गोटमार मेला परंपरागत स्वरूप में होगा आयोजित, गोफन चलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने शांति समिति की बैठक में दिए निर्देश, सुरक्षा के साथ चिकित्सा, यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष जोर
पांढुर्णा, 2 सितंबर। आगामी 11 सितंबर को आयोजित होने वाले प्रसिद्ध गोटमार मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मेले की व्यवस्थाओं को लेकर बुधवार को लक्ष्मी स्मृति भवन में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने की।
बैठक में दोनों पक्षों के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और पत्रकारों ने मेले से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर अपने सुझाव रखे। कलेक्टर ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।
परंपरा के अनुसार ही होगा गोटमार मेला
कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष गोटमार मेला पूर्व से चली आ रही परंपरा के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। मेले के स्वरूप में अनावश्यक बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कुछ सख्त उपाय लागू करने का निर्णय लिया है।
कलेक्टर ने विशेष रूप से कहा कि गोफन का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गोफन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने मेले में आने वाले नागरिकों से अपील की कि वे उत्सव और परंपरा में सहभागिता करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। कलेक्टर ने कहा कि जीवन अनमोल है और हर व्यक्ति को अपने परिवार की जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित तरीके से मेले में शामिल होना चाहिए।
सीसीटीवी और ड्रोन से रहेगी पैनी नजर
मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करने के साथ ही मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखने की तैयारी की गई है।
भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने, संवेदनशील स्थानों की निगरानी करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटने के लिए पुलिस एवं प्रशासन की टीमें सक्रिय रहेंगी।
इसके अलावा मेला स्थल पर प्रवेश और निकासी के मार्गों को व्यवस्थित करने तथा भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।

पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक में मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर विशेष चर्चा हुई। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को पर्याप्त पार्किंग स्थलों को पहले से चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।
मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और नागरिकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने की योजना बनाई जा रही है। मुख्य मार्गों पर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने, इसके लिए यातायात पुलिस और प्रशासन द्वारा आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे।
नागरिकों की ओर से भी मोटर वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने और मेला क्षेत्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के सुझाव दिए गए।
शराब की बिक्री पर रोक लगाने का सुझाव
शांति समिति की बैठक में नागरिकों ने मेले के दिन शराब की बिक्री पर रोक लगाने का सुझाव भी दिया। इसके साथ ही मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा गोफन के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई।
कलेक्टर ने नागरिकों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रशासन का उद्देश्य है कि मेले में आने वाले लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
डॉक्टर और एंबुलेंस रहेंगी तैनात
गोटमार मेले के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है।
कलेक्टर ने पर्याप्त संख्या में चिकित्सकीय दल, प्राथमिक उपचार केंद्र और एंबुलेंस उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए नजदीकी अस्पतालों में भी आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि मेला क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था लगातार सक्रिय रहे और आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
फायर ब्रिगेड, पेयजल और बिजली व्यवस्था की भी समीक्षा
बैठक में आपातकालीन व्यवस्थाओं के तहत फायर ब्रिगेड की उपलब्धता को लेकर भी निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में पानी के टैंकर, पेयजल, विद्युत एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मेला स्थल पर साफ-सफाई बनाए रखने और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर प्रशासन का विशेष जोर रहेगा।
8 सितंबर को आयोजित होगा साप्ताहिक बाजार
इस वर्ष गोटमार मेला शुक्रवार, 11 सितंबर को आयोजित होगा। मेले के दिन बाजार और यातायात पर अतिरिक्त दबाव न पड़े, इसके लिए कलेक्टर ने नगर पालिका को साप्ताहिक बाजार की तारीख में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।
निर्देश के अनुसार साप्ताहिक बाजार अब मंगलवार, 8 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। नगर पालिका को व्यापारियों और आम नागरिकों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि साप्ताहिक बाजार को पहले आयोजित करने से मेले के दिन शहर और मेला क्षेत्र में भीड़ तथा यातायात का अतिरिक्त दबाव कम किया जा सकेगा।
11 सितंबर को जाम नदी के राधाकृष्ण मंदिर परिसर में मेला
गोटमार मेला इस वर्ष 11 सितंबर, शुक्रवार को जाम नदी के राधाकृष्ण मंदिर परिसर में आयोजित किया जाएगा। मेले को लेकर प्रशासन द्वारा सभी विभागों को अपनी-अपनी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को मेला स्थल का पूर्व निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण करने के लिए भी कहा गया है, ताकि आयोजन के दिन किसी प्रकार की कमी सामने न आए।
शांति और सुरक्षा बनाए रखने में नागरिकों से सहयोग की अपील
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि वे मेले की परंपरा और उत्सव में उत्साहपूर्वक शामिल हों, लेकिन कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से संबंधित नियमों का पालन भी करें।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना है। नागरिकों का सहयोग मिलने पर व्यवस्था को और बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
विशेष रूप से गोफन का इस्तेमाल नहीं करने और किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधि से दूर रहने की अपील की गई है।
बैठक में ये रहे मौजूद
शांति समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक चंद्रप्रकाश परिहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनकामना प्रसाद, अपर कलेक्टर ज्योति ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर नेहा सोनी, एसडीएम अलका एक्का, विधायक निलेश उइके, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप मोहोड़, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोड़े, सभापति उमेश उरकुड़े, प्रदीप जुननकर, विशाल जामसावली पदयात्रा समिति अध्यक्ष मनोज गुड़धे सहित संबंधित अधिकारी, जनप्रतिनिधि और पत्रकार उपस्थित रहे।
प्रशासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए गोटमार मेले की व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अब प्रशासन का फोकस मेले के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, यातायात, चिकित्सा, पार्किंग और नागरिक सुविधाओं को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने पर रहेगा।
रिपोर्टर: गिरधर चांडक
