Lucknow में 11 अक्टूबर को सरस्वती महाअर्चना, उपाध्यायश्री विहसंतसागरजी महाराज का सान्निध्य
श्रुत स्कंध विधान में 3101 इंद्र-इंद्राणियां समर्पित करेंगी अर्घ्य, देशभर से 10 हजार से अधिक साधर्मी जुटेंगे
मुरैना (मनोज जैन नायक)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसंतसागरजी महाराज के सान्निध्य में 11 अक्टूबर को भव्य सरस्वती महाअर्चना और श्रुत स्कंध विधान का आयोजन होगा। एक दिवसीय यह अनुष्ठान सुबह 11 बजकर 11 मिनट से शुरू होगा। आयोजन में देशभर से 10 हजार से अधिक गुरु भक्तों और साधर्मी बंधुओं के शामिल होने की संभावना है।
Lucknow में चल रहा है वर्षायोग
मीडिया प्रभारी मनोज जैन नायक ने बताया कि समाधिस्थ गणाचार्य श्री 108 विरागसागरजी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य उपाध्यायश्री विहसंतसागरजी महाराज का वर्ष 2026 का वर्षायोग श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, आशियाना, लखनऊ में चल रहा है। इसी श्रृंखला में होने वाले सरस्वती महाअर्चना समारोह को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में खास उत्साह है।
3101 इंद्र-इंद्राणियां करेंगी विधान
आयोजन में विशेष परिधान पहने 3101 इंद्र-इंद्राणियां जिनेंद्र भगवान की भक्ति करते हुए विधि-विधान से अर्घ्य समर्पित करेंगे। विधान में शामिल सभी 3101 श्रद्धालुओं के लिए विशेष पोशाक तैयार कराई गई है। परिधान, हार और मुकुट से सुसज्जित होकर वे अनुष्ठान में आहुति देंगे। देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लखनऊ पहुंचने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
मुरैना से दो बसों में जाएंगे 151 साधर्मी
मुरैना से भी बड़ी संख्या में साधर्मी बंधु आयोजन में शामिल होंगे। यात्रा व्यवस्था के संयोजक मनोज जैन नायक के अनुसार उपाध्यायश्री की प्रेरणा और आशीर्वाद से 151 साधर्मी दो बसों से लखनऊ पहुंचेंगे। सभी यात्रियों की बुकिंग पूरी हो चुकी है। विधान में शामिल होने वालों के लिए आयोजकों की ओर से पूजन के वस्त्र और महिलाओं के लिए साड़ी की व्यवस्था की गई है।
बस व्यवस्था के लिए धर्मेंद्र जैन एडवोकेट, अनूप भंडारी, सुनील जैन पुच्ची, नितिन जैन नायक, अक्षय जैन, अनिल जैन वरेह और प्रवीण जैन बड़े को मनोनीत किया गया है।
स्मृति उपवन में होगा आयोजन
सरस्वती महाअर्चना स्मृति उपवन, कांशीराम सांस्कृतिक स्थल, सेक्टर-एल, एलडीए कॉलोनी, आशियाना, लखनऊ में होगी। आयोजकों के अनुसार लखनऊ में इतने बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन का यह अनूठा अवसर होगा। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आवास, भोजन, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं को व्यापक स्तर पर अंतिम रूप दिया जा रहा है।
आनंदमय पावन वर्षायोग समिति ने देशभर के गुरु भक्तों, साधर्मी बंधुओं और माता-बहनों से 11 अक्टूबर को आशियाना, लखनऊ पहुंचकर आयोजन में भाग लेने की अपील की है। आयोजकों का मानना है कि हजारों श्रद्धालुओं की सामूहिक भक्ति से यह आयोजन आध्यात्मिक दृष्टि से प्रभावशाली और यादगार बनेगा।
