मैथिलीशरण गुप्त जयंती पर अशोकनगर में भव्य चल समारोह, समाजजनों ने राष्ट्रकवि को किया नमन
संवाददाता : राहुल जैन
Ashoknagar । राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी की जयंती के अवसर पर अशोकनगर में भव्य चल समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से आए स्वजाती बंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और राष्ट्रकवि के आदर्शों, साहित्यिक योगदान एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को याद किया।
बैंड-बाजों और देशभक्ति गीतों के साथ निकला चल समारोह
2 अगस्त 2026 को आयोजित चल समारोह का शुभारंभ तार वाले बालाजी मंदिर से किया गया। बैंड-बाजों, देशभक्ति गीतों और भजनों के साथ निकला यह समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मानस भवन पहुंचा।
चल समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। महिला-पुरुष, युवा और बच्चे उत्साह के साथ नाचते-गाते हुए कार्यक्रम का हिस्सा बने। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल लोगों ने समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया। पूरे मार्ग में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
मानस भवन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित
मानस भवन पहुंचने के बाद कार्यकारी अध्यक्ष श्री राकेश बरया (मोती महल) की अध्यक्षता में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
उपस्थित समाजजनों ने राष्ट्रकवि को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके साहित्यिक योगदान को याद किया और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्यजन रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला महिला अध्यक्ष श्रीमती सुशीला गुप्ता, श्रीमती रूबी गुप्ता (रिंकल सेठ, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पारिवारिक समन्वय प्रकल्प), श्रीमती मंजू गुप्ता (राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री), श्रीमती मनीषा नगरिया (जिला मंत्री), रमेश चंद छिरोलिया, रमेश चंद्र नगरिया एवं मदनलाल सेठ सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम का संचालन दिनेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर समाज का पारंपरिक गहोई गीत श्रीमती जूली सेठ, श्रीमती नीलू सेठ, श्रीमती प्रीति सेठ एवं नेहा सेठ द्वारा प्रस्तुत किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। समाजजनों ने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
युवाओं को समाज से जोड़ने का किया आह्वान
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राम गोपाल छिरौलिया उर्फ डल्लू गुप्ता का संदेश श्रीमती रिंकल सेठ द्वारा पढ़कर सुनाया गया। संदेश में उन्होंने अशोकनगर के समाजजनों को मैथिलीशरण गुप्त जयंती की शुभकामनाएं देते हुए युवाओं को समाज की गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि 16 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को महासभा से जोड़कर सामाजिक संगठन को और मजबूत बनाया जा सकता है। साथ ही आगामी महाकुंभ कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने का निमंत्रण दिया गया।
राष्ट्रकवि के व्यक्तित्व और साहित्य पर रखे विचार
सभा में मोहन खेरा, सुधीर गुप्ता, बृजेश अमर, महिमा नीखरा, अन्वी नौगरैया एवं प्रदीप पिपरसानिया ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के जीवन, साहित्य और उनकी रचनाओं पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त ने अपनी लेखनी के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जागरूकता और भारतीय संस्कृति को नई दिशा प्रदान की। उनकी रचनाएं आज भी समाज को प्रेरणा देती हैं।
राष्ट्रकवि के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती विजयलक्ष्मी नौगरैया ने उपस्थित सभी अतिथियों, समाज के पदाधिकारियों, स्वजाती बंधुओं एवं आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, संस्कृति और साहित्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और सभी ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी के जीवन मूल्यों, राष्ट्रप्रेम और साहित्यिक योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
समापन अवसर पर पूरे आयोजन में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और साहित्य के प्रति सम्मान का भाव देखने को मिला। कार्यक्रम ने नई पीढ़ी को राष्ट्रकवि के विचारों से जुड़ने और भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी। उपस्थित समाजजनों ने भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक एवं सामाजिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
