महिदपुर रोड में सिद्धि तप तपस्वियों के लिए भव्य मेहंदी रस्म वधामणा समारोह
महिदपुर रोड। उज्जैन जिले के महिदपुर रोड नगर में चातुर्मास के दौरान धर्म आराधना, तपस्या और साधना का पावन वातावरण बना हुआ है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। नगर में चल रही दीर्घ तपस्याओं ने जैन समाज के साथ पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण निर्मित कर दिया है।
चातुर्मास के दौरान नगर में 52 सिद्धि तप की 45 दिवसीय महादीर्घ तपस्या के साथ दो 30 दिवसीय मासक्षमण तपस्याएं भी चल रही हैं। इन कठिन तपस्याओं में तपस्वी मात्र गर्म जल के आधार पर साधना कर रहे हैं। विशेष बात यह है कि इन तपस्याओं में लगभग 10 वर्ष की उम्र के नन्हें बालकों से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक श्रद्धापूर्वक सहभागी बने हुए हैं।
तपस्या ने बनाया नया कीर्तिमान
महिदपुर रोड में इतनी बड़ी संख्या में कठिन तपस्याओं का आयोजन जैन समाज के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। तपस्वी निरंतर संयम, अनुशासन और आत्मसाधना के साथ अपनी तपस्या की पूर्णता की ओर अग्रसर हैं।
आयोजकों के अनुसार, इन तपस्याओं की पूर्णता के अवसर पर 17 तारीख को भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान तपस्वियों की अनुमोदना करते हुए नगर में धार्मिक एवं सामाजिक उत्सव का आयोजन होगा।
तपस्या को केवल धार्मिक अनुष्ठान न मानकर आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण की साधना के रूप में देखा जा रहा है। जैन समाज के लोगों का कहना है कि इतनी कठिन तपस्या का नगर में होना पूरे समाज और क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है।
मेहंदी रस्म वधामणा का भव्य आयोजन
इसी धार्मिक श्रृंखला के तहत सिद्धि तप तपस्वियों के सप्त दिवसीय वधामणा कार्यक्रम के अंतर्गत मेहंदी रस्म का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सभी सिद्धि तप तपस्वियों के हाथों में मेहंदी लगाई गई।
मेहंदी रस्म के दौरान महिलाओं और बालिकाओं ने मधुर भजनों पर सुंदर प्रस्तुतियां दीं। धार्मिक गीतों और भक्ति संगीत से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। करीब दो घंटे तक चले इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और तपस्वियों की साधना की अनुमोदना की।
भक्ति और तपस्या का संगम
मेहंदी रस्म के आयोजन ने धार्मिक वातावरण में उत्साह और उल्लास का रंग भर दिया। तपस्वियों के प्रति सम्मान और अनुमोदना व्यक्त करने के लिए समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान तपस्वियों की तपस्या के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके आत्मबल और साधना की सराहना की गई। महिलाओं और बालिकाओं की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया।

विभिन्न परिवारों ने लिया लाभ
आज की साधार्मिक भक्ति, प्रभावना एवं संपूर्ण दिवस के आयोजन का लाभ विजय कुमार एवं पीयूष कुमार बरडिया परिवार द्वारा लिया गया। वहीं प्रवचन प्रभावना का लाभ विजय कुमार बघेरवाल परिवार ने लिया।
सिद्धि तप तपस्वियों के सप्त दिवसीय वधामणा कार्यक्रम का मंगलकारी लाभ सुभाष चंद्र, संदीप कुमार, गौरव कुमार, अमोल, अक्षय एवं आगम भंडारी परिवार द्वारा लिया गया।
परिवारों द्वारा धार्मिक आयोजन में सहयोग और लाभ लेने पर समाजजनों ने उनकी अनुमोदना की।
विधायक सहित समाजजनों ने लिया धर्मलाभ
मेहंदी रस्म के भव्य कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक एवं जैन समाज के गौरव दिनेश जैन बौस सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने धार्मिक आयोजन में भाग लेकर तपस्वियों की साधना की अनुमोदना की और धर्मलाभ प्राप्त किया।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। तपस्वियों के प्रति सम्मान और उनके कठिन संकल्प की सराहना करते हुए समाजजनों ने धार्मिक भावना के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
साध्वी अमृतरसा श्रीजी महाराज की निश्रा में आयोजन
महिदपुर रोड में चातुर्मास के लिए विराजित परम पूज्य साध्वी डॉ. अमृतरसा श्रीजी महाराज साहब आदि ठाणा की पावन निश्रा में धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला चल रही है। सकल जैन श्रीसंघ और चातुर्मास समिति की उपस्थिति एवं सहयोग से विभिन्न आयोजन संपन्न किए जा रहे हैं।
चातुर्मास के दौरान नगर में प्रतिदिन धर्म आराधना, प्रवचन, तप-साधना और प्रभावना के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
17 तारीख को होगी भव्य रथयात्रा
अब सभी की नजरें 17 तारीख को होने वाले भव्य आयोजन पर हैं। सिद्धि तप और अन्य दीर्घ तपस्याओं की पूर्णता के अवसर पर तपस्वियों की अनुमोदना के लिए रथयात्रा निकाली जाएगी।
जैन समाज के अनुसार, यह आयोजन तप, त्याग और आत्मसाधना के प्रति समाज की आस्था को प्रदर्शित करेगा। नगर में इतनी बड़ी संख्या में तपस्वियों द्वारा कठिन तपस्या किया जाना अपने आप में उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।
महिदपुर रोड में चल रहे चातुर्मास ने धार्मिक गतिविधियों को नई ऊर्जा दी है। मेहंदी रस्म वधामणा जैसे आयोजन जहां तपस्वियों के प्रति सम्मान और अनुमोदना का अवसर प्रदान कर रहे हैं, वहीं समाज में धर्म, संस्कार और सामूहिक सहभागिता की भावना को भी मजबूत कर रहे हैं। आगामी रथयात्रा को लेकर भी समाजजनों में उत्साह बना हुआ है।
