—Advertisement—

, , ,

“बाबा महाकाल की भव्य शाही सवारी उज्जैन में – नगर भ्रमण से गूंजा शहर”

Author Picture
Published On: 19 August 2025
IMG 2270

—Advertisement—

उज्जैन में भगवान श्री महाकालेश्वर की भव्य राजसी सवारी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया पूजन, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा
उज्जैन, 18 अगस्त 2025
प्राचीन नगरी उज्जैन में सोमवार को भगवान श्री महाकालेश्वर की भव्य राजसी सवारी का आयोजन पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में भाग लेते हुए भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर का पूजन-अर्चन किया और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

🌺 हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा ने बढ़ाया आयोजन का गौरव
राजसी सवारी के दौरान जैसे ही भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर की रजत पालकी मुख्य द्वार पर पहुंची, हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं का जनसैलाब भगवान श्री महाकालेश्वर की जय-जयकार करता हुआ नगर भ्रमण के हर पड़ाव पर उमड़ पड़ा।

IMG 2268
🔱 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बजाया डमरू-झांझ, किया पालकी का स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं डमरू और झांझ बजाकर भगवान श्री महाकाल का स्वागत किया। उन्होंने भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा, “भगवान श्री महाकाल का आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर बना रहे। बाबा सबके दुख हरें और कल्याण करें।”
🛕 छह दिव्य स्वरूपों में हुए भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन
इस बार की राजसी सवारी में भगवान श्री महाकालेश्वर ने अपने भक्तों को छह अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन दिए:
रजत पालकी में – श्री चंद्रमौलेश्वर
हाथी पर – श्री मनमहेश
गरुड़ रथ पर – श्री शिवतांडव
नंदी रथ पर – श्री उमा-महेश
डोल रथ पर – श्री होल्कर स्टेट मुखारविंद
चलित रथ पर – श्री सप्तधान मुखारविंद
📍 रामघाट पर क्षिप्रा जल से हुआ जलाभिषेक
राजसी सवारी परंपरागत मार्गों से होती हुई रामघाट पहुंची, जहां पं. घनश्याम शर्मा एवं अन्य पुजारियों द्वारा भगवान का क्षिप्रा जल से जलाभिषेक किया गया। पूजन में प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
🎶 70 भजन मंडलियों ने किया भक्ति संगीत का प्रस्तुतीकरण
इस आयोजन में 70 से अधिक भजन मंडलियां उज्जैन सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से शामिल हुईं। डमरू, मंजीरे और बैंड के साथ चल रहे ये समूह राजाधिराज महाकाल का गुणगान करते हुए चल समारोह में शामिल रहे।
🌍 चलित रथ और LED स्क्रीन से हुए लाइव दर्शन
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चलित रथ में भगवान के दर्शन की व्यवस्था की गई थी, जिसमें दोनों ओर लगी LED स्क्रीन पर लाइव दर्शन प्रसारित किए गए। उज्जैन के प्रमुख स्थानों जैसे फ्रीगंज, नानाखेड़ा, दत्त अखाड़ा आदि पर भी लाइव टेलीकास्ट किया गया।

IMG 2272
💃 जनजातीय और लोक नृत्य कलाकारों ने दीं रंगारंग प्रस्तुतियां
मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर इस सवारी को और भव्य स्वरूप देने के लिए विभिन्न जनजातीय एवं लोक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं:
गुदुमबाजा नृत्य – अनूपपुर (ढुलिया जनजाति)
श्रृंगारी नृत्य – भुवनेश्वर
डंडा नृत्य – हरदा
करमा नृत्य – बालाघाट (बैगा जनजाति)
इन कलाकारों ने संस्कृति विभाग, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, त्रिवेणी संग्रहालय के सहयोग से सहभागिता निभाई।
🥣 भंडारे में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राजसी सवारी के बाद हरिफाटक ब्रिज के नीचे श्रद्धालुओं के लिए आयोजित भंडारे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं भोजन वितरण किया और भक्तों से संवाद किया। उन्होंने कहा, “श्रद्धालुओं की सेवा भी बाबा महाकाल की सेवा के समान है।”
🛡️ व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और सेवा दलों की तैनाती
पूरे सवारी मार्ग पर सशस्त्र बल, पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, वन विभाग, एवं अन्य सुरक्षा सेवाओं की व्यापक तैनाती की गई थी। सवारी को सलामी देने के लिए विशेष मार्च पास्ट, घुड़सवार दल, एवं तोपची दस्ते शामिल हुए।
🔚 निष्कर्ष
उज्जैन की यह राजसी सवारी न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और प्रशासनिक सजगता का भी जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति और आयोजन की भव्यता ने इस ऐतिहासिक परंपरा को एक नई उँचाई दी है ।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp