Nagda में जैन संतों का मंगल प्रवेश, भक्तामर पाठ एवं सामूहिक प्रार्थना का भव्य आयोजन संपन्न
नगर में संतों के आगमन से बना आध्यात्मिक माहौल
Nagda नगर शनिवार को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया, जब तपस्वीराज परम पूज्य गुरुदेव श्री लाभचंद्रजी म.सा. के सुशिष्य तपोकेसरी उपप्रवर्तक श्री अरुणमुनि जी म.सा. एवं सेवाभावी श्री सुरेशमुनि जी म.सा. आदि ठाणा-2 का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जैसे ही संतों का नगर में प्रवेश हुआ, श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे नगर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण निर्मित हो गया।
नगरवासियों ने संतों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई और भक्तों ने हाथ जोड़कर संतों के दर्शन किए। जैन समाज के अलावा अन्य श्रद्धालु भी इस धार्मिक अवसर में शामिल हुए और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
विहार से लेकर नगर प्रवेश तक का क्रम
मीडिया प्रभारी नितिन बुडावनवाला एवं स्थानक संघ सचिव अरविंद नाहर के अनुसार, पूज्य संतगण बिरियाखेड़ी से विहार करते हुए प्रातः आदित्य विद्या मंदिर, आर्य गार्डन चौराहा पहुंचे। यहां कुछ समय विश्राम के बाद संतों ने नगर प्रवेश किया।
नगर प्रवेश के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह संतों का स्वागत किया। महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं और बच्चे उत्साहपूर्वक संतों के दर्शन कर रहे थे। पूरा मार्ग भक्ति और आस्था से भर गया था।
इसके बाद संतगण गुलाब बाई कॉलोनी स्थित अरविंद नाहर के निवास (अर्चना टेंट हाउस) पर विराजमान हुए, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंचे।
भक्तामर पाठ एवं सामूहिक प्रार्थना का आयोजन
नगर प्रवेश के उपरांत संतों के सानिध्य में श्री भक्तामर पाठ एवं सामूहिक प्रार्थना का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिलाएं उपस्थित रहे और श्रद्धा भाव से पाठ में शामिल हुए।
पूज्य मुनिश्री ने भक्तामर स्तोत्र के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्तोत्र केवल एक पाठ नहीं बल्कि आत्मशुद्धि, मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से भक्तामर का पाठ करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं और संकटों से मुक्ति मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान मांगलिक श्रवण भी कराया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने अत्यंत भावपूर्ण तरीके से सुना। इस आयोजन में प्रभावना का लाभ नाहर परिवार द्वारा लिया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
नवकार मंत्र जाप से गूंजा वातावरण
भक्तामर पाठ के बाद सिंधी कॉलोनी निवासी पारस गांधी के निवास पर सामूहिक नवकार मंत्र जाप का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरे वातावरण में “नवकार मंत्र” की गूंज सुनाई देती रही।
श्रद्धालुओं ने एकाग्रता और भक्ति भाव के साथ जाप में भाग लिया। संतों ने नवकार मंत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंत्र आत्मशुद्धि और मोक्ष मार्ग की ओर ले जाने वाला सर्वोच्च मंत्र है।
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में धार्मिक एकता और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है।

रविवार को विशेष धार्मिक कार्यक्रम की तैयारी
जानकारी के अनुसार रविवार को भी विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। समाजसेवी सतीश जैन (सावेर वाले) के निवास पर श्री भक्तामर पाठ एवं सामूहिक नवकार मंत्र जाप का आयोजन होगा।
पूज्य संतगण महावीर भवन से विहार कर सतीश जैन के निवास पर पधारेंगे और वहां भक्तों को आशीर्वचन प्रदान करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
आयोजन समिति द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
नगर में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल
पूरे नागदा नगर में इस आयोजन के चलते धार्मिक उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला। जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़, भजन-कीर्तन और संतों के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ ने पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। इनमें प्रमुख रूप से राजेन्द्र काठेड़, अक्षय नाहर, श्रेणीक बम, दिलीप काठेड़, सुनील सकलेचा, राजेश सकलेचा, वर्धमान घोका, प्रकाशचन्द्र बुडावनवाला, सतीश जैन, कमल जैन (सहारा), अमित बम, संजय मुरडिया, धर्मेन्द्र बम, अनिल पावेचा, अजय मुरडिया, पारस पोखरना, संतोष नाहटा, राकेश कोलन, हर्ष तरवेचा, सुरेश गोलेच्छा, प्रशांत नाहर, गौरव नाहर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
आध्यात्मिक संदेश और संतों का उपदेश
संतों ने अपने प्रवचन में कहा कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मकल्याण है। उन्होंने बताया कि भक्ति, संयम और सेवा के माध्यम से मनुष्य अपने जीवन को सफल बना सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में मानसिक तनाव और भौतिक दौड़-भाग के बीच धार्मिक आयोजनों का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि यह मनुष्य को शांति और संतुलन प्रदान करते हैं।
समापन और मीडिया जानकारी
यह संपूर्ण आयोजन 27 जून 2026 को संपन्न हुआ। मीडिया प्रभारी नितिन बुडावनवाला द्वारा कार्यक्रम की जानकारी प्रदान की गई तथा नागदा से जीवनलाल जैन द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
आयोजन के सफल संचालन में समाज के सभी वर्गों का सहयोग रहा और अंत में सभी श्रद्धालुओं ने संतों से आशीर्वाद प्राप्त कर धर्म लाभ अर्जित किया।
