भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा सरकारी अस्पताल में जच्चा-बच्चा सेवा
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा आज Gwalior स्थित एक सरकारी अस्पताल में मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया। इस सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत संगठन की महिला पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अस्पताल में भर्ती जच्चा-बच्चा से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना तथा उन्हें फल एवं बिस्किट वितरित किए। यह पहल मातृत्व सम्मान, करुणा और सेवा भावना को समर्पित रही।
मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील पहल
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में भर्ती माताओं और नवजात शिशुओं को मानसिक संबल देना तथा यह संदेश देना था कि समाज उनके साथ खड़ा है। महिला सदस्यों ने न केवल सामग्री वितरण किया, बल्कि माताओं से संवाद कर उनके स्वास्थ्य, सुविधा और आवश्यकताओं की जानकारी भी ली। इससे अस्पताल में भर्ती महिलाओं को आत्मीयता और अपनापन महसूस हुआ।
अस्पताल परिसर की स्वच्छता एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण
सेवा कार्य के दौरान सभी महिला पदाधिकारियों द्वारा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि अस्पताल में स्वच्छता की स्थिति अत्यंत संतोषजनक है। विशेष रूप से आईसीयू में भर्ती बच्चों की देखभाल पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और चिकित्सकीय सतर्कता के साथ की जा रही है। इस उत्तम व्यवस्था के लिए अस्पताल प्रशासन एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सभी सदस्यों ने प्रशंसा की।
सेवा कार्य में उपस्थित पदाधिकारी एवं सदस्य
इस मानवीय सेवा कार्य में संगठन की कई महिला पदाधिकारी एवं सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहीं, जिनमें प्रमुख रूप से—
- जिला अध्यक्ष: श्रीमती सरला गुप्ता
- तहसील अध्यक्ष: श्रीमती रुचि गुप्ता
- संगठन मंत्री: श्रीमती पूनम सेमर
- जिला कोषाध्यक्ष: श्रीमती सुकीर्ति गुर्जर
- ग्वालियर नगर अध्यक्ष: श्रीमती प्रवेश गुर्जर
- श्रीमती रितु शर्मा
- श्रीमती सारिका गुप्ता
- श्रीमती संध्या सोनी
- श्रीमती नीतू अग्रवाल
सभी महिलाओं ने एकजुट होकर पूरे समर्पण के साथ यह सेवा कार्य संपन्न किया, जो नारी शक्ति और सामाजिक सहयोग का प्रेरणादायी उदाहरण है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव जी का संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव जी ने अपने संदेश में कहा—
“जच्चा-बच्चा की सेवा करना सबसे बड़ा मानव धर्म है। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा किया गया यह कार्य नारी शक्ति, करुणा और मानवाधिकारों की सच्ची भावना को दर्शाता है। मैं ग्वालियर की पूरी टीम को इस सराहनीय पहल के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ।”
संगठन के पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया
संगठन के राष्ट्रीय सचिव शिवम तिवारी, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा यादव, मनीष गुप्ता, युवराज सिंह राठौर, जीवनलाल जैन, भावेश नाहर, सोना जैन, अंकित जैन एवं अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि—
“स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा यह सेवा कार्य समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। महिला एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सेवा संगठन का मुख्य उद्देश्य है। ऐसे कार्यक्रम मानवाधिकारों के प्रति विश्वास और संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं।”
समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश
वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्य समाज को यह संदेश देते हैं कि मानवाधिकार केवल विचार नहीं, बल्कि व्यवहार में अपनाए जाने वाले मूल्य हैं। मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसमें नागरिक संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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भविष्य के लिए ट्रस्ट का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने यह संकल्प दोहराया कि संगठन भविष्य में भी स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला-शिशु कल्याण और मानवीय सेवा से जुड़े कार्यों में निरंतर सक्रिय रहेगा। ट्रस्ट का लक्ष्य समाज के प्रत्येक जरूरतमंद वर्ग तक सेवा, सम्मान और अधिकारों की भावना को पहुँचाना है।
निष्कर्ष
ग्वालियर स्थित सरकारी अस्पताल में आयोजित यह सेवा कार्यक्रम भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की सामाजिक प्रतिबद्धता, नारी शक्ति और मानवीय मूल्यों का सशक्त उदाहरण है। ऐसे प्रयास न केवल जरूरतमंदों को राहत देते हैं, बल्कि समाज में करुणा, सहयोग और मानवाधिकारों के प्रति विश्वास को भी मजबूत करते हैं।

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