सावन माह में पंचमुखी बालाजी मंदिर पर गूंजे जयकारे, महाआरती में झूमे श्रद्धालु
समाजसेवी सत्यनारायण सेन की ओर से आयोजित हुआ भव्य धार्मिक कार्यक्रम
ढोढर। पिपलौदा तहसील अंतर्गत ग्राम जडवासा में पवित्र सावन माह के अवसर पर मंगलवार को पंचमुखी बालाजी मंदिर परिसर में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। समाजसेवी सत्यनारायण सेन की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ सहभागिता की। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर ढोल की थाप, तालियों की गूंज और भगवान के जयकारों से भक्तिमय हो उठा।
पंचमुखी बालाजी मंदिर परिसर में भेसासरी माता, त्रिलोचन महादेव सहित अन्य देवी-देवताओं की आराधना की जाती है। सावन माह में मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन होने के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं।
ढोल की थाप और तालियों के बीच हुई महाआरती
मंगलवार को आयोजित महाआरती में ग्रामीण महिला-पुरुषों के साथ बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। जैसे ही आरती शुरू हुई, मंदिर परिसर में भक्तों ने तालियों के साथ भगवान के जयकारे लगाए। ढोल की थाप के बीच श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।
महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान पंचमुखी बालाजी और भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। धार्मिक वातावरण के बीच सभी ने सामूहिक रूप से आरती में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
सावन में प्रत्येक सोमवार विशेष आरती
समाजसेवी सत्यनारायण सेन ने बताया कि मंदिर के उद्यापन के बाद से सावन माह में विशेष धार्मिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। प्रत्येक सोमवार को पंचमुखी बालाजी मंदिर में विराजमान श्री त्रिलोचन शिवलिंग महादेव की विशेष आरती की जाती है।
इस आरती में ग्राम के महिला-पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिलती है। भक्त भगवान शिव का पूजन कर आरती में शामिल होते हैं और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

भोलेनाथ को जल चढ़ाने उमड़ रहे भक्त
सावन माह भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। जडवासा गांव में भी सावन शुरू होने के साथ ही शिवभक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। श्रद्धालु सुबह मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित कर रहे हैं।
कई श्रद्धालु नियमित रूप से भगवान शिव का अभिषेक और पूजन कर रहे हैं। मंदिर में होने वाले धार्मिक आयोजनों के कारण पूरे सावन माह में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
धार्मिक आयोजन में बच्चों की भी भागीदारी
महाआरती में छोटे बच्चों की भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने भी बड़े उत्साह के साथ आरती में हिस्सा लिया और भगवान के जयकारे लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
बच्चों और युवाओं की सहभागिता से कार्यक्रम में उत्साह और बढ़ गया। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आरती में भाग लिया।
सामाजिक सहभागिता का भी बना अवसर
समाजसेवी सत्यनारायण सेन धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते हैं। उनके द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सहभागिता कर धार्मिक एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
गांव में आयोजित सामूहिक धार्मिक कार्यक्रम लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने और मिल-जुलकर धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करते हैं। महाआरती में सभी वर्गों के ग्रामीणों की उपस्थिति ने इसी सामूहिक भावना को दर्शाया।

सावन में मंदिर में लगातार जारी हैं धार्मिक आयोजन
सावन माह के दौरान पंचमुखी बालाजी मंदिर में धार्मिक गतिविधियों का क्रम जारी है। सोमवार को विशेष रूप से भगवान त्रिलोचन महादेव की आरती और पूजन किया जाता है, जबकि अन्य दिनों में भी श्रद्धालु भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं।
मंदिर परिसर में होने वाले इन आयोजनों से ग्रामीणों में धार्मिक उत्साह बना हुआ है। सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं।
भक्ति और आस्था से सराबोर रहा जडवासा
मंगलवार की महाआरती के दौरान जडवासा का पंचमुखी बालाजी मंदिर परिसर पूरी तरह भक्ति और आस्था से सराबोर रहा। ढोल की थाप, तालियों की गूंज और धार्मिक जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने आरती में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। ग्रामीणों ने समाजसेवी सत्यनारायण सेन की ओर से आयोजित धार्मिक कार्यक्रम की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की भावना व्यक्त की।
सावन माह में आयोजित यह महाआरती जडवासा गांव के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामूहिक सहभागिता का अवसर बनी। मंदिर में भगवान शिव की आराधना और विशेष आरती का यह सिलसिला सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं को लगातार आध्यात्मिक वातावरण प्रदान कर रहा है।
संवाददाता — अर्जुन कुमावत
