संत सिंगाजी महाराज की निशान छड़ी यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 40 गांवों की कीर्तन मंडलियों ने रातभर गाए निर्गुणी भजन
पड़ाना। संत श्री सिंगाजी महाराज के प्रति आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा पड़ाना नगर में देखने को मिला। प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी संत श्री सिंगाजी महाराज ग्रुप पड़ाना द्वारा सातवें वर्ष दो दिवसीय निशान छड़ी पूजा, भजन-कीर्तन और भव्य यात्रा का आयोजन किया गया। सोमवार शाम विधि-विधान से निशान छड़ी की पूजा और सामूहिक महाआरती के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद करीब 40 गांवों से पहुंची भजन-कीर्तन मंडलियों ने पूरी रात संत सिंगाजी महाराज के निर्गुणी और सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
मंगलवार सुबह बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। मेडतवाल धर्मशाला से निशान छड़ी और ज्योत के साथ भव्य यात्रा निकाली गई। यात्रा नगर के विभिन्न मोहल्लों और प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहां श्रद्धालुओं ने अपने घरों के सामने निशान छड़ी की पूजा-अर्चना कर यात्रा का स्वागत किया। संत सिंगाजी महाराज के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा।
विशेष पूजा और महाआरती से हुआ दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ
दो दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार शाम करीब 8 बजे मेडतवाल धर्मशाला में हुई। संत सिंगाजी महाराज ग्रुप के सदस्यों और ग्रामीण श्रद्धालुओं ने विधिवत विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद सामूहिक महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें पड़ाना सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दूर-दराज से पहुंचे संत सिंगाजी महाराज के अनुयायी भी शामिल हुए। धर्मशाला परिसर में देर रात तक श्रद्धालुओं की मौजूदगी बनी रही और भक्ति संगीत के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
करीब 40 गांवों की मंडलियों ने दी भजनों की प्रस्तुति
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता अलग-अलग गांवों से पहुंची भजन-कीर्तन मंडलियां रहीं। करौंदी, पिपलोदा, टिकोद, हडलाय कला, टिटोडिया, अरनिया कला, निपानिया, टोंक कला, चिड़ावद, नालंदा, बरखेड़ा, गढ़वाली बुजुर्ग, कंपेल और डकाचिया सहित देवास, शाजापुर और सीहोर जिले के विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु एवं भजन मंडलियां पहुंचीं।
करीब 40 गांवों से आए संत सिंगाजी महाराज के अनुयायियों ने पूरी रात निर्गुणी और भक्ति भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों के माध्यम से संत सिंगाजी महाराज की शिक्षाओं, भक्ति और आध्यात्मिक संदेशों का स्मरण किया गया।
रातभर गूंजते रहे संत सिंगाजी महाराज के निर्गुणी भजन
भजन संध्या में मनोहर पटेल, नारायण सिंह मंदिर वाले, संतोष पटेल, धीरज भाई इंदौर, केसर सिंह मारसाब पलसावद, सुनील परमार अरनिया खुर्द, कमलेश जोशी खारसूर, बाबूलाल पटेल नावदा, आत्माराम पटेल बरखेड़ा, मानसिंह परमार, दुर्गा प्रसाद हीरापुर और रामलाल डांगी सहित अनेक भजन गायकों एवं श्रद्धालुओं ने प्रस्तुतियां दीं।
एक के बाद एक प्रस्तुत किए गए निर्गुणी और सुमधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक कार्यक्रम से जोड़े रखा। संत और भक्त भी भजन-कीर्तन में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर पूरी रात धार्मिक और भक्तिमय माहौल बना रहा।
बरसते पानी में निकली निशान छड़ी की भव्य यात्रा
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे मेडतवाल धर्मशाला से संत श्री सिंगाजी महाराज की निशान छड़ी, ज्योत और भजन-कीर्तन के साथ भव्य यात्रा निकाली गई। इस दौरान बारिश हो रही थी, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
बारिश के बीच श्रद्धालु संत सिंगाजी महाराज के जयकारे लगाते हुए यात्रा में आगे बढ़ते रहे। संजू जाट निशान छड़ी लेकर और इंदर सिंह परमार ज्योत की थाल लेकर यात्रा में आगे-आगे चल रहे थे। उनके पीछे बड़ी संख्या में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शामिल हुए।
नगर के घर-घर हुआ निशान छड़ी का स्वागत
यात्रा के दौरान नगर के विभिन्न मोहल्लों में श्रद्धालुओं ने अपने घरों के सामने संत सिंगाजी महाराज की निशान छड़ी का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया। पंडित दिनेश दुबे टोंक कलां द्वारा श्रद्धालुओं के घरों पर निशान छड़ी की पूजा-अर्चना कराई गई।
खाती मोहल्ला, माली मोहल्ला, पंवार सेरी, पटेल मोहल्ला और तलेन रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में भक्तों ने अपने निवास पर निशान छड़ी की पूजा की और गुरु महाराज के जयकारे लगाए। इस दौरान प्रेम नारायण डाबरा, ऐलम सिंह परमार, महेश खाती, जोरावर कलमोदिया, रोशन गुप्ता, प्रेम नारायण परमार, ओढ़ी विक्रम सिंह परमार, जगदीश यादव, राजेश शर्मा और संजय जाट सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी यात्रा
निशान छड़ी यात्रा मेडतवाल धर्मशाला से प्रारंभ होकर पीपली चौराहा, माली मोहल्ला, सदर बाजार, गांधी चौक, बस स्टैंड और तलेन रोड सहित नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसके बाद यात्रा पुनः सदर बाजार होते हुए मेडतवाल धर्मशाला पहुंची।
यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। गांधी चौक बस स्टैंड स्थित श्रीराम मंदिर पर पुजारी आशुतोष व्यास ने निशान छड़ी की पूजा-अर्चना की। यहां यात्रा में शामिल लोगों के लिए स्वल्पाहार, चाय और पानी की व्यवस्था भी की गई।
महाआरती और भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन
यात्रा के मेडतवाल धर्मशाला पहुंचने के बाद संत सिंगाजी महाराज की निशान छड़ी की पूजा और महाआरती की गई। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए शाम और सुबह भोजन-भंडारे की व्यवस्था भी की गई, जिसमें नगर और आसपास के गांवों से आए बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसादी ग्रहण की।
संत श्री सिंगाजी ग्रुप पड़ाना की ओर से बाहर से आई भजन मंडलियों का भी सम्मान किया गया। मंडलियों के सदस्यों को दुपट्टा और श्रीफल भेंट कर उनके सहयोग तथा धार्मिक प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित किया गया।
संत सिंगाजी ग्रुप के सदस्यों ने संभाली आयोजन की व्यवस्था
दो दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने में संत श्री सिंगाजी महाराज ग्रुप पड़ाना के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रेम नारायण डाबरा, गोवर्धन पाटीदार, राम सिंह परमार, आनंदीलाल खाती, चेतन टेलर, जगदीश यादव, द्वारका प्रसाद खाती, ज्वाल सिंह परमार, राजेश शर्मा, संजू जाट, कैलाश जाट, दीपक गुर्जर और उमराव विश्वकर्मा सहित ग्रुप के अन्य सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाएं संभालीं।
निशान छड़ी पूजा, रातभर चले भजन-कीर्तन, नगर भ्रमण और भंडारे के इस आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए। बारिश के बावजूद निकली यात्रा ने श्रद्धालुओं की संत सिंगाजी महाराज के प्रति गहरी आस्था को दर्शाया। पूरे आयोजन के दौरान पड़ाना नगर में भक्ति, श्रद्धा और धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
