पूजन और आरती
शिव डोला के बाबा भिलट देव मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ स्वागत किया। यहां भगवान का विशेष पूजन-अर्चन किया गया और सामूहिक आरती हुई।
नागचंद्रेश्वर महादेव और भिलट देव के मिलन के धार्मिक अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर भगवान से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
विशेष पूजन के बाद भी काफी समय तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी बनी रही।
रात 11 बजे हुआ शिव डोला यात्रा का समापन

करीब आठ घंटे तक चले धार्मिक आयोजन का रात 11 बजे विधिवत समापन किया गया। आयोजन समिति ने यात्रा को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं और नगरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
त्रिशूल सेना के रोहित सिंह सोलंकी ने कहा कि सभी लोगों के सामूहिक प्रयास, समर्पण और सहयोग से शिव डोला समिति का चतुर्थ आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
उन्होंने यात्रा में सहयोग करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिवभक्तों और नगरवासियों का आभार जताया।
आयोजन में इनकी रही प्रमुख सहभागिता
चतुर्थ शिव डोला यात्रा के सफल आयोजन में त्रिशूल सेना और शिव डोला समिति से जुड़े सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इस अवसर पर रोहित सिंह सोलंकी, राहुल भंवर, अनूप पटेल, निर्मल जोशी, सौरभ निरंजन, सुयश सिंह चौहान, आयुष्मान मंडलोई, पृथ्वीराज सिंह सोलंकी, भावेश सिंह चौहान और अथर्व शर्मा सहित बड़ी संख्या में सहयोगी उपस्थित रहे।
आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं और धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन तक विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।
भक्ति और सेवा का संगम बनी शिव डोला यात्रा
मंडलेश्वर में आयोजित चतुर्थ शिव डोला यात्रा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता का भी केंद्र बनी। एक ओर श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जयकारों और भजनों में लीन रहे, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने जलपान और फलाहार की व्यवस्था कर सेवा भावना का परिचय दिया।
