कोतमा के वार्ड-5 में 26 अगस्त को निकलेगी भव्य कावड़ यात्रा, शिव सागर धाम से होगा शुभारंभ; तैयारियां अंतिम चरण में
नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी धार्मिक यात्रा, भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और विशेष पूजन के बाद होगा विशाल भंडारा; पीले परिधान में शामिल होने का श्रद्धालुओं से आग्रह
आयोजन समिति के अनुसार कावड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों के शामिल होने की संभावना है। यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों, मंदिरों और चौराहों से होकर गुजरेगी। इस दौरान भगवान भोलेनाथ के जयकारों और भक्ति के संदेश के साथ श्रद्धालु नगर भ्रमण करेंगे। यात्रा के समापन पर शिव सागर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
सुबह 11 बजे शिव सागर धाम से निकलेगी कावड़ यात्रा
आयोजकों द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को सुबह से ही शिव सागर धाम में धार्मिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। मुख्य कावड़ यात्रा का शुभारंभ सुबह 11 बजे पूजा-अर्चना के साथ किया जाएगा।
भगवान शिव की आराधना और मंगल कामना के बाद श्रद्धालु कावड़ लेकर यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे। आयोजन समिति का प्रयास है कि पूरी यात्रा धार्मिक अनुशासन और भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न हो।
यात्रा के दौरान शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए नगर भ्रमण करेंगे। आयोजन को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल होकर भगवान शिव की आराधना कर सकें।
नगर के इन प्रमुख मार्गों से गुजरेगी यात्रा
कावड़ यात्रा के लिए आयोजन समिति ने निर्धारित मार्ग तैयार किया है। यात्रा शिव सागर धाम से प्रारंभ होगी और पुरानी बस्ती तथा कोतमा नगर के प्रमुख धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों से होकर गुजरेगी।
यात्रा शिव सागर धाम से निकलकर जकीरा चौक, पुराना स्टेट बैंक चौक, धर्मशाला मंदिर और आदिशक्ति पंचायती मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद श्रद्धालु महावीर मार्ग और गांधी चौक से होते हुए आगे बढ़ेंगे।
कावड़ यात्रा शारदा मंदिर, मुखर्जी चौक और बस स्टैंड क्षेत्र से भी निकाली जाएगी। नगर भ्रमण पूरा करने के बाद यात्रा पुनः शिव सागर धाम पहुंचेगी। इस तरह आयोजन के माध्यम से नगर के विभिन्न हिस्सों को धार्मिक यात्रा से जोड़ने की तैयारी की गई है।
हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजेगा कोतमा
कावड़ यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर शिवभक्ति का वातावरण देखने को मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालु कावड़ लेकर भगवान भोलेनाथ का स्मरण करते हुए यात्रा में शामिल होंगे। आयोजन समिति ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों से भी यात्रा में सहयोग करने की अपील की है।
आयोजकों का कहना है कि कावड़ यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सनातन संस्कृति के प्रति आस्था का संदेश देना भी है।
शिवभक्तों में आयोजन को लेकर विशेष उत्साह है। यात्रा के दौरान भगवान शिव के जयकारों और भक्ति गीतों से नगर का वातावरण शिवमय होने की उम्मीद है।
शिव सागर धाम में होगा भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक
नगर भ्रमण के बाद कावड़ यात्रा पुनः वार्ड क्रमांक-5 स्थित शिव सागर धाम मंदिर परिसर पहुंचेगी। यहां श्रद्धालुओं द्वारा कावड़ में लाए गए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।
इसके बाद मंदिर परिसर में विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई जाएगी। श्रद्धालु भगवान शिव से अपने परिवार, नगर और समाज की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना करेंगे।
आयोजन समिति द्वारा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं करने की तैयारी की जा रही है।
धार्मिक अनुष्ठान के बाद विशाल भंडारे का आयोजन
भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और विशेष पूजन के बाद शिव सागर धाम मंदिर परिसर में विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा। इसमें कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के साथ नगरवासियों को भी प्रसाद वितरित किया जाएगा।
आयोजन समिति की ओर से भंडारे की तैयारियां भी की जा रही हैं। समिति ने श्रद्धालुओं से धार्मिक आयोजन में सहभागिता करने के साथ व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
कावड़ यात्रा और भंडारे को सफल बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, ताकि कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
पीले वस्त्रों में नजर आएंगे शिवभक्त
इस बार आयोजन समिति ने कावड़ यात्रा को एकरूप और आकर्षक धार्मिक स्वरूप देने के लिए श्रद्धालुओं से विशेष वेशभूषा में शामिल होने का आग्रह किया है। समिति के अनुसार यात्रा में शामिल होने वाले पुरुषों एवं युवाओं से पीला कुर्ता-पायजामा पहनने का अनुरोध किया गया है, जबकि महिला श्रद्धालुओं से पीली साड़ी पहनकर यात्रा में शामिल होने की अपील की गई है।
पीले परिधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने से यात्रा का स्वरूप विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकता है। समिति ने इसे धार्मिक आस्था और आयोजन की एकरूपता से जोड़ते हुए सभी श्रद्धालुओं से सहयोग करने का आग्रह किया है।
श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील
आयोजन समिति ने कोतमा नगर के साथ आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले शिवभक्तों से भी कावड़ यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। समिति का कहना है कि श्रद्धालु अपने परिवार और परिचितों के साथ कार्यक्रम में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करें और धार्मिक आयोजन में सहभागिता करें।
आयोजकों के मुताबिक 26 अगस्त को सुबह 11 बजे शिव सागर धाम से शुरू होने वाली कावड़ यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से भ्रमण करते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद जलाभिषेक, विशेष पूजा-अर्चना और भंडारा आयोजित होगा।
कावड़ यात्रा को लेकर शिव सागर धाम सहित वार्ड क्रमांक-5 और आसपास के क्षेत्र में धार्मिक उत्साह दिखाई दे रहा है। आयोजन समिति को उम्मीद है कि श्रद्धालुओं की व्यापक सहभागिता से यह कार्यक्रम कोतमा नगर में शिवभक्ति, सामाजिक एकता और धार्मिक संस्कृति का भव्य उदाहरण बनेगा।
